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विराट कवि सम्मेलन का सफल आयोजन

आप सभी को जानकर होगा कि कल दिनांक 5 मई रविवार को सुमित्रा देवी पब्लिक स्कूल सरस्वती एनक्लेव कादीपुर गुरुग्राम में एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें आए हुए कवियों ने हिंदी के उत्थान के लिए छात्र एवं छात्राओं में हिंदी के प्रति जागरूकता पैदा कर अपनी कविताओं के माध्यम से कार्यक्रम…

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विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए स्थिर सरकार जरूरी”: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘जब तक जीडीपी नहीं बढ़ेगी, हम अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा नहीं कर पाएंगे. हमें निवेश एवं सेवाओं को बढ़ाने, शैक्षणिक संस्थानों और लोगों को घर खरीदने एवं कारोबार शुरू करने के लिए धन की जरूरत होती है.’ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वर्ष…

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भारतीय सभ्यता सबसे प्राचीन और निरंतर विशाल विस्तार वाली : एनएसए डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सभ्यता “विशाल विस्तार” वाली सबसे पुरानी और निरंतर सभ्यताओं में से एक है। भारतीय इतिहास के बारे में कुछ सवाल थे, मगर किसी ने सवाल नहीं उठाया, यहां तक कि देश के निंदक ने भी नहीं। डोभाल ने नई दिल्ली में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन…

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भारत के नए नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी ने संभाला कार्यभार

संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को देश के 26वें नौसेना अध्यक्ष का प्रभार संभाल लिया। उन्होंने आर हरि कुमार के सेवानिवृत्त होने पर नौसेना प्रमुख का कार्यभार संभाला है। रीवा के सैनिक स्कूल के भूतपूर्व छात्र एडमिरल त्रिपाठी इससे पहले नौसेना के उप प्रमुख का पद संभाल रहे थे।…

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लड़कों के साथ बेड टच

मम्मी में स्कूल नहीं जाऊंगा, स्कूल नहीं जाऊंगा। छोटा सा बच्चा माधव नींद में चिल्ला रहा था। माधव की मम्मी नेहा को बड़ी विचित्र लगी उसकी यह हरकत। ऐसा तो पहले माधव ने कभी नहीं किया नींद में। माधव तो 5 साल से लगातार स्कूल जा रहा है। पढ़ने में भी खूब अच्छा है। कभी…

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अभ्युत्थानम्  धर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्…..

पंकज कुमार मिश्रा, मिडिया विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  महाभारत के बाद युधिष्ठिर आश्चर्य में डूब गए। धीमे स्वर में माधव से कहा – यह महाभारत क्यों हुआ ? जबकि वह स्वयं जानते थे कि श्री कृष्ण नहीं होते तो पाण्डु पुत्र भिखारी होते, जैसे 1985 से पहले कश्मीर में पंडित और 2014 से पहले…

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जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं,वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं

यदि आप अपनी योजना को सार्वजनिक कर दें, तो आप सामाजिक दबाव की वजह से उस पर अमल करने के लिए ज़्यादा समर्पित हो जाएँगे। योजना बताती है कि आदर्श परिस्थिति में क्या होना चाहिए। समीक्षा बताती है कि क्या हो रहा है और मनचाहा परिणाम पाने के लिए आपको क्या फेरबदल करना चाहिए। योजना…

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मैं शिव तो नहीं : महेंद्र शर्मा (हास्य कवि)

मैं शिव तो नहीं, जो पी जाऊं गम के हलाहल को। आंसुओं का अथाह सागर क्या कभी सूख पाएगा? कहने को सभी कहते हैं-दुख के पश्चात् सुख मिलता है, प्रत्येक रात प्रभात के समझ दम तोड़ देती है। रामायण में तुलसीदास ने लिख दिया है, ‘सब दिन होत न एक समाना। मैं नहीं मानता इस…

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तेरा क्या होगा कालिया…… ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

‘‘तेरा क्या होगा कालिया’’ कोई कह नहीं रहा है पर कहता हुआ सा दिखाई दे रहा है । चुनाव चल रहे हैं और चुनाव में ‘‘बोल वचन’’ भी चल रहे हैं और बोल वचनों का अंत ऐसी ही सोच के साथ होता है । आदमी बोलते समय सब कुछ भूल जाता है जो मन में…

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नृत्य केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह भावनाओं को व्यक्त करने की एक कला है

नृत्य एक कला है जो न केवल हमें शारीरिक रूप से सक्रिय रखने में मदद करती है बल्कि शब्दों का उपयोग किए बिना खुद को अभिव्यक्त करने में भी मदद करती है। कई भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य रूप संस्कृति, समाज, पौराणिक कथाओं और परंपराओं के बारे में संदेश फैलाने का एक लोकप्रिय माध्यम बने…

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