साधना पथ , (प्रथम भाग) पुस्तक का विमोचन
निर्णय ग्रंथों के प्रणेता, मिथिला विभूति, आर्य समाज के प्रकांड विद्वान् पण्डित शिव शंकर शर्मा काव्य तीर्थ जी से प्रभावित होकर दरभंगा जिले के कमतौल ग्राम में आर्य समाज की स्थापना हुई थी। आर्य समाज कमतौल के प्रधान जी मधुबनी जिले के श्री त्रिवेणी लाल जी के मामा जी थे । श्री त्रिवेणी लाल गुप्त जी भी आर्य समाज कमतौल के गतिविधियों में यदा कदा सम्मिलित होते रहते थे। पण्डित शिव शंकर शर्मा काव्य तीर्थ जी का देहावसान उनके दौभित्र, बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री, मधुबनी जिले के गंधवार ग्राम निवासी श्री दिगम्बर ठाकुर जी के कथनानुसार 1923 में हुआ था। अनुमान होता है कि श्री मान त्रिवेणी लाल गुप्त जी उनका दर्शन अवश्य किए रहे होंगे । साथ ही उनकी विद्वत्ता का लाभ भी उन्हें अवश्य प्राप्त हुआ होगा।
स्वर्गीय त्रिवेणी लाल गुप्त जी ने ही आर्य समाज मधुबनी की स्थापना 1925 में की थी। इसके शताब्दी समारोह पर दिनांक 16/11/2025 को विद्वानों के द्वारा,श्री सुशील मुनि द्वारा लिखित पुस्तक, साधना पथ ,का विमोचन किया गया।
आर्य समाज मधुबनी बिहार का शताब्दी समारोह
