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” सेवाराम”

अर्चना त्यागी (जोधपुर , राजस्थान ) अपने गांव गए हुए दो साल से अधिक समय हो चुका था। काम की व्यस्तता के चलते जा ही नहीं पा रहा था। रह रह कर गांव की पगडंडी जैसे पुकार रही थी मुझे। आम के बाग, खेत खलिहान सभी जैसे आवाज लगा रहे थे। घर से बहुत दूर…

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कोरोना विनाशक दोहे

आधा नीबू काटकर गरम नीर में डाल,विटामिन सी जाय बढ़ पीतेही तत्कालअदरक घीगुड डाल के गोलीलेउबनायदिनमे निश्चित रूपसे तीनबारनितखायगर्म दूधहल्दी मिलाकर पीए जो व्यक्तिडरेकोरोना देखकरउसकीहिम्मत शक्तिगर्मनीरका भापले कम-सेकम इकबारकोरोनाके कहरमे बिना खर्च उपचार।विटामिन बी केलिए खाएं गोभी पातहरीसब्जिया देतहै आयरनडीअनुपातप्रातः उठकर धूपमे हरदिन बैठे आप,ऊर्जा मिलतीहै स्वतः मिटेगाते संतापदलचीनीअदरकलौग अश्वगंधागिलोयतुलसीहल्दीमुरेठी गुडअजवानमिलोयखूबउबालो औरफिर लेलो अर्कबनायखजूरबदाम अखरोट…

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खामोश

मै मंहगाई हूँतेरी कमर तोड़ने आई हूँकर ले तू लाख जतनलूट के रहूँगी तेरा अमनमेरा तुझसे रिश्ता पुराना हैतू मुझे बुलाये न बुलायेमुझे तो तेरे घर आना हैतेरी ज़िंदगी पे तो मेरा हक़सौफ़ीसदी मालिकाना हैमै डंके की चोट पे कहती हूँकोई क्या कर लेगा मेरामै अकेली नहीं हूँजमाखोरियों/कालाबाज़ारियों/सटोरियोंसे रिश्ता पुराना है मेरामै इनकी छत्र छाया…

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मजाक करने में गजब का मजा है

डॉक्टर सुधीर सिंह मजाक करने में गजब का मजा है,वशर्ते कि  मजाक मे मन मिला हो.मजा के लिए बस मजाक कीजिए,कहीं नहीं  उसमें गिला-शिकवा हो. मजाक करने में जीवन का मजा है,उस मजा का भरपूर  मजा लीजिए.मजाक का लहजा  जो  समझते हैं,उनके साथ ही  मजाक भी कीजिए. मजाक मन को हराभरा कर देता है,आत्मीयजनों का…

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(लघुकथा) बौद्धिक विकास की कमतरी

ओ यार!  क्या तूने सुना कि फलां फ़िल्म के हीरो ने आत्महत्या कर ली !”     “हाँ , यार मैं तो देखते ही शॉक्ड हो गया ।” फोन पर बात करते हुए अर्णव अपने मित्र अर्जुन से बोला।     “अरे यार! पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ, लगा कि ये फेक न्यूज है, पर यार…

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जीवन का आनँद होने न पाए मँद

(कविता मल्होत्रा) दिशाहीन दौड़ मत दौड़ोअपनों का हाथ मत छोड़ो✍️जैसे-जैसे लॉकडाऊन खुलने लगा है, वैसे-वैसे मार-काट, चोरी-डकैती और आपसी भेदभाव के सर्प सर उठाने लगे हैं।कोरोना-काल के इतने बड़े बवंडर के बाद भी लोगों को अराधना का साफ आसमान दिखाई नहीं पड़ रहा है।क्या दीप जला कर मंत्रोच्चारण करने से ही ईश्वर की अराधना संपूर्ण…

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आया सावन

मयूर जब बोलेगा चातक मुंह खोलेगा आयेगी मस्त फुहारें चहुंओर रहेगी बहारें झींगर जब टेर लगाये दादुर वक्ता बन जाये दीखे पानी ही पानी मेघों पर आये जवानी कोयल जब राग सुनाये बादल जब नाद बजाये झरने की कल-कल छल-छल रंग बदले प्रकृति पल-पल प्रकृति का होगा ऐसा दामन तब समझो आया सावन                                   –…

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आपका ध्यान किधर है?

जी हां जनाब, आपका ध्यान किधर है? शायद कहीं और ही व्यस्त हैं आप, तो चलिए जरा आपका ध्यान आपकी ‘व्यस्तता’ से थोड़ी ‘सैर’ पर ले चलते हैं, आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगी l तो जनाब हुआ यूं  कि बड़े बाजार की सबसे बड़ी कपड़ा दुकान के सेठ जी ने बड़ी तेज तर्रारी के…

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उचित फीस

लॉक डाउन के समय में अपने बच्चों की पढ़ाई खराब होने का डर शर्मा जी को लगातार हो रहा था।फिर कुछ खबर आई कि बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन होगी।अब शर्मा जी को कुछ तस्सली हुई।उन्हें लगा शायद अब बच्चों का 1 साल खराब होने से बच जाएगा।ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही…

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जिन्दगी

जिंदगी ,तेरे कितने रूप कभी बल खाती नदिया की तरह बेबाक बेखौफ आगे बढ़ती जाती है । तो कभी डर सहम कर थम सी जाती है । कभी तपती है जेठ की दुपहरी सी तो कभी बरसती है सावन की फुहारों सी। जिंदगी ,तू कभी एक सी नहीं रहती पतझड़ के आते ही गुमसुम हो…

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