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भूलाभाई देसाई
(13 अक्टूबर, 1877 से 6 मई, 1946) प्रारंभिक जीवन :- भूलाभाई देसाई का जन्म 13 अक्टूबर, 1877 को गुजरात के वलसाड़ शहर में हुआ था। आरम्भ में उनके मामा ने ही उन्हें पढ़ाया। उसके बाद उन्होंने वलसाड़ के अवाबाई स्कूल और फिर बॉम्बे के भरदा हाई स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। सन् 1895 में उन्होंने…
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन 9 जनवरी को आयोजित होगा
अखिल भारतवर्षीय श्रीचौरासिया ब्राह्मण महासभा के आह्वान पर देश के विभिन्न क्षेत्रों मे कार्यरत राष्ट्रीय ब्राह्मण संगठनों के सानिध्य में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन 9 जनवरी 2022 को दिल्ली-कर्नाटक संघ सभागार, राव तुलाराम मार्ग, (मोतीबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे ) में आयोजित होगाआज दिनाक 13 दिसम्बर 2021 को यहाँ उक्त जानकारी…
मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन
(मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर )लाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना है। जैसे कि जीवन…
विश्व एड्स दिवस ( 1 दिसंम्बर) पर विशेष एड्स का जागरुकता ही बचाव है-लाल बिहारी लाल
++++++++++++++++++++++++++++++++++ लगातार थकान,रात को पसीना आना,लगातार डायरिया,जीभ/मूँह पर सफेद धब्बे,,सुखी खांसी,लगातार बुखार रहना आदी पर एड्स की संभावना हो सकती हैं।++++++++++++++++++लाल बिहारी लाल नई दिल्ली।लगभग 200-300 साल पहले इस दुनिया में मानवों में एड्स का नामोनिशान तक नही था। यह सिर्फ अफ्रीकी महादेश में पाए जाने वाले एक विशेष प्रजाति के बंदर में पाया जाता था । इसे कुदरत…
गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम में शिखा पोरवाल वैनकुंवर कनाड़ा से भाग लेंगी
आयोजक डॉ राजीव पाण्डेय कवि जी ने बताया कि“भारत रत्न काव्य महोत्सव”हिंदी साहित्य का अकल्पनीय ऑनलाइन आयोजन किया हैं।देश विदेश के 300 रचनाकारों की वाणी से गुंजायमान होगी भारत रत्न प्राप्त महापुरुषों की गाथा।21 नवम्बर 2021 प्रातः 10 बजे से रात 10 बजे तक।अंतर्राष्ट्रीय शब्द सृजन के फेसबुक पेज पर लाइव रहेगा। सभी विद्वजनों का…
धनाढ्य परिवारों को मिलने वाला आरक्षण गंभीर विषय है!
सामान्य वर्ग के लोग गांवों से रोजगार और बेहतर जीवन की खोज में महानगरों में धक्के खाते है , मजदूरी करते है और आरक्षण के विषबेल में लिपटा संविधान उनकी सुधी नहीं लेता क्योंकि वो सामान्य श्रेणी से है और महानगरों में कमा रहे । वहीं तुलनात्मक रूप से अधिक धनाढ्य पिछड़े और दलित सुविधायुक्त…
जो तेरी रज़ा मेरी भी वही
श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक – उत्कर्ष मेल) Your mercy is my social status -Guru Nanak परिचय इतना इतिहास यही जो तेरी रज़ा है मेरी भी वही ✍️ निर्बाध गति से तो केवल प्रकृति का दरिया बहता है, मानव जाति तो मात्र उस गति की ताल से अपनी ताल मिलाने का प्रयास किया करती है।जीवन का…
उम्मीद: नन्हे दीपों के उजियारे से
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव तिमिर के नाश का पर्व दीपोत्सव द्वार पर दस्तक दे रहा है । हमें अमावश्या की गहन काली रात को नन्हें दीपों का उजियारा कर प्रकाशवान करना है । प्रकाश ही तो हमारे पथ को आलौकिक करता है । पर अंधियारा इतना फेल चुका है कि नन्हे-नन्हे दीपों का प्रकाश हमारा मार्ग…
गहन मंथन और अध्ययन के बाद का सत्य !
यदि कुछ ऐतिहासिक प्रसंगों पर नजर डाले तो पुरातन समय में बहुत सारी घटनाएं ऐसी है जिसके विषय में चिंतन , मंथन और गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है । जिसके बाद ये पता लगता कि काश यह ना होता तो इतिहास दूसरा होता । ऐसे ही कुछ प्रमुख घटनाओं ने हमारी भारतीय संस्कृति और…
समरथ को नहीं दोष गुसांई
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव रावण की ऊंचाई और बढ़ा दी गई है । रावण तो हर साल ऊंचा होता जा रहा है, उसे जितना भी ऊंचा हम बनाते जा रहे हैं उतना ही रावणीय कृत्य भी बढ़ता जा रहा है । हम तो रावण के पुतले का दहन इस विचार के साथ करते हैं कि रावण…
