लघुकथा : हौसलों की उड़ान
बोलते मम्मी से गले लिपट गई। मम्मी की आंखों में खुशी के आंसू निकल पड़े। उन्हें लगा कि आज उनकी मेहनत सफल हो गई। मम्मी (नविता जी) का मन अतीत की स्मृतियों में खो जाता है । अनन्या जब मात्र 10 महीने की थी तभी उसे दिमागी बुखार चढ़ जाता है। उसमे उसका अगर शरीर…
