कविता और कहानी
मानव उत्थान के संकल्प से बेहतर कोई विकल्प नहीं
कविता मल्होत्रा किसी भी देश की संस्कृति मन्नतों के धागों की आस्था पर नहीं बल्कि मानवीय उत्थान के संकल्पों पर चल कर ही दिव्यता की ओर अग्रसर होती है। ✍️ बांधे इस बार आशीष का धागा रहे न कोई भी मानव मन अभागा ✍️ लगभग दो वर्ष से समूचा विश्व महामारी के विध्वंसक परिणामों की…
स्वतंत्रता दिवस धिक्कार कर कहता है
डॉक्टर सुधीर सिंह आजाद भारत में आर्थिक आजादी नहीं, किंतु आजादी का ढिंढोरा लोग पीटते हैं। स्वतंत्रता दिवस धिक्कार कर कहता है, भारत में गुलाम सा गरीब क्यों रहते हैं? भ्रष्टाचार ने छीना है वंचितों की आजादी, गरीब कोऔर ज्यादा गरीब बना दिया है। भ्रष्टाचारियों के रूतबा का कहना क्या? गोरखधंधेवाजों का सम्मान बढ़ गया…
राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…
घर में सेंध लगाने की वे फिर करते तैयारी, पहरुये ! सावधान रहना। पश्चिम सीमा पर खतरा है,पूरब में मत डोल, अभी रात बाकी है कितनी धीरे- धीरे बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी, पहरुये ! सावधान रहना। तुमने कितने धोखे खाए विश्वासों में पड़कर, ये व्यापारी नहीं, न…
आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा
नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे 🌹☘️ जब तक सारी कायनात ना बदले तो सब बेकार जब तक अर्न्तमन ना स्वीकारे हर तरफ है हार हर तरक्की हर…
मेरे गोपाल : अर्चना त्यागी
एक छोटे से गांव में मोहन अपनी मां के साथ रहता था। एक छोटा सा खेत था उनके पास। उसमें फसल उगाकर मां मोहन की परवरिश कर रही थी। मोहन एक होनहार छात्र था। कक्षा में हमेशा प्रथम आता।मेहनत से पढ़ाई करता। जो समय बचता उसमें मां की काम में सहायता कर देता। पिता का…
आजादी के साथ अमर है पन्द्रह अगस्त का शुभ दिन
डॉक्टर सुधीर सिंह आजादी के साथ अमर है पन्द्रह अगस्त का शुभदिन,असंख्य कुर्बानी के उपरांत ही गया गुलामी का दुर्दिन। भारतमाता के उन सपूतों को नमन कर रहा हिंदुस्तान,स्वतंत्रता की बलिवेदी पर जो मुस्कुराकर हुए कुर्बान। उनके त्याग-तपस्या का ही फल है पवित्र आजादी,संकल्प के साथ करें उसकी अस्मिता की रखवाली। आजादी का मतलब है…
रक्षाबंधन का त्योहार
रक्षाबंधन का त्योहार लाया खुशियां हजार बहना आए भैया द्वार इसको मनायें धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार ।। प्यारी बहना राखी लाई भैया प्यारे की कलाई सजाई बहना करती है मनुहार खुशियां आएं भैया द्वार इसको मनाएं धूमधाम से भैया माथे तिलक सजाएं अक्षत भी माथे पर लगाएं घेवर फैनी की मिठास दिन होता प्यारा…
भांग धतूरा
असुरों ने सर्वदा की देवों से लड़ाई एकता समुद्र मंथन ने दोनों में कराई। देवी लक्ष्मी विलुप्त हुई क्षीर सागर में समुद्र मंथन किया गया था लक्ष्मी पाने। सागर मंथन से उत्पन्न हुआ जो विष दृष्टि बचाने को इसे पी गए थे शिव। महादेव का गला नीला हो गया शिव ने विष गले में ही…
शिव का सावन
शिव शंकर भोले भंडारी , तेरी महिमा ही बड़ी निराली, मस्तक पर है त्रिनेत्र, कहते इनको त्रिपुरारी । विषधर नीलकंठ में शोभा पाते, हिमकर जटा में सजाते, गले में मुण्ड माल है पहनते, कैलास में ये वास करते । सावन माह है अति पावन , शक्ति ने किया शिव वरण, शक्ति शंकर को है अति…
राखी का पर्व
राखी का त्योहार है प्यारा भाई बहन का रिश्ता न्यारा I राखी के धागे में बंधता भाई बहन का प्यार सारा। खुशी चहक चहक के कहती है बयार सुगंधित बहती है। मिष्ठान्न थाली में रख लाती भाई को प्रेम से खिलाती माथे ऊपर तिलक लगाती नारियल भी साथ में लाती। भाई देता है आशीष और…
