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भाषायी सम्पदा से परिपूर्ण भारतीय भाषाएँ

डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा भाषायी सम्पदा से परिपूर्ण भारतीय भाषाएँ हर काल और परिस्थिति में समृद्ध हैं। भारत के महान संतों, भक्ति कालीन कवियों, लोक-गायकों, मनीषी विद्वानों ने सभी भारतीय भाषाओं में ऐसा अद्भुत साहित्य सृजन किया जिसमें जगत कल्याण की भावना ने शब्द को ब्रह्म सिद्ध किया और आध्यात्मिक चेतना के स्तर तक पहुंचा दिया।…

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तुम फागुन ही फागुन हो

गूंथ लिया सारा बसंत अपने जूड़े में , मौसम कहता है तुम फागुन ही फागुन हो। होटों से लिपट लिपट मखमली हंसी तेरी, दूधिया कपोलों का चुंबन ले जाती है। झील के किनारों को काजल से बांधकर, पनीली सी पलकों में सांझ उतर आती है। महावरी पैरों से मेहंदी रचे हाथों तक, छू छू कर…

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