Latest Updates

बारीश कि बूंदें

मनीषा गुप्ता ‘मिशा’ छ्त पर पड़ती बारिश की बूंदे आज  जैसे  फिर राज को अतीत कि तरफ़ खींच रही थी। एक एक बुदं राज के दिल पर नश्तर कि तरह चुभ रही थी । बरसो जिन बुदों से पीछा  छुड़ा कर वो भाग रहा था आज वक्त  ने फिर उसको उसी जगह आने को मजबुर…

Read More

कौन बने शिव ?

बस्ती में अजीब सन्नाटा मरघट में कोलाहल ऐसा क्यों हो रहा जानकर भी हम सब अनजाने सद्ग्रन्थों को धरा ताक पर कर्म करें मनमाने यही दुराग्रह विष समाज में जगह-जगह पर फैला दिन-प्रतिदिन होता जाता है मानवअधिक विषैला झुलसातीं नित विष-ज्वालाएँ मानवता के तरु को कौन बने शिव? जो पी डाले सामाजिक हालाहल सभी व्यस्त…

Read More

।। देशद्रोहियों के सीने में गोली हो ।।

चारो तरफ मेरे देश भारत में देशभक्तों की टोली हो। हैं देशद्रोही जो भारत में बैठे उनके सीने में गोली हो। परमाणु बम से घातक पनपे आतंकवादी वायरस ये, जो भारत मुर्दाबाद कहे अब उनके खून से होली हो। टुकड़े गैंग अलगाववादियों को धरा से कुचल डालो, तन पर भगवा मन में राम मस्तक पर…

Read More

अल्फाज़

तू  वक़्त न यूँ  ज़ाया  कर  ,         अल्फाज़  मेरे समझने में  | दिल से सुन  ज़ज्बात मेरे   ,          देर ना क़र तू  समझने में  || वो बात क्या जो कहनी पड़े  ,       मै कुछ ना कहूं तू सब सुन भी ले || बात जो छुपी है दिल में        मज़ा क्या जुबाँ…

Read More

वक़्त लेता है परीक्षा

वक़्त लेता है परीक्षा वक़्त से आलाप कर लो, कार्य जो भी है अधूरा पूर्ण सारा कार्य कर लो, व्यर्थ कि क्यों है निराशा ख़ुद जलो दीपक की भांति, मिल न पायेगा तुम्हें कोई भी जग में तुम सा साथी! मौन सद्वृत्ति से पोषित है अगर अन्तःकरण में, हो नहीं सकती समस्या देह के जीवन…

Read More

काफल (एक सत्य कथा )

(ये बात एक सच्ची घटना पर आधरित एक सच्चा लेख है़ ! जिसको की मैने जब सुना तो इस घटना को लिखे बिना नहीं रह पाया ! वेसे तो यहाँ कई घटनाए कहानियो का रूप ले चुकी है़ ! मानकों द्वारा ये भी नहीं की कभी इस घटना को मुद्रित नहीं किया गया होगा !…

Read More

ऋतुराज

आए है ऋतुराजनंदन,करो अभिनंदन खिले खिले सब लगेंगे, होगा वन्दन।। प्रकृति नित रसपान करेगी, नये नये चोला गढेगी बढ जाएँगी सुन्दरता जब, यह परवान चढेगी  ।। नव सृजित फल आएँगे, सुन्दर बाग दिखेंगे बच्चो की टोली होगी, कोयल की बोली सुनेंगे। बसंत की हर बात निराली, झूमे मन मतवाली पवन भी होती मस्त मौला खूब…

Read More

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

एक ईश्वर,एक धरती,ये अम्बर  एक  हमारा  है। कहीं मंदिर कहीं मस्ज़िद कहीं  ईशु  सहारा   है।। क्यूँ बनते देशद्रोही तुम, करा कर नित नये दंगे। वतन जितना हमारा है वतन उतना तुम्हारा है।। बहा लो  खून अपनों  का न होगा कुछ तुम्हें हासिल पड़ोसी  देश  हँसता  है हमें कहकर , बेचारा है.।। कोई हिन्दू,कोई मुस्लिम कोई…

Read More

दीवाने हो दीवाने सा व्यवहार करते हो

सताते हो कभी मृदुल-मनुहार करते हो- दीवाने हो दीवाने सा व्यवहार करते हो.. नज़रिया कातिलाना अदाएं हैं निराली- अपनी बातों से दिल पर प्रहार करते हो.. लड़ते-झगड़ते हो पर साथ मेरा देते हो- लगे हरकतों से जैसे मुझे प्यार करते हो.. तेरी शरारत और चाहत मुझको भाती- मन पर जवां इश्क के आसार करते हो…..

Read More

खिसक रही है ज़मीं पाँव तले से

खिसक रही है ज़मीं पाँव तले से और खौफ ज़रा नहीं जलजले से । अजीब दौर है आ गया अब यारों खुदगर्जी फैल रही अच्छे भले से । न किसी को मतलब है किसी से न कोई लगाता किसी को गले से । वो तो नफरत से देगा हर जवाब पूछ रहे हो हाल गर…

Read More