कविता और कहानी
कोरोना का कहर सताता
शीर्षक-कोरोना का कहर सताता देखो कोई आता न जाताकोराना का कहर सताता..यूँ शहरों में पसरा सन्नाटाभूल से भी भूला न जाता.. न मिलो किसी से न हाथ मिलाओदूर-दूर रहकर हर राब्ता निभाओये बुरा वक़्त ही तो पहचान कराताअपने और परायों में भेद बताताकोरोना का कहर सताता.. हैण्डशेक के रीति-रिवाज विफल हैकरबद्ध नमन की संस्कृति सफ़ल…
जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं
Doctor Sudhir Singh जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं,‘होम शेल्टर’ का सहारा ले लें.घर-गांव आने की हड़बड़ी में,‘कोरोना’का खतरा बढ़ने न दें.सबों की अपनी जिम्मेवारी है,उससे हमलोग मुँह नहीं मोड़ें.देश आपात स्थिति में खड़ा है,हर प्रकार से सब सहयोग करें.वक्त कभी भी ढहरता नहीं है,आकर तेजी से गुजर जाता है.‘कोरोना’ भी जाएगा जरूर ही,जागरुक…
राम का नया स्कूल
राम एक नवी कक्षा का विद्यार्थी है और हमेशा से पढ़ने लिखने में बहुत ही अच्छे दिमाग का रहा है।आठवी कक्षा तक उसकी अटेंडेंस हमेशा पूरी रहती थी और उसकी पिछली कक्षा आठवीं में तो उसकी अटेंडेंस लगभग 97% थी। इससे उसकी टीचर भी उससे बहुत…
आज विश्व में आई विपदा चारों ओर है त्राहिमाम
आज विश्व में आई विपदा चारों ओर है त्राहिमामचीनी भाई ने दिया कोरोना जिसने मुसीबत में डाली है जान आज युद्ध की घड़ी है आयी पर तैयार खड़ा है हिंदुस्तानबहनों – भाईयों न घबड़ाओ होशो-हवाश से लो सब काम माना वैरी है बड़ा बलशाली पर हम भी हैं बुद्धिमानदें सफाई पर ध्यान हम खुद के,…
कोरोना अब सामूहिक संकट के समान है.
डॉक्टर सुधीर सिंह कोरोनाअब सामूहिक संकट के समान है.संकल्प और संयम ही उसका निदान है.कोरोना वायरस से दूरी बनाकर रहने से,कोई भी इंसान तब होता नहीं परेशान है.इस महामारी से बिल्कुल नहीं घबड़ाना है,घबड़ाहट इंसान को बुजदिल बना देता है.आदरणीय बूढ़े-बुजुर्गों ने हमें सिखाया है,संकट में विवेक और धीरज साथ देता है.कोरोना के संक्रमण से…
विश्व से कोरोना को निर्मूल करना है
कोरोना से सदा रहना है सावधान,सबके पास है इसका सरल निदान.स्वच्छ पानी से हाथ साफ कीजिए,चेहरे से यथासंभव हाथ दूर रखिए.खांसी-जुकाम का उपचार कीजिए,उसमें कभी लापरवाही न बरतिए.अपना परिवेश साफ-सुथरा रखिए,आसपास गंदगी फैलने न दीजिए.भूखा न रहिए; ताजा खाना खाइए,ठंढे खाद्य-पदार्थ से परहेज कीजिए.भीड़ वाली जगह से दूरी पर रहिए,स्वजन-परिजन से हाथ न मिलाइए.कोरोनाआपसे डरकर…
रंग ना लगाया करो
रंग जितने हो बेशक लगाया करो। चाहे जितना मुझे तुम सताया करो।। रोज खेलो भले मुझसे होली मगर। सामने सबके रंग न लगाया करो।। इस होली में घर तेरे आऊँ प्रिये। गोरे गालों पे, रंग मैं लगाऊँ प्रिये।। चाहे लहंगा और चुनरी पहिनना पड़े। चाहे तेरी सखी मुझको बनना पड़े।। सब करूँगा सनम मैं तुम्हारे…
उम्र का तकाज़ा है पर ज़िन्दा हैं अरमान अभी
“उम्र का तकाज़ा” है कि छोड़ दूँ तमाम सुखों की ख़्वाहिशें करना और साथ बढ़ती उम्र के बढ़ती ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दब पिस कर फ़ना कर दूँ हस्ती अपनी किसी भी आम इंसान की मानिंद… लेकिन ऐसा होगा क्या? मुमकिन तो नहीं सब की मर्ज़ी हो जो वही मर्ज़ी हो मेरी भी कैसे ख़त्म…
बचाव
कोरोना वायरस को ना बनने दें अभिशाप, जागरूकता-स्वच्छता ही सर्वोपरी बचाव। साधारण मास्क और सैनिटाइजर से, इसके संक्रमण को रोकें, आत्मसात कर लें, विशेषज्ञों के दिए गए सुझाव। रहता नहीं हवा में ये, रहता ये सतह पे। जगह- जगह पहुँचे ये, वस्तु-जीव पे रह के। पड़े धातु पे तो बारह घण्टे, कपड़े पे नौ घण्टे,…
