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यादे यूँ भी पुरानी चली आईं (गीत)

मन की बाते बताये तुम्हें क्याहै ये पहली मुहब्बत हमारीभले दिन थे वो गुजरे जमानेमीठी मीठी सी अग्न लगाई हम तो डरते हैं नजदीक आकेजान ले लो – ऐ जान हमारीकब से बैठे दबाये लबो कोकब से यारी है गम से हमारी चढगयी सर आसमाँ तकये नशीली रात खुमारीबजते घुघरू से आवाज आईदेखो कैसी चली…

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काव्य लेखन की कुंजी है “छंद विन्यास’ काव्य रूप : राजेश कुमार सिन्हा

एक ख्याति लब्ध शल्य चिकित्सक का कवितायें लिखना या दूसरे शब्दों में कहें तो सिर्फ कवितायें नहीं लिखना बल्कि छन्द पर आधारित कवितायें लिखने के लिए काव्य लेखन कुंजी के रुप में एक पुस्तक लिख देने को सही मायने में मणि कांचन संयोग कहा जा सकता है,जो विरले ही देखने को मिलता है।डा संजीव कुमार…

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अधिकारों की अहवेलना कितना जायज !

______ आपने चुनावों के वक्त  देखा होगा कि बातों और वादों  का मश्रफ क्या होता है !  चुनाव आने से पहले और चुनाव बीत जाने के छ माह बाद दो आपसी आभासी मित्र  फेसबुक पर वैचारिक मतभेद प्रकट करते दिख जाते है ,यहां तक कि गाली गलौज भी कर लेते है और तो और आपसी…

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योगासन बनाम दामासन

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मौसम में भले ही अभी गर्मी न आई हो पर पेट्रोल और डीजल की रोज बढ़ती कीमतों ने हाय-तौबा तो मचा ही रखी है । रोज दाम बढ़ रहे हैं । सुबह उठते ही सबसे पहिले यह पता करो कि ‘‘भैया आज पेट्रोल का भाव बिक रहा है..’’ । ऐसा तो नहीं कह…

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रब की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है

क़ुदरत के करिश्मों पे स्वामित्व जताता राख का अवशेष है ईश्वर की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है ✍️ आज हर तरफ अशाँति और अफ़रा तफ़री का माहौल है, क्यूँकि हर कोई अस्थायी संपत्ति और संबंधों पर अपना स्वामित्व जता कर खुद को महान साबित करने पर तुला है।महानता तो…

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महिला -दिवस

जमाने के साथ चले चलना तो कोई बात नही, आकाश की ऊँचाइयों को छुओ तो कोई बात बने। कोमल बनो तो बनो कोई बात नहीं, चट्टानों से टकराने की ताकत हो तो कोई बात बने। महिला दिवस मनाओ तो मनाया ही करो, हर दिवस को ये दिवस बनाओ तो कोई बात बने । सजे रहना…

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” रास्तों से मंज़िल तक”

ज़िन्दगी के दामन में फूल ही फूल नहीं हैं, कांटे भी हैं। यह मालूम तो था लेकिन जाना आज ही है। ख़्वाब देखना आसान है। किन्तु उस ख़्वाब को हकीकत बनाकर ज़मीन पर उतरना मुश्किल है। मैंने हिम्मत करके यह काम अपने हाथों में ले लिया। हर कीमत पर उसे पूरा करने की चेष्टा मेरे…

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ऋतुराज का आगमन

ऋतुराज के इस आगमन से खिली धरा, फैला उजास सृष्टि के कण कण में दिखता नित नया ही अब हुलास….. मन ने भँवर बांध तोड़े छोड़ बैठा हर प्रवास नव स्वप्न जीवित हो उठे दृष्टिगत है अब विभास….. प्रेम अनुभूति में भी है नवीन कल्पना का वास सब धुला व सजा है ज्यों आयोजन हो…

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अनूठा प्रेम

शानदार पार्टी चल रही है।पार्टी में कोने में खड़े एक शर्मीले लड़के अंकित की नज़र एक लड़की दीपाली पर है। उस लड़की पर, जो उस पार्टी में मौजूद सारी लड़कियों में सबसे ज्यादा खूबसूरत है। उसे उससे प्यार हो गया है लेकिन उसमें इतनी हिम्मत नहीं कि वह उससे जाकर बात कर सके। पार्टी में…

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*मेरे प्यारे भैया*

रत्नों में से एक रत्न है मेरा प्यारा भैया निष्काम भाव से करता रहे सेवा वो ओ मेरे कृष्ण कन्हैया बहनों के प्यार को ,माला में पिरोकर सुंदर माला बनाई जिसकी रक्षा करता है हरपल मेरा प्यारा भाई सभी के लिए मीठी मुस्कान उनके चेहरे पर रहती इतने सरल हृदय हैं वो पावन गंगा बहती…

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