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बादलों का बनना

लक्ष्मी कानोडिया         जब कभी हमें भगवान की जरूरत होती है तब हम ऊपर देखते हैं। परंतु हमें केवल बादल दिखाई देते हैं छोटे बड़े  गोल अनियमित गुच्छों की तरह और कभी-कभी पंखों की तरह  यह धरती का तापमान बनाए रखने में सहायता करते हैं और पूरे विश्व को जीवनदायिनी बारिश  से भिगो देते हैं।…

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डी.पी.आई.आई.टी. में राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह समपन्न

लाल बिहारी लाल  नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डी.पी.आई.आई.टी. विभाग द्वारा वाणिज्य  भवन,नई दिल्ली के सभागार में राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने की। इस कार्यक्रम में अपर सचिव एवं राजभाषा प्रभारी श्री राजीव सिंह ठाकुर, विभाग के विभिन्न संयुक्त सचिव,…

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सब निपट गए…… !

राजनीतिक सफरनामा                               सब निपट गए…… !                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव चुनाव निपट गए मतलब सब कुछ निपट गया । नियमानुसार चुनाव भी में भी कुछ लोग निपट गए और कुछ लोग निपटते-नपटते रह गए । जो बच गया उसने गहरी सांस ली पर जो निपट गए वे कई दिनों तक तो घर से ही नहीं…

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26जून अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

अपनों से प्रेम करो, गफलत से दूर रहो। नशे ने उजाड़ दी, कई जिंदगानियां। भूल गए फर्ज क्या, दूध का कर्ज क्या,  छाती से चिपका कर, गायी थी लोरियां । दुर्घटना ऐसी घटी, माता की छाती फटी , नशे ने माताओं की, उजाड़ दी गोंदियां । फेरे जब सात लिए, जन्मो को साथ भये,  सपने…

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गर्मी पर दोहे : दुष्यंत कुमार

बढ़ रही है गर्मी, द्वार खड़ी है मौत। न जागे गर नींद से, मनाओगे रोज शोक।।१।। काट जंगल वनों को, बन गए खुद यमराज। फँसोगे अपने जाल में, वरना आ जाओ बाज।।२।। नौतपा में दिखी गर्मी, याद आ गयी नानी। पता चला इस दौर में, कितना उपयोगी पानी।।३।। जीव जन्तु भी मर रहे, खुद सराबोर…

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स्योरिटी

                 रूपा के काॅलेज की छुट्टियाँ चल रही थीं। उसने सोचा की खाली समय में खाली बैठने से अच्छा है की कुछ काम ही कर लिया जाये।एक सहेली से बात करके दोनों ने एक प्राइवेट स्कूल में बात की और  फिर इन्टरव्यू के बाद  दोनों का ही उसी स्कूल में सैलेक्शन हो गया। दोनों ने…

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वेकोलि एवं नराकास (का-2) के सयुंक्त तत्वावधान में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन

सीएमडी ने किया “नमामि स्वतंत्रता सेनानी” पुस्तक का विमोचन वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) मुख्यालय तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) कार्यालय-2, नागपुर के सयुंक्त तत्वावधान में 07 जून 2024 को “राजभाषा कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री जे पी द्विवेदी, निदेशक तकनीकी (संचालन तथा योजना/परियोजना) श्री ए के सिंह तथा…

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लोग

लोग होते हैं जो ढूँढते हैं अपनी कमी दूसरों में। हँसते हैं झूठी हँसी छिपाते हैं अपनी दोहरी शख्स़ियत करते हैं दिखावा आदमीयत का। लोग नज़र आते हैं करते हुए काना-फूसी चुगली करते ज़हर उगलते मीठी ज़बान से। लोगों की किस्मों का ही तो भरम है करें किससे प्रेम भरोसा करें किस पर झूठ ओढ़े…

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तितली के पंख : अरुण कुमार शर्मा

क्या, तितली के पंख को तुमने, हाथ लगा कर देखा है , जिसपर वो मंडराती है, उस फल को खाते देखा है ! क्या देखी है “अरुण” कभी, तनहाई सूरज की बोलो , क्या तुमने रवि की किरणों को, पास से जाकर देखा है! चंदा हँसता है खिलकर, और तारे मुसकाते तो हैं , मुझे…

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परछाईं

घर में प्रवेश करते ही त्रिशा माँ से लिपट कर उत्साह से चहक उठी ‘माँ मेरा प्रमोशन हो गयाl’ मिठाई का एक टुकड़ा माँ के मुँह में डाल मिश्राजी के सीने से लग कर उनका मुँह मीठा करते हुए उसने कहा ‘पापा आपके आशीर्वाद से इंक्रीमेंट भी अच्छा मिला हैl’ पापा ने त्रिशा के सिर…

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