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ऋतुराज

आए है ऋतुराजनंदन,करो अभिनंदन खिले खिले सब लगेंगे, होगा वन्दन।। प्रकृति नित रसपान करेगी, नये नये चोला गढेगी बढ जाएँगी सुन्दरता जब, यह परवान चढेगी  ।। नव सृजित फल आएँगे, सुन्दर बाग दिखेंगे बच्चो की टोली होगी, कोयल की बोली सुनेंगे। बसंत की हर बात निराली, झूमे मन मतवाली पवन भी होती मस्त मौला खूब…

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गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

एक ईश्वर,एक धरती,ये अम्बर  एक  हमारा  है। कहीं मंदिर कहीं मस्ज़िद कहीं  ईशु  सहारा   है।। क्यूँ बनते देशद्रोही तुम, करा कर नित नये दंगे। वतन जितना हमारा है वतन उतना तुम्हारा है।। बहा लो  खून अपनों  का न होगा कुछ तुम्हें हासिल पड़ोसी  देश  हँसता  है हमें कहकर , बेचारा है.।। कोई हिन्दू,कोई मुस्लिम कोई…

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दीवाने हो दीवाने सा व्यवहार करते हो

सताते हो कभी मृदुल-मनुहार करते हो- दीवाने हो दीवाने सा व्यवहार करते हो.. नज़रिया कातिलाना अदाएं हैं निराली- अपनी बातों से दिल पर प्रहार करते हो.. लड़ते-झगड़ते हो पर साथ मेरा देते हो- लगे हरकतों से जैसे मुझे प्यार करते हो.. तेरी शरारत और चाहत मुझको भाती- मन पर जवां इश्क के आसार करते हो…..

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खिसक रही है ज़मीं पाँव तले से

खिसक रही है ज़मीं पाँव तले से और खौफ ज़रा नहीं जलजले से । अजीब दौर है आ गया अब यारों खुदगर्जी फैल रही अच्छे भले से । न किसी को मतलब है किसी से न कोई लगाता किसी को गले से । वो तो नफरत से देगा हर जवाब पूछ रहे हो हाल गर…

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जय हिंद जय भारत

कविता मल्होत्रा माँ शारदे को नमन और भारत माता का वँदन करते हुए, आध्यात्मिक समिधा की आहुति के साथ, निस्वार्थ प्रेम का आचमन, हर रूह के जीवन यज्ञ को सफल बनाए, इसी शुभकामना के साथ,इस लेख का आरँभ करती हूँ। शीत ऋतु की विदाई के साथ बसँत के आगमन की दस्तक समूचे वातावरण में नवसृजन…

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जाने से पहले

जाने से पहले करना ऐसा, जनजीवन तेरा नमन करें। कुछ ऐसा कर जाना साथी, दुनिया हरदम गुणगान करे। राम और कृष्ण की ये धरती, निशि दिन तुझको नमन करे। आदर्शों पर तेरे नित चलकर, अपने देश का गौरव वहन करें। जो मान और सम्मान बढाये , कर्मों का ऐसा ही चलन रहे। उठा रहे सदा…

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लघुकथा “षड्यंत्र”

जगदीश बाबू अपनी पत्नी सुधा के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर तेजी से हड़बड़ाते हुए पहुँचे।अभी सात बजकर पच्चीस हो रहा था।7.40 में उनकी गाड़ी थी।वो दोनों प्लेटफार्म पर बने एक बेंच पर स्थान देखकर बैठ गए।उसी समय रेलवे से सूचना प्रसारित हुई “पूरब को जाने वाली गाड़ी विलम्ब से चल रही है।अभी…

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जे.एन.यू के परिसर में शोला किसने भड़काया?

जे. एन. यू.के परिसर में शोला किसने भड़काया?कलम-किताब के बदले में डंडा किसने चलबाया?इस गंभीर समस्या  के  तह तक  राष्ट्र को जाना है,ऐसे असामाजिक तत्वों को नेस्तनाबूद कर देना है.भारत माता के दामन पर दाग लगाने वाला कौन?हिंसा फैलाने वालों पर जननेता फिर क्यों हैं मौन?जाति,धर्म,राजनीति से ऊपर उठकर गुरुजन सोचें,अपनी प्रखर प्रज्ञा से युवजन…

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आस मधुरतम

प्रिये! तुम विराट और मैं लघु गात,          अभिलषित तेरे उर सिंधु की। मद्धम होता उर प्रज्वाल जब,       बुझती चिर प्यास इस बिंदु की। अश्रु बिंदु मेरे अनुनय के,       जाते जब करुणा में हिलमिल। नेह सिंचित हो दीपक फिर,       जल उठता मुग्ध सा झिलमिल। लास उल्लास रहित जीवन,         यह पल-पल का…

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इस नववर्ष पर, देश के चप्पे-चप्पे में उजाला हो तम का सँहार करता हर दिल,निर्भय शिवाला हो

2020 सयानेपन की उम्र में कदम बढ़ाती हर उम्र की वो गणना है जहाँ पहुँच कर टीन एेज समाप्त हो जाती है।इस कमसिन उम्र में पाँव न फिसले,इसीलिए हर धार्मिक इँसान अपनी अपनी सामर्थ्यानुसार विद्याध्ययन के साथ साथ स्वाध्याय की ओर अग्रसर होता है और अपने चिंतन से अपने जीवन के उद्देश्य की खोज पर…

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