कविता और कहानी
विवाह
विधा:-कविता युगल बिताने अपना जीवन, बंधन में बॅंध जाते हैं। हर विवाह की रीति यही है, पति-पत्नी कहलाते हैं॥ धर्म विधान मान्यता पालन, निज समाज का संग रहे। हक सह दायित्वों का संगम, पत्नी का पति अंग रहे॥ नहीं अनैतिकता का पोषक, सुखी शांति उद्देश्य रहे। अत्याचार कमी हो जीवन, मेल-जोल का भाव रहे॥ निर्वाहन…
बसंत : डॉक्टर सरला
आयो बसंत मधुमाह सखी , सब ओर सुहानी ऋतु छाई । वृक्षों ने नवपत्र किए धारण, कलियां धीरे से मुस्काईं । गीत सुनाती कोकिल देखो, भौंरे भी राग सुनाते हैं । अम्बर खुश है देखो कितना , देख धरा मुस्काई है । आयो बसंत मधुमाह सखी , सर्वत्र खुशी – सी छाई है । आम्रबौर …
वीणावादिनी नमोस्तुते
शारदे श्वेताम्बरावीणावादिनी नमोस्तुते शुभ्र मुकुट सरसिजश्वेतासनाविद्यादायिनी नमोस्तुते हस्ते पुस्तक स्फटिक माल्याशुभमति वरदे नमोस्तुते ब्रह्मा श्रीहरि रुद्र वन्दिताज्ञानदायिनी नमोस्तुते हरती तिमिर अज्ञान मूढ़तासृष्टि प्रकाशिनी नमोस्तुते पीत पुष्पमय पुलक वसंतादेवी सरस्वती नमोस्तुते | सीमा धूपरजबलपुर
सही परवरिश
बृजेश जी और उनकी पत्नी अनिता जी दोनों मिलजुल कर अपनी गृहस्थी चला रहे हैं। बृजेश जी एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरार हैं। स्कूल में भी बच्चों को अच्छी तरीके से पढ़ाते हैं बृजेश जी और अपने बच्चों पर भी उनकी परवरिश पर दोनों पति-पत्नी ने पूरा ध्यान दिया है। आज इन्हीं दंपति की मेहनत…
मर्यादा पुरुषोत्तम राम
श्रीराम ही मेरे शक्ति के दाता दर्शन मात्र से सारे सुख पाता। जब ध्यान लगाएं हरदम तुझमें पुनीत विचार सब समाए मुझमे। श्री राम की छवि बड़ी निराली कण -कण में समाई खुशहाली। सारा जग होता तुझसे ही रोशन प्राणी पाते धन धान्य और पोषण। सांस सांस में है बसा नाम तुम्हारा मर्यादा पुरुषोत्तम राम …
महिला सशक्तिकरण की दौड़ जीतती भारतीय रेलवे
(पुरुषों के गढ़ तोड़ने वाली “प्रथम महिलाओं” को पहचानने की आवश्यकता) कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियुक्तियों के नवीनतम दौर के साथ पहली बार रेलवे बोर्ड में महिलाएँ ड्राइवर की सीट पर हैं। कांच की छत को तोड़ते हुए, रेलवे बोर्ड का नेतृत्व पहले से ही एक महिला द्वारा किया जा रहा है, अब संचालन और व्यवसाय…
विश्व हिंदी दिवस को समर्पित पंक्तियां
डॉक्टर सुधीर सिंह जी (शेखपुरा, बिहार ) हिंद और हिंदी हिंदुस्तानी की पहचान है,वही हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की जान है।हिंदी की श्रेष्ठता को संसार स्वीकार कर,सरेआम कह रहा है हिन्दुस्तान महान है। भाषाअभिलाषा को कार्यान्वित करती है,उससे ही व्यक्तित्व का विकास होता है।हिंदी की भव्यता ही भारत का भविष्य है,इसलिए वह हमारी प्यारी राष्ट्रभाषा है।…
प्रिय सेवानिवृत्त या वरिष्ठजन :
हम लोग वरिष्ठ नागरिक स्वरूप 55 से 60 के उस पार एक शानदार उम्र के दौर में हैं । शायद हम लोग उम्र के इस मोड़ पर भी बहुत खूबसूरत दिखते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है । हमारे पास लगभग वह सब कुछ है जो हम बचपन में चाहते थे । हम स्कूल…
