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घमासान

क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट घुट के मार रहें हैं लोग या मर मर के जी रहे हैं लोग मासूमों के हाल बुरे हैं सपने देखने वाले सो कहां पा रहें हैं आग सैलाब की लपटों में जुलसे जा रहें हैं…

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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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सभी का भला हो सभी का भला हो

प्रभो!सद्बुद्धि दो उनको सभी का हो भला जग में। न कोई  विघ्न – बाधाएं   कभी आएं  मेरे   मग   में।।        जगत  के  जितने  प्राणी हैं                               सभी   को    आसरा   तेरा,        तुम्हीं  ने  एक  ही   पल में                               बिगड़ते   भाग्य  को   फेरा,         तुम्हारी  ही   कृपा  से सब                               जगत  का  काम  होता   है,        …

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रिश्ता आत्मा का-(चूड़ीवाला)

कहानी बहुत पुरानी है———। –मईयाँ—–मईयाँ—-। यह स्वर सुनते ही सुधा दौड़कर दरवाजे पर गयी।उसका हृदय खुशी से भर गया। दृष्टि हाथों की कलाईयों पर जा पड़ी। यह स्वर चूड़ीवाले काथा। माथे पर चूड़ियों कीटोकरी।कमर में चारखाने की रंगीन  लुंगीलपेटे वह दरवाजे पर आकर हाँक लगा रहा था।उसकी कमीज सफेद थी जिसकी पूरी बाहों को उसने…

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गर्मी की कुण्डलियाँ

अजय कुमार पाण्डेय 1 दिन सारा जलता लगे, लगे सुलगती शाम  रवि को कुछ इसके सिवा, और नहीं है काम और नहीं है काम, धूप में लगा तपाने बरसा के फिर आग, लगा औकात दिखाने न विद्युत है न नीर, जी रहे दिन गिन गिन सब प्राणी बेचैन, कठिन अब गर्मी के दिन। 2 जल…

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भावों को उकेरती हूँ मैं कवयित्री हूँ

युवा कवयित्री सरिता त्रिपाठी जी के फेसबुक पटल पर मैं कवयित्री हूँ शीर्षक पर आधारित काव्य गोष्ठी के चार एपिसोड का आयोजन सफल हुआ। जिसमे दिए हुए शीर्षक पर सभी प्रतिभाग करने वाली कवयित्रियों ने स्वरचित रचनाओं का अपनी वाणी में लाजबाब प्रस्तुति देकर सभी दर्शको का मन मोह लिया। एक ही शीर्षक पर जब…

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बँटवारा

        “भैया अम्मा की तबियत ठीक नहीं है आप भाभी और बच्चों को लेकर आ जाइए।” सुनील ने बड़े भाई  विकास को फोन किया तो उसकी आंखें भर आयीं थी । चार पाँच साल से गाँव में रहकर वह अकेले ही मां की सेवा कर रहा था। भाभी और स्वयं उसकी पत्नी भी शहर में…

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 पति-पत्नी और उम्र का फ़ासला! (लेख)

-डॉ.अरुणा कपूर                         रिश्तेदारी में ही एक शादी समारोह में शरीक होना पड़ा….पता चला कि दूल्हा 50 साल का है और दुल्हन 22 साल की है।…शादी भी आपसी रजामंदी से ही हो रही है।…वाह! …..हमारे भारतीय समाज में जब विवाह को ले कर चर्चा-विचारणाएं…

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द्रौपदी

चीर हरण के समय न पुकारना ईश्वर को क्योंकि तुम नहीं हो मात्र तन मत होना लज्जित वस्त्रों में छुपी अपनी यथार्थता के लिए तुमने पुरुष से आरम्भ कर पुरुष को जन्मा अवश्य है परन्तु तुम हो अधिकारिणी उन्हें दंडित करने के लिए भी अपने प्रश्नों को लेकर मत जाना कुरु जनों के पास उनके…

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कब्रिस्तान का रहस्य

सूरज अपने एक दोस्त की शादी में कानपुर जा रहा था। सूरज का बचपन वहीं गुजरा था अतः वहाँ के इलाके से बहुत कुछ परिचित भी था । उसके साथ इलाहाबाद से ही एक और मित्र भी था ।       “कानपुर आ गया।”  यह सुनकर दोनों दोस्त चौंक पड़े। वे आपस की बातों में  इतना…

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