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समाज के सर्वांगीण निर्माण में हिंदी भाषा एक महत्वपूर्ण टूल
हम सभी बखूबी जानते हैं कि, भारत एक बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, लेकिन एक स्तर ऐसा भी है, जहाँ हम एकता के सूत्र में बंधे हुए है और वह है, भावनात्मक एकता का सूत्र। भारत जैसे बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश को इस एकता के सूत्र में पिरोने के लिए और सुदृढ़ बनाने…
आंकड़ों के खेल ने बढ़ा दीं मुश्किलें
राजनीतिक सफरनामा — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव जब आंकड़ों का पौधा लहलहाता है तो धरातल दिखाई देना बंद हो जाता है । सरकार के सारे काम आंकड़ों के इर्दगिर्द ही घूमते हैं । यही तो कारण है कि संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बता दिया कि हाल ही में सम्पन्न हुए कोरोनाकाल में किसी की भी…
स्वतंत्र् है अपनी धरा, मन में बहती गंग है
सम्पादकीय, मनमोहन शर्मा ‘शरण’ सर्वप्रथम आप सभी को स्वतंत्र्ता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ ।इस बार विशेष इसलिए भी है कि 15 अगस्त 2021 को हम 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं जो अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।आज हम एक पड़ाव पर पहुँचे हैं जहां हमें 7 दशक…
“धर्म ताकत या सियासत ?”
हमारे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि चुनाव की सरगर्मी के साथ साथ धर्म के नाम पर सियासत तेज हो जाती है। सर्वधर्म समभाव का पालन करने वाले इस देश की आत्मा को हिंदू मुसलमान के नाम पर बांटने की कोशिशें रुकने का नाम नहीं लेती हैं। देश कोरोना से लड़ रहा है, कितने…
बिधान चंद्र रॉय
(डॉक्टर मनोज कुमार) (01 जुलाई,1882 से 01 जुलाई, 1962) प्रारंभिक जीवन :- बिधान चंद्र रॉय का जन्म 1 जुलाई, 1882 को बिहार के पटना जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रकाश चन्द्र रॉय और माता का नाम अघोरकामिनी देवी था। बिधान ने मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पटना के कोलीजिएट स्कूल से सन् 1897 में…
विकास के लिए जनसंख्या दर को कम करना जरुरी
विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष(11 जुलाई) — लाल बिहारी लाल ============================================== आज जनसंख्या रोकने के लिए सबको शिक्षा होनी चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सके । वर्ष 2021 में असम सरकार इस ओर सख्त…
बातों से बात नहीं बनती साहब!
सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) पूरे विश्व में मानव जाति पर कोरोना बहुत बड़े संकट के रूप में छाया हुआ है । भारत की बात करें तो दूसरी लहर में क्या–क्या घटित हो गया यह किसी से छिपा नहीं है । दूसरी लहर में युवाओं पर कहर टूटा और संख्या गिनती से परे है । कुछ…
हर रूह प्रेम की प्यासी है
कविता मल्होत्रा (संरक्षक एवं स्तंभकार – उत्कर्ष मेल) उधार की मिली सब साँसें,हर धड़कन मुक्ति की अभिलाषी है अपनी संवेदनाओं को साग़र कर दें, हर रूह प्रेम की प्यासी है ✍️ अति हर चीज़ की बुरी होती है, बचपन से सुनते आए हैं।मानव जाति से किस तरह के गुनाहों की अति हुई है जिनके परिणाम…
” कैरियर परामर्श एक आवश्यकता।”
भारत देश में जनसंख्या के बाद दूसरी बड़ी समस्या है, बेरोजगारी। रोज़गार कम हैं और नए रोजगार उत्पन्न करने की गति भी धीमी है। लेकिन खेद इस बात का है कि उपलब्ध रोजगार भी योग्य लोगों को प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण है जानकारी का अभाव। वर्तमान शिक्षा छात्रों को अक्षर ज्ञान…
कलाविपंची के अंतराष्ट्रीय म्युसिक फेस्टिवल मे प्रियंवदा के गायन ने खूब सराहना बटोरी
27 जून को संपन्न हुए कलाविपंची के अंतर्राष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम मे अनुराधा प्रकाशन परिवार की सदस्य कवयित्री और गायिका प्रियंवदा जी की प्रस्तुति सराहनीय रही l इस ऑनलाइन म्युज़िक फेस्टिवल मे सिंगापुर, मलेशिया,दोहा, डेनमार्क, श्रीलंका, कतर, स्वीडेन, लंदन, कनाडा और USA के कलाकारों ने संगीत और नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं lआज हम ठुमरी गायिका…
