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1 अप्रैल से दिल्ली की सड़कों पर दिखेगा बड़ा बदलाव, इस एक गलती पर 10,000 रुपये जर्माना; हो सकती है जेल भी
देश की राजधानी दिल्ली में सड़कों पर आवागमन को लेकर आगामी 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे सभी तरह के वाहन चालकों को बड़ा आराम मिलेगा। दरअसल, 1 अप्रैल से बसों और माल वाहनों को सड़कों पर अपनी ही निर्धारित लेन में चलना होगा। ऐसा नहीं करने वालों पर 10,000 रुपये का…
बुरा न मानो, होली है
होली रंगों का त्योहार है। इस दिन लोगों द्वारा एक दूसरे पर रंगीन पाउडर और रंगीन पानी छिड़का जाता है। फागुन के महीने में पूर्णिमा (फरवरी-मार्च) के दिन पड़ने वाला यह वसंत उत्सव प्राचीन काल में ‘मदन-उत्सव’ के रूप में जाना जाता था। ब्रज की होली (उत्तर प्रदेश का मथुरा-वृंदावन क्षेत्र पारंपरिक रूप से कृष्ण…
नारी का सम्मान जग का कल्याण – लाल बिहारी लाल
हमारी भारतीय संस्कृति में सदैव ही नारी जाति का स्थान पूज्यनीय एवं वन्दनीय रहा है, नारी का रूप चाहे मां के रूप में हो, बहन के रुप में हो, बेटी के रुप में हो याफिर पत्नी के रूप में हो सभी रुपों में नारी का सम्मान किया जाता है। यह बात आदिकाल से ही हमारे पौराणिक गाथाओं में…
सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’
आप सभी को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं । सभी मंदिरों में बड़ी–बड़ी कतारें हैं जो भगवान के प्रति उनकी श्रद्धा और विश्वास का संकेत देती हैं । आज भले ही ज्योतिष के दृष्टिकोण से कोई महासंयोग बन रहा हो, उस विषय में न जाकर, जो अच्छा संयोग मुझे प्रतीत हो रहा…
अवस्था कोई भी हो व्यवस्था प्राकृतिक ही होनी चाहिए
कविता मल्होत्रा करोना काल ने ये तो साबित कर ही दिया कि शिक्षा सिर्फ़ पुस्तकों से सीखना और तथ्यों को कंठस्थ करना मात्र नहीं है।बल्कि प्रकृति के हर क़दम का अवलोकन करने की सतत प्रकिया है, जिसमें जीवन का सार छिपा है।हर मौसम,पत्तों के झड़ने,उगने बहार और इंतज़ार के सहज स्वीकार करने की क्रियाएँ सिखाता…
राजनीतिक सफरनामा : चुनावी समीकरणों में उलझा मतदाता
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सारे विष्व में उथल-पुथल मची हुई है । ‘‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’’ के सिद्धांत पर अब दुनिया चल रही है । इसमंे जिसके हाथ मं छड़ी तक नहीं है वह पिस रहा है । कोरोना की मार भूल कर अपनी लाठी को कच्चे तेल से चमका का कर वे उठ खड़े हुए…
मोरारजी देसाई
(29 फरवरी 1896 से 10 अप्रैल 1995) प्रारंभिक जीवन :- मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी, 1896 को गुजरात के बुलसर जिले के भदेली नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता श्री रणछोड़ जी देसाई भावनगर में एक स्कूल अध्यापक थे और बाद में मानसिक अवसाद से ग्रस्त रहने के कारण उन्होंने आत्म-हत्या कर ली…
PAN Card Fraud: आपकी ID का हो रहा गलत इस्तेमाल! मिनटों में कर सकते हैं चेक
PAN card fraud: साइबर अपराधियों ने मासूम उपभोक्ताओं को चूना लगाने का एक नया तरीका ढूंढ लिया है। यह लोग किसी के पैन कार्ड और आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल करके उसके नाम से कर्ज ले लेते हैं और फिर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। ऐसा इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि कुछ मोबाइल…
चुनावी समीकरणों में उलझा मतदाता
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव पतझड़ में तो पेड़ों से पत्ते झरते हैं ताकि नए पत्ते आ सकें । ये नए पत्ते नया स्वरूप् देते हैं पेड़ों को भी और वातावरण को भी । पर सम्पूर्ण भारत में नैतिक मूल्यों के पतन का दौर चल रहा है । जिन बच्चों के हाथों में किताब होना चाहिए,…
क्या ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी जैसे अन्य ग्रह भी हैं ?
मानव समाज आदिकाल से ही अनन्त ब्रह्मांड में अपनी धरती जैसे जीवन के स्पंदन से युक्त ग्रहों की खोज के लिए सतत प्रयत्नशील रहा है,लेकिन प्राचीनकाल में अंतरिक्ष की सूदूर अंतहीन गहराइयों में झांकने के लिए उस समय न तो बेहतरीन ढंग के दूरदर्शी थे,न आज की तरह द्रुतगामी अंतरिक्ष यान थे,समय के साथ…
