जलाओ री सखी मंगल दीप!
जलाओ री सखी मंगलदीप,आज घर आये हैं राजा राम।राह बुहारो ये महल सजाओ ,आयो शुभ घड़ी ये वर्षों बाद।फूलों का वन्दनवार लगाओ,आये हैं जग के ही तारनहार।जलाओ री सखी मंगलदीप——-।शुभ ये घड़ी शुभ गीत सुनाओ,मिलजुलकर सब नाचो गाओ।सदियों से इन्तजार था इसका,आयो शुभ दिन है वह आयो।पांव पखारो जी आरती गावो,झूमि उठे सकल संसार सखी।जलाओ…
