Special Article
अवस्था कोई भी हो व्यवस्था प्राकृतिक ही होनी चाहिए
कविता मल्होत्रा करोना काल ने ये तो साबित कर ही दिया कि शिक्षा सिर्फ़ पुस्तकों से सीखना और तथ्यों को कंठस्थ करना मात्र नहीं है।बल्कि प्रकृति के हर क़दम का अवलोकन करने की सतत प्रकिया है, जिसमें जीवन का सार छिपा है।हर मौसम,पत्तों के झड़ने,उगने बहार और इंतज़ार के सहज स्वीकार करने की क्रियाएँ सिखाता…
राजनीतिक सफरनामा : चुनावी समीकरणों में उलझा मतदाता
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सारे विष्व में उथल-पुथल मची हुई है । ‘‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’’ के सिद्धांत पर अब दुनिया चल रही है । इसमंे जिसके हाथ मं छड़ी तक नहीं है वह पिस रहा है । कोरोना की मार भूल कर अपनी लाठी को कच्चे तेल से चमका का कर वे उठ खड़े हुए…
मोरारजी देसाई
(29 फरवरी 1896 से 10 अप्रैल 1995) प्रारंभिक जीवन :- मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी, 1896 को गुजरात के बुलसर जिले के भदेली नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता श्री रणछोड़ जी देसाई भावनगर में एक स्कूल अध्यापक थे और बाद में मानसिक अवसाद से ग्रस्त रहने के कारण उन्होंने आत्म-हत्या कर ली…
PAN Card Fraud: आपकी ID का हो रहा गलत इस्तेमाल! मिनटों में कर सकते हैं चेक
PAN card fraud: साइबर अपराधियों ने मासूम उपभोक्ताओं को चूना लगाने का एक नया तरीका ढूंढ लिया है। यह लोग किसी के पैन कार्ड और आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल करके उसके नाम से कर्ज ले लेते हैं और फिर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। ऐसा इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि कुछ मोबाइल…
चुनावी समीकरणों में उलझा मतदाता
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव पतझड़ में तो पेड़ों से पत्ते झरते हैं ताकि नए पत्ते आ सकें । ये नए पत्ते नया स्वरूप् देते हैं पेड़ों को भी और वातावरण को भी । पर सम्पूर्ण भारत में नैतिक मूल्यों के पतन का दौर चल रहा है । जिन बच्चों के हाथों में किताब होना चाहिए,…
क्या ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी जैसे अन्य ग्रह भी हैं ?
मानव समाज आदिकाल से ही अनन्त ब्रह्मांड में अपनी धरती जैसे जीवन के स्पंदन से युक्त ग्रहों की खोज के लिए सतत प्रयत्नशील रहा है,लेकिन प्राचीनकाल में अंतरिक्ष की सूदूर अंतहीन गहराइयों में झांकने के लिए उस समय न तो बेहतरीन ढंग के दूरदर्शी थे,न आज की तरह द्रुतगामी अंतरिक्ष यान थे,समय के साथ…
डीवर्मिंग-डे’ मनाइये, खुश और स्वस्थ रहिये।
(राष्ट्रीय डीवर्मिंग दिवस को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 10 फरवरी और 10 अगस्त को द्विवार्षिक रूप से मनाया जाता है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 1- 19 वर्ष की आयु के सभी बच्चों में आंतों के कृमि संक्रमण के इलाज के लिए एक निश्चित दिन है।) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सलाह के…
केवल चुनावी राज्यों में ही बगरो बसंत है
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव कसम से भैया बसंत आ गयो है । अब हमें कहां बसंत नजर आता है बसंत तो अपनी पूरी बयार उत्तरप्रदेश के गलियों मं बिखेर रहा है । कईयों के चेहरे पीले हो गए हैं और कईयों के घरों के पक्के आंगन में वोट मांगने वाले वैसे ही जमा दिखाई दे रहे हैं…
‘बसंत पंचमी’ की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ
सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) आप सभी को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती जयंती ‘बसंत पंचमी’ की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ । माँ से आवाह्न है कि अज्ञान के अंधकार को अपने ज्ञान की रौशनी से दूर करें और सर्वे भवन्तु सुखिन: के नाद के साथ विश्व के सभी प्राणी सुखपूर्वक जीवन यापन कर अपने मनुष्य…
भ्रष्टाचार का बोलबाला फिर भी सच्चाई का मुंह काला !
कई राजनीतिक आत्माओं के साथ सोशल मीडिया पर हूं कुछ तो सलाह भी लेते है पर अवसर पर पहचानने तक से मुकर जाते है और कुछ लोगो के संपर्क में भी रहता हूं जिन्हे कलम के माध्यम से आप सबके बीच लाने की जिज्ञासा भी है । धन धर्म और सुकर्म से समाज सेवा करने…
