कविता और कहानी
मेरा भारत महान
पारमिता षड़ंगीले जा…. तुझे लेना हैसिर को मेरे … कितने बारशहिद होने के लिए, में तोआऊंगा बार-बार, गोलि खाई छाति मेंनौ महीने की गर्भवती स्त्रीन मुझे कोई दुःख थान उसकी आंखों में आंसू थींगर्भ में बेटा मेरा ,सलाम मुद्रा में तैर रहा था कल वो पिताअपने बेटे को कन्धे में लियाआंखें तो आंसुओं में भरा…
हमारा राष्ट्र निशान (कविता)
हमारा प्यारा राष्ट्र निशानलाल किले पर फहर रहा है वो भारत की शानहमारा प्यारा राष्ट्र निशानइसकेे नीचे आजादी की हमनें लड़ी लड़ाईजिसके कारण अंग्रेजों को लैनी पड़ी विदाईये भारत की आन बान है ये भारत की शान हमारा प्यारा राष्ट्र निशानभारत के उन्नत मस्तक का यह है प्रथम प्रतीकरहे एकता पूर्ण देश में यह देता…
यह मेरा देश भारत है पावन पुनीत
ब्रह्म लेता जहां पर अवतार है।देवगण भी सदा गाते हैं जिसका गीत।यह मेरा देश भारत है पावन पुनीत।। मर्यादा सिखाते जहां राम हैं।हैं चुराते जहां कृष्ण नवनीत।यह मेरा देश भारत है पावन पुनीत।। पूजते हैं जहां वृक्ष नदियों को भी।आदि शक्ति का मिलकर गाते हैं गीत।यह मेरा देश भारत है पावन पुनीत।। है तपस्या कठिन…
मेरा हिन्दुस्तान
आसमान से ऊंचे कद का भारत मां का गौरवशीशे पे जिसके कश्मीर और दिल में सुन्दर वैभवजनजन के होठों पे खिलती वीरो की गाथा होकदमों में गंगा हो – लहराता तिरंगा हो पाँच तत्व से बन जाती है इसकी शौर्य कहानीअग्नि जल पृथ्वी आकाश और हवा अभिमानीभगत सुभाष गांधी के संग लक्ष्मी की गाथा होकदमों…
भारत के वीर पुत्र को नमन हमारा है
जय माँ भारती , माँ भारती, जय माँ भारती….. (1)माँ भारती का लाल जब सरहद पर लड़ने जाता है।उड़ उड़ के मिट्टी बदन को चूमे दुश्मन भी थर्राता है।ऐसे भारत के वीर पुत्र को नमन हमारा है…… (2)सीना तान के माँ मस्तक पर शौर्य तिलक करती है।वीर सिपाही जब घर से विजय पताका लेके चलता…
गणतन्त्र दिवस
ले कर पैगाम आज़ादी गणतन्त्र दिवस आया आजजाता रहा वतन के चेहरे से गुहन आजसच हो के रहा बापू का सपना आजहै सामने मन्जिलकल से भी कठिन आजजायज़ नही आपस मेदिलो की शिकन आजसंगम यह हैगंगा जमना का मिलन आजअब हर तरफ दिवाली के दीपकचमके आजईद की खुशी से हर चेहरे दमके आजवह जौहर,आज़ाद,सुभाषऔर पटेलजिनके…
दो-दो हिन्दुस्तान
लाज तिरंगें की रहे, बस इतना अरमान ।मरते दम तक मैं रखूँ, दिल में हिन्दुस्तान ।।●●●बच पाए कैसे भला, अपना हिन्दुस्तान ।बेच रहे हैं खेत को, आये रोज किसान ।।●●●आधा भूखा है मरे, आधा ले पकवान ।एक देश में देखिये, दो-दो हिन्दुस्तान ।।●●●सरहद पर जांबाज़ जब, जागे सारी रात ।सो पाते हम चैन से, रह…
हर युग में बापू आप है जरूरी
राजनीति ने हमको सरहद की लकीरों में बांटा,हिंसा के जानवरों ने हमको बुरी तरह काटा,आज के हैवानों ने आदर्शों के मुंह पर मारा चांटा,बापू आपकी कमी कोई नहीं कर सकता है पूरी,हर युग में बापू आप है जरूरी।तोड़ा आपने हमेशा जाति का बंधन,इश्वर एक है तुम करो उसका वंदन,आपने लगाया हर इंसान को प्यार का…
“नव्य भारत”
ये गण का तंत्र, कैसा हो गया मन का मंत्र, हरेक जप रहा नव्य भारत ऐसा हो कि सारा गणतंत्र जागरूक… अन्तर्मन दहके ज्वाला सा मुख मचा हाहाकर.. सेंध लगा नियमों में लोकतंत्र के नाम मजाक बनाया समेटा था बहुत जा रहा बिखर – बिखर हर कोई सोच रहा अपनी – अपनी… नव्य भारत ऐसा…
