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खाली ‘संदेश’ से बात नहीं बनेगी : मनमोहन शरण ‘शरण’

फरवरी माह जाते–जाते फाल्गुन माह में प्रवेश करा गया और ठंड कम होने लगी और गर्मी प्रारम्भ होने का संकेत देने लगी । आसमान से /धुंध हटी और मौसम साफ होने लगा । मौसम विभाग तो दिल्ली का मौसम फरवरी माह में पिछले 8–9 वर्षों से बेहतर है–साफ है – प्रदूषण के दृष्टिकोण से ।…

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सामाजिक संरचना की प्रासंगिकता :

प्राचीन भारतीय संस्कृति मूलतः अध्यात्मिक विकास पर आधारितएक विशेष सामाजिक वैविध्य को परिलक्षित करनेवाली संरचना थी। यह कोई निकट अतीतकी नहीं, वरन हजारों हजार वर्ष की सचेत मानसिकता के द्वारा संरचित हुई थी। अगर गम्भीरतापूर्वक विचार करें तो आज भी इसकी प्रासंगिकतासे इन्कार नहीं किया जा सकता।बहुत संभव है कि भविष्य भी इसकी सार्थकता  को…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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कविता : बिखरा बसंत

                                    समज्ञा स्थापक                                 गाडरवारा ढूंढ़ रही हूॅ बासंती बयार को सुना है पीली हो जाती है धरा सुना है मुसकुराने लगते हैं वृक्ष सुना है लाल हो जाते हैं टेसु सुना है बौराने लगते हैं आमपाली सुनी तो बहुत है बसंत कहानी इसलिए ही तो खोजती रहती हॅू अक्सर धरा से नभ तक…

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लोकसभा चुनाव के लिए आप ने दिल्ली से उतारे चार उम्मीदवार

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि सभी समीकरण और इंडिया अलायंस के साथ हुए गठबंधन को ध्यान में रखते हुए कैंडिडेट के नामों की घोषणा की गई है।कुलदीप कुमार को पूर्वी दिल्ली, सोमनाथ भारती को नई दिल्ली, सहीराम पहलवान को दक्षिणी दिल्ली और महाबल मिश्रा को…

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दोहरा चरित्र

कामवाली सुगना की लड़की का ब्याह था। उसने साहब जी के घर पर सबको आने का न्योता दिया। बड़ी मालकिन ने मदद के नाम पर कुछ नगदी और कुछ पुराने संदूक में रखे हुए आउट फैशन साड़ी, कपड़े, जेंट्स जोड़े और कुछ बर्तन सुगना को दे दिए। अहसान जताया अलग। शादी में कोई नहीं गया…

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व्यंग्य – कैशलेश होकर ये कहां आ गए हम….

मोबाइल आया घड़ी का ज़माना गया, लैपटॉप आया टेलीविजन का जमाना गया, एंड्राइड फोन आया रेडिओ का जमाना गया और अब तो हद ही हो गई ऑनलाइन पैमेंट आया बेचारे पर्स का जमाना गया। अति मॉडर्न दिखने के चक्कर में युवा वर्ग अपने पास कैश नहीं रखता। जो रखते भी हैं उनके पास खुल्ले पैसे…

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भारत ने युद्धग्रस्त गाजा की स्थिति पर ‘चिंता’ व्यक्त की

भारत ने गाजा में युद्ध को “बड़ी चिंता” का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि संघर्षों से उत्पन्न मानवीय संकट के लिए एक स्थायी समाधान की आवश्यकता है जो सबसे अधिक प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 55वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा…

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समुद्र की गहराई में ध्यान

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव अब पष्चिम बंगाल के संदेषखाली को भारत के लोग जानने ही लगे हैं, सारी दुनिया के जागरूक लोग भी जानने लगे हैं । जिस तरह से वहां के लोगों के साथ और वहां की महिलाओं के साथ अत्याचार किए गए उसका घिनौना रूप् सामने आ गया है । सत्ता के मद में चूर…

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डॉक्टर सरोजनी प्रीतम कहिन

ग्रास मुर्गे उदास होते हैं काकटेल में वे बलि का बकरा बनते हैं दिग्गज के ग्रास होते हैं रीेतिकाल छात्रों ने पूछा दरबारी कवियों के राजकीय सम्मान से अभिप्राय वे बोले साहित्य के दिग्गज सलामी देते हैं सूंड उठाये अनुरोध उन्होंने साहित्यिक समारोह के निमंत्रण पत्र भिजवाये लिखा आप साहित्य के दिग्गज-कृप्या अपनी गजगामिनी भी…

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