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On this International Yoga Day

Spirituality and YOGA are T​he secret of ‘soul’ satisfaction With our profound devotion, ​A​nd total self determination. Achievements of life, lie in the real renunciation, Miraculous approach through regular meditation, Ideally it is the best training ​F​or the life’s perfection. Prayers and Prayanayam are ​The paths to Almighty, And accepting and appreciating His unlimited Authority,…

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बदलना है तो खुद को बदलो

हमारे आस पास कुछ न कुछ ऐसा घटता ही रहता है जो हमें पसंद नहीं आता है। ऐसे लोगों से मुलाकात होती ही रहती है जिनकी हरकतें हमें विचलित कर देती हैं। ऐसे लोगों की वाणी, विचार और कर्म केवल दुख ही देते हैं। तब अनायास ही मन में यह विचार आता है कि कितना…

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पर्यावरणीय गीत- प्रदूषण का नंगा दानव

लाल बिहारी लाल प्रदूषण का नंगा दानव नाच रहा है दुनिया मेंइस दानव को रोको वरना आग लगेगी दुनिया मेंप्रदूषण का नंगा दानव…….. रो रही है धरती मैया, रो रहा आसमान हैवन धरा से सिमट रहे है, मिट रही पहचान हैमीठा जहर नित घूल रहा है स्वच्छ निर्मल पनिया मेंप्रदूषण का नंगा दानव…….. जल,थल पवन और गगन सभी…

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साहित्य टी. वी. ने मनाया पहली बर्षगांठ

लाल बिहारी लाल नीरज पांडे नई दिल्ली। आज देश करोना महामारी से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए सबसे पहले लाँक डाउन का सहारा लिया गया। लोग अचानक घरों में कैद हो गये। ऐसे में साहित्यकारों के सकारात्मक सोंच को बढ़ावा देने और रचनात्मक लेखनी को देश दुनिया में पहुँचाने के उदेश्य से 18…

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दादी का दर्द

हंसो दादी लगभग 70 वर्ष की थीं।वह अपने पोते के साथ शहर में एक छोटे से मकान में रहती थीं।जिसमें एक ही कमरा था।दादी के साथ उनका पोता निखिल रहता था। वह अपने बेटे बहू को खो चुकी थीं।दादी को कुछ पैसे पति की पेंशन से मिलते थे।दादी कीपैड मोबाइल चलाया करती थीं।निखिल की जिद…

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हर बार जीतना जरूरी नहीं है

हर बार जीतना जरूरी नहीं है कभी-कभार हार भी जाया करो। सारी बाजियों में दिमाग का काम नहीं होता, कभी दिल भी लगाया करो।। और हमें यूँ  टकटकी लगा कर ना देखते रहा करो। कभी-कभार अपनी पलकों को भी झपकाया करो।। दोस्त, तमाम उम्र किसी का साथ तुम ना दिया करो। नए पंछियों को खुद…

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लघुकथा “माघी पूर्णिमा”

माघी पूर्णिमा था।युगल बाबू अपनी पत्नी के साथ गंगा नहाने की योजना को साकार करने घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे।धार्मिकता से रोम-रोम में डूबी पत्नी बहुत खुश थी।अपना साड़ी कपड़ा एक झोले में रख याद कर पूजा का सभी सामान अन्य झोले में रख एक तांबा का लौटा खोजने लगी।तभी उनका प्यारा…

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टूटती उम्मीदों की उम्मीद

इतनी वेदना इतनी बेबसी इतनी लाचारी के बाद थोड़ी सी जगने लगी थी देख कम होते तेज़ी से बढ़ रहे आँकड़े, अस्पताल की कम हुई मारामारी ऑक्सीजन की किल्लत से राहत मौत में भी कमी इस तरह टूटती उम्मीदों की उम्मीद लगी थी बंधने अब सुधर जाएंगे हालात पर मानो हालात ने फिर दी चोट…

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कैसे

कैसे गीत गजल कविता के छंदों का विस्तार करूं । भय से विस्फारित जब आंखें ,कैसे उनसे प्यार करूं ।। घायल मन , निर्बल है तन, चेतना शून्य कुंठित विचार । प्रलयंकारी बाढ़ -वेदना का कैसे प्रतिकार करूं ।। 1 जिसको खुद उपचार चाहिए वह प्रियजन की चिता जलाता। अंधकार है गहन सूझता नहीं किरण…

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अनुत्तरित प्रश्न

आज भारत ही नहीं पूरा विश्व ही इस कोरोना के चपेट  में आया  हुआ है। कितने घरों से तो पूरा परिवार  ही साफ हो गया । कितने लोग ऐसे भी हैं जो मंहगी दवाइयाँ खरीदते खरीदते बर्बाद हो गये, किसी के जेवर बिके तो किसी के मकान और दुकान तक बिक गये वह भी कौड़ियों…

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