Latest Updates

देशप्रेम

“निशि  मुझे आज ही जाना होगा , जल्दी से तैयारी करा दो ।” समर बोला।        “कैसे ,अभी कल ही तो आये हो और आज फिर जाना है ?” निशि का चेहरा उदास हो गया।    “यही तो हमारी वर्दी का कमाल है प्रिये,जब चाहे तब बुलावा आ जाता है ।आखिर जिम्मेदारी भी तो बड़ी…

Read More

सरदार वल्लभभाई पटेल

नमन  तुम्हें हम करते सरदार जन्म ले भारत भू पर पावन देश को किया देशहित नित्य कष्टों को झेला हवा  जेल की कई बार खाई. ईमानदारी,देश प्रेम रग- रग में समाया किसानों के बने नायक  सरदार कहलाए. नमन तुम्हे हम करते सरदार. हैदराबाद जूनागढ़ और कश्मीर के हठधर्मियों  को सबक सिखाया. बिना खून बहाए, एकजुट…

Read More

गजल : देवेन्द्र पाठक महरूम

पुरखों के गांव खेत बाग वन उजाड़कर फैलाओ न बदबू गड़े मुर्दे उखाड़कर अमरौती तो खाकर नहीं आये हो तुम यहां जाओगे तुम भी आखिरी कपड़ा उतारकर हम हैं तबाह अपने भी हैं तुमसे परेशां हालात रख दिया जो बेतरह बिगाड़कर कैसी हमारी जिंदगी गांवों में आज भी दो दिन हमारे साथ देखना गुजारकर चुप…

Read More

भिखारी

भिखारी होनाआसान नहींरखना पड़ता है गिरवीअपना अहमअभिमानमान सम्मानको मिटाकर वाणी में रखनी पड़ती हैमिठास कुछ भी कहे लोगतब भी रखनी पड़ती हैदीनताशरीर में लानी पड़ती हैमालिनताआंखों में बेबसीलाचारी याकोई दैहिक अपंगता शरीर के साथ मनको भी अकर्मण्यबनाना पड़ता हैरखना पड़ता है भरोसाभाग्य पर कभी मिल जाता हैबहुत कुछकभी-कभीपड़ जाते हैं फाखेकभी हालात बना देते हैंदेते…

Read More

 रावण सावधान ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा फिर रावण को मारने की तैयारी है । नवरात्रि में विराजी माॅ दुर्गा के प्रति अगाध श्रद्धा और भक्ति ने सारे देश को धार्मिक कर दिया है । माॅ दुर्गा हमें शक्ति दें, माॅ दुर्गा हमारे जीवन में आए विषाद को हर लें । शक्ति की उपासना का यह महापर्व रावण के पुतले…

Read More

रेशमा   :  डॉ सरला सिंह स्निग्धा

   रेशमा एक बहुत ही सीधी-सादी लड़की थी । जहां उसके साथ की लड़कियां फ़ैशन ,टीवी और मोबाइल में लगी रहती थी वहीं वह उम्र से पहले ही बड़ी हो चुकी थी। रेशमा का पिता शराबी था वह दर्जी का काम किया करता था परन्तु सारी की सारी कमाई अय्याशी और शराब पर लुटा दिया…

Read More

सात फेरे

सात फेरे (नमस्कार प्रिय पाठकों (मित्रों) मेरे द्वारा लिखी यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक हैं । किसी भी व्यक्ति का नाम या कहानी का कोई क़िस्सा सयोंग ही होगा। कहानी के शीर्षक के आधार पर जो सात वचन मैंने लिए हैं वो वास्तविक हैं । कहानी का उद्देश्य समाज में महिलाओं की स्थिति को दर्शाना…

Read More

पावन शिक्षक दिवस पर समर्पित चंद शब्द-पुष्प:

कृष्णजैसा सारथी जब अर्जुन को मिला, युद्धभूमि में तब गीता का उद्घोष हुआ. तब एकआज्ञाकारी शिष्य सा था कुंतीपुत्र, गुरु के रूप में देवकीनंदनको आना पड़ा. अन्याय,अत्याचार और भयंकर भ्रष्टाचार; जब भी समाज में निर्बाधबढ़ने लगता है. गिरिधारी सा गुरु और पार्थ साविद्यार्थी, काल के कोख सेतबतुरंतपैदा होता है. बिगड़ती हुई व्यवस्था को पटरी परलाना,…

Read More

पंच से पक्षकार

          हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे। दोनों ने आपसी सहमति से रामनगर चौराहे वाली अपनी पैतृक जमीन पर दुकान बनाने का सोचा, ताकि उससे जो आय हो उससे उनका जीवन सुचारू रूप से चल सके।       दुकान का काम चल ही रहा था…

Read More

शिक्षक दिवस (गुरु पर) पर विशेष

लाल बिहारी लाल बिना गुरु ज्ञान जग में,ले ना पाया कोय।गुरु का जो मान रखा, जग बैरी ना होय।1। गुरु को गुरु की तरह, माने आज इंसान।उसका मान सभी करे,हरी करे कल्याण।2। गुरु ज्ञान की खान है,ले लो जितनी चाह।भला करे बस हर घड़ी,लाल खुलेगा राह।3। गुरु बिन जग में कुछ भी,पाना नहीं असान।गुरु करे…

Read More