साहित्य
हिंदी वर्ण प्रकृति के संग
अमलतास खिला सुवर्ण सा आम बौर भर आये इमली की खटास ईख मिठास मन लुभाये उड़े परिंदे लहरा पंख ऊँचाई नील गगन छू आये ऋतु वसंत जीवन में उर्जा भर लाये | एकाग्रता से विद्याध्ययन एश्वर्यता राष्ट्र समृद्ध बनाये ओजस्वी मन सुसंस्कृति और सुज्ञान बढ़ाये अंशुमान क्षितिज पर अ: अवनि जगमगाये | कुमुदनी कनेर कंद…
सभ्य असभ्य इसी धरती पर।
डॉक्टर चंद्रसेन भारती सभ्य असभ्य इसी धरती पर। देव धनुज रहते आऐ। रावण से सब घृना करते राम नाम सुन हर्साऐ। धरती से ही सोना उपजे, कोयला खान नजर आए। मंथन से कोलाहल निकला, अमृत वही नजर आए। संस्कार मिलते हे घर से, गली गलियारे मिलें नहीं। कागा धन ना हरे किसी का, कोयल किसको…
सत्य की खोज : आशा सहाय
दिनांक– बारह दिसम्बर दो हजार तेइस।–नवभारत टाइम्स मे 'द स्पीकिंग ट्री' के अन्तर्गत श्री जे. कृष्णमूर्ति के कुछ विचार पढ़े जिन्होंने मुझे सोचने को प्रेरित करते हुए बहुत हद तक सहमत होने पर विवश किया। उनके विचार सत्य की खोज पर आधारित थे । उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि सत्य की खोज…
पुस्तक परिचय : शब्दों की बीज
स्त्री-विमर्श के नव मूल्य स्थापित करती कविताएँ अनिता कपूर जी की कृति *शब्दों के बीज* हाथ में है शीर्षक पर ही देर तक नज़र ठहरी रही। मन में एक मंथन इस शीर्षक को लेकर देर तक चला। कई प्रकार के विचार आ- आकर मन की चौखट पर दस्तक देने लगे। आख़िर क्या है शब्द बीज?…
कला-संस्कृति,साहित्य और सामाजिक सरोकारों को समर्पित सविता चड्ढा जन सेवा समिति ने दिए चार सम्मान
हीरों में हीरा सम्मानश्री प्रसून लतांत साहित्यकार सम्मानडॉ संजीव कुमार शिल्पी चड्ढा स्मृति सम्मानश्रीमती शाहाना परवीन गीतकारश्री सम्मानश्रीमती रंजना मजूमदार सविता चड्ढा जन सेवा समिति, दिल्ली द्वारा हिन्दी भवन में चार महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किए गए । अपनी बेटी की याद में शुरू किए सम्मानों में, अति महत्वपूर्ण “हीरों में हीरा सम्मान” इस बार गांधीवादी…
बाल बहार, (कविता) दिवाली की छुट्टियां
दीपावली त्यौहार का,अनुपम अपना ढंग। बच्चे मनाते हैं खुशी से, घरवालों के संग॥ घरवालों के संग, मजा तब दुगुना हो जाता। होते जब मित्रों संग, फुलझड़ी स्वयं चलाता॥ रहा इंतजार महीनों से, अवसर कब आयेगा। दिया रावण दहन संदेश, मास अगले आयेगा॥ हम दिन गिन रहे थे रोज,माह कार्तिक का आया। तब अमावस्या से पूर्व,…
सम्पादकीय : अहम को त्यागकर ही एकता संभव है
31 अक्टूबर सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है । महान स्वतंत्रता सेनानी भारत के पहले उप–प्रधानमंत्री एवं पहले गृहमंत्री सरदार पटेल जी की अनेक अन्य विशेषताओं में से जो सबसे प्रमुख रही कि उन्होंने भारतीय रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने में अहम…
काम के वक्त मोबाइल से दूरी है जरूरी
डॉ. नन्दकिशोर साह (स्वतंत्र पत्रकार) कई बार आप सोचते होंगे कि आज आपने दिनभर ऑफिस में काम किया उसके बावजूद काम पूरा कैसे नहीं हुआ? आज आपने दिन भर पढ़ाई की लेकिन फिर भी अध्याय खत्म क्यों नहीं हुआ? इसकी वजह यह है कि हमने सिर्फ दिखावे के लिए पढ़ाई या वह काम किया। हमारा…
