साहित्य
आ. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से मिला आशीर्वाद
अनुराधा प्रकाशन परिवार हुआ गौरवान्वित 23 फरवरी 2021 का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए विशेष उपलब्धि लेकर आया । इस दिन भारत की यशस्वी वित्तमंत्री आ. निर्मला सीतारमन जी से सायं सवा चार बजे भेंट हुई । प्रमुख अवसर था श्री आर एम चोपड़ा जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘हैप्पीनेस अनरैवल्ड’ का लोकार्पण । प्रकाशक…
अनुराधा साहित्य महोत्सव में पांच साझा संकलनों का होगा लोकार्पण , सहभागी रचनाकारों का होगा काव्य पाठ
आदरणीय मित्रो नमस्कार अति हर्ष का विषय है कि अनुराधा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित साझा संकलनों ‘काव्य अमृत-२’ , ‘कथा संचय-२’, ‘दिव्य चेतना-२’, ‘रिश्ते’ तथा ‘अमर प्रेम’ की प्रतियाँ आ गयी हैं , (आज हम सभी ‘कोरोना काल’ में सावधानी पूर्वक अपने कार्य संपन्न कर रहे हैं, कोशिश है कि आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें),…
अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था का पंचम वार्षिक समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ
दिनांक १६ अगस्त 2020 को अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था का पंचम वार्षिक समारोह ऑनलाइन लाइव काव्य प्रसारण के माध्यम से सम्पन्न हुआ। छह दिनों का यह कार्यक्रम अभिव्यक्ति मंच के लाइव पटल आगाज़ (गीत ग़ज़ल) से प्रसारित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता परम आदरणीय आशु कवि राजेश राज जी की उपस्तिथि में सभी कवियों एवं कवयित्रियों ने…
कोरोना काल!कैसा हाल!!
बड़ी अजीब विडम्बना है, जब चार माह पूर्व जब कोरोना शुरुआती चरण में था तो लोग सजग थे, पूरी सावधानी बरत रहे थे पर अब जब कोरोना ने विकराल रूप धारण कर लिया है,24 लाख से ऊपर केस हो गये, रोज़ पचपन-साठ हज़ार केस आ रहे हैं,यही हाल रहा तो दिसम्बर आते आते यह संख्या…
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति बने सहायक प्रोफेसर
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति ने हाल ही में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विषय के सहायक प्रोफेसर के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है।दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के ढाँगा गाँव में जनमे डॉ. अशोक कुमार ज्योति हिंदी-विषय में स्नातकोत्तर, पीएच्.डी., शिक्षा-विशारद हैं एवं उन्हें पत्रकारिता में भी स्नातकोत्तर-उपाधि प्राप्त है। इनके पिता जी…
सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा
एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…
वर्तमान परिवेश में कबीर पंथ अति प्रासंगिक
(कबीर जयंती के अवसर पर) डॉ नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी ‘ यह तो घर प्रेम का, खाला का घर नाही ।सिर उतारे भूंई धरे , तब पैठे घर माही ।।कबीर जी के समाज पशुओं का झुंड नहीं है उसके दो तत्व हैं रागात्मकता और सहचेतना अर्थात मानव समाज में रागात्मक रूप से एक अतः संबंध…
भारत आर्थिक शक्ति बनने की राह पर
सोनल सिन्हा (CEO, IDFT मुंबई) आज भारत ही नही पूरी दुनिया चीन की हरकतों से परेशान है, गौरतलब है कि चीन में 5 मिलियन से ज्यादा लोग अपना रोज़गार खो चुके है वो भी 2020 के शुरुआती दो महीनों में, वस्तुओं की खुदरा बिक्री में एक साल में 20.5% की गिरावट दर्ज की गई हैं।…
पुस्तक समीक्षा मंज़र गवाह हैं
समीक्षक : मुकेश पोपली दुनिया में अनेक तरह के मंज़र हम देखा करते हैं। कुछ मंज़र ऐसे होते हैं जो हम कभी भी दुबारा नहीं देखना चाहते। कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम बार-बार देखना चाहते हैं। हमारे जीवन में बहुत बार ऐसा भी होता है कि हम विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए कुछ…
समस्याएँ –लाँकडाउन में मजदूरों की।
अभी कुछदिनों पूर्व तक प्रथम लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या के लिए देशवासियों , नेताओं ,पत्रकारों मीडिया और अन्य उन सभीसामान्य लोगों के द्वारा जो लॉक डाउन के पश्चात देश को कोरोना मुक्त होजाने का स्वप्न देख रहेथे,उन तबलीगी जमातियों को अत्यधिक कड़वाहट से भर कर दोषी ठहराने लगेथे…
