गुरुग्राम: श्री झूलेलाल सेवा समिति, गुरुग्राम द्वारा सिंधी संस्कृति, कला और साहित्य को समर्पित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या “सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम” का आयोजन 5 जुलाई 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह मनमोहक कार्यक्रम शनिवार शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक अपैरल हाउस, सेक्टर 44, गुरुग्राम में आयोजित किया गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कला, साहित्य, नाटक और संगीत के माध्यम से सिंधी विरासत को जीवंत करना और नई पीढ़ी तक इसकी समृद्ध परंपराओं को पहुंचाना है। यह सिंधी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री महेश हिंगोरानी जी द्वारा पारंपरिक गणेश वंदना और माननीय अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। चेन्नई से आए अतिथि श्री श्याम नारायण जी, श्री शम्भू जी, डॉ नंदलाल जोतवानी जी, श्री हरि असवानी जी, श्री शंकर मुलवानी, श्री श्रीकांत भाटिया, वरिष्ठ पत्रकार व समाज सेविका श्रीमती अंजलि तुलसियानी, गोविंद पहिलाजानी, राजेश असवानी, विनोद पहिलाजानी व किशोर मंगलानी ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
इस अवसर पर कला और संस्कृति का बेजोड़ प्रदर्शन देखने को मिला। कथक गुरु घनश्याम गंगानी जी की शिष्या कनिका और दीपाली ने पारंपरिक कथक प्रस्तुत किया। चंदना अग्रवाल जी ने महिला मुक्ति पर एक प्रभावशाली कथक रचना प्रस्तुत की। श्री झूलेलाल सेवा समिति की महिला विंग द्वारा सिंधी नृत्य छेज भारतीय संस्कृति का एक सराहनीय संगम था। महिला विंग की तरफ़ से कांता मंगलानी जी, कविता अंबवानी जी, कंचन जी, मोना सवलानी, जीविका, अंजू जी, पलक, नैनी, हर्षिता, मेघा, अंजना, चित्रा, पीहू और दीप्ति ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
दर्शकों को कीर्ति ज्ञानचंदानी द्वारा स्क्रिप्ट एडाप्टेड व निर्देशित लघु नाटक “हिक अनोखी शर्त” देखने का अवसर मिला, जिसमें एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश निहित था। दिल्ली से आए कलाकारों, जिनमें कीर्ति, लीना, गौतम, नवीन यजुर्वेदी, दिव्या, नंदिनी, जया, मोहन ताहिलियानी, देश कुमार और श्री शंभु जी शामिल थे, ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को प्रभावित किया।
अंजू मनोज और पलक ने सिंधी स्किट्स प्रस्तुत किए। श्री शंकर मुलवानी जी ने सोलो कॉमेडी एक्ट से सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर दी। छवि और डॉली द्वारा सुंदर नृत्य व मधुर सिंधी गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर लेखक शिव कुमार नैनवानी की पुस्तक “देव भूमि” का विमोचन भी किया गया, जो साहित्य में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
श्री झूलेलाल सेवा समिति द्वारा पहली बार दो लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिए गए। प्रतिष्ठित समाज सेवक श्री शम्भू जयसिंघानी जी और रिटायर्ड विंग कमांडर डॉ नंदलाल जोतवानी जी को सादर सम्मानित किया गया।
बदलते समय में माताओं की वेशभूषा में आए परिवर्तनों को भी नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसमें महिला विंग की सदस्याएं सरिता विरमानी जी, प्रिया दलवानी जी, चंद्रकांता साहनी जी, कंचन लालवानी जी, आशा पहलाजानी जी और अनीता शिवनानी जी ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष विनोद पहिलाजानी ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्री झूलेलाल सेवा समिति, गुरुग्राम की अब तक की यात्रा और भविष्य के विज़न से सभी को अवगत कराया। इस दौरान आर्किटेक्ट उर्वशी पहिलाजानी का श्रीमती कंचन लालवानी जी ने सम्मान किया। उपाध्यक्षा श्रीमती अनीता शिवनानी जी ने न केवल अभूतपूर्व तरीके से मंच का संचालन किया, बल्कि अपने मधुर अंदाज़ में गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
महा सचिव श्री किशोर मंगलानी जी ने सभी दर्शकों, प्रतिभागियों, मीडिया, विशिष्ट अतिथियों और प्रायोजकों का धन्यवाद किया। श्री सुनील चंदवानी और श्री विकास चंदवानी जी ने अतिथियों का आवभगत किया और पूर्ण जलपान की व्यवस्था के साथ सभी को यादगार भेंट दी।
सभी सिंधी बंधुओं और कला प्रेमियों ने सपरिवार इस अद्वितीय कार्यक्रम में उपस्थित होकर सिंधी संस्कृति के इस उत्सव का आनंद लिया।
इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए नटराज स्टूडियो ने फोटो और वीडियो शूट की। श्री राजन लालवानी जी और श्री गौतम लालवानी जी का श्री श्याम नारायण जी और श्री विनोद पहिलाजानी जी ने सम्मान किया और आभार व्यक्त किया। यूथ विंग की टेक्निकल टीम के सदस्य राघव, सर्वेश और मंजिष्ठा पाहिलजानी ने इस आयोजन की भव्यता और सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह “सुहिणी शाम सिंधियत जे नाम” न केवल मनोरंजन का एक साधन बना, बल्कि सिंधी समाज में एकता, संस्कृति और साहित्यिक चेतना को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ।
