Special Article
(कारगिल युद्ध 26 जुलाई ) विजय दिवस
कर्नल सारंग थत्ते ( सेवा निवृत्त ) 26 जुलाई : हर वर्ष इस दिन पूरे देश में विजय दिवस मनाया जाता है. यह युद्ध हम पर थोपा गया था और यह पाकिस्तान की सोची समझी साजिश थी, जब एक तरफ हम बस डिप्लोमसी में व्यस्त थे तब जनरल मुशर्रफ अपने युद्ध के नक्शे पर…
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति बने सहायक प्रोफेसर
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति ने हाल ही में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विषय के सहायक प्रोफेसर के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है।दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के ढाँगा गाँव में जनमे डॉ. अशोक कुमार ज्योति हिंदी-विषय में स्नातकोत्तर, पीएच्.डी., शिक्षा-विशारद हैं एवं उन्हें पत्रकारिता में भी स्नातकोत्तर-उपाधि प्राप्त है। इनके पिता जी…
सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’
….आखिर चीन बातचीत को तैयार हो गया और आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का हल ढूंढने के लिए सहमत हो गया ।और कोई रास्ता ही नहीं छोड़ा था भारत सरकार ने, हमारे वीर सैनिकों तथा भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारीयों ने ।एक वार वह होता है जो सामने से लगता है और जिसके बचाव…
हॉन्गकॉन्ग को लेकर भारत ने बदले अपने सुर
चीन अपने पडोसी देशों से रिश्ते बद से बदतर करता जा रहा है, चाहे वह ताइवान हो, जापान हो या कोई और देश,वह हर किसी से उलझने का साहस करता नजर आ रहा है। अगर हॉन्गकॉन्ग की बात करे तो ये बोलना कतई गलत नही होगा कि चीन ने वहा लोक-तंत्र की हत्या कर दी…
भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?
—-प्रियंका सौरभ देश भर में हम आये दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए लोगों की मृत्यु और यातना की घटनाों को सुनते हैं जिसके फलस्वरूप पुलिस की छवि पर दाग लगते है। यही नहीं अपराधी प्रवृति के लोगों में पुलिस के प्रति क्रूरता जन्म लेती है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अभी-अभी पुलिस वालों के…
रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने मचाई हड़कंप
रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने अंतरास्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस कारवाई मे चीन की दिलेरी कम और बेवकूफी ज्यादा नज़र आ रही है।आज के वक़्त में जब दुनिया के सारे बड़े देश चीन के खिलाफ है तथा इस मुश्किल वक़्त में जब चीन को सबसे ज्यादा रूस की…
पेट्रोल डीजल और शराब के भरोसे भारत की अर्थव्यवस्था
हमारे भारत समेत पूरे विश्व में इस समय आर्थिक और सामाजिक हाहाकार मचा हुआ है । हम सब अपने अपने घरों में स्वेच्छा से नजरबंद है । हम पिछले तीन महीने से लॉक डाउन की स्थिति में खुद को सेल्फ आइसोलेट करके सरकार और समाज की मदद कर रहे थे ,पर सिर्फ इतना ही मुद्दा…
सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा
एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…
यारो मैंने पंगा ले लिया… (सम्पादकीय)
जी हाँ मित्रो!, चीन ने पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को फैलाकर कोहराम मचा दिया जिसके चलते सारा विश्व परेशान है और सबके निशान पर चीन अपने को देख रहा है । गलती की है और यदि मान लेते हो तो इसके अनेक उपाय हैं, बात बन जाएगी । किन्तु चोरी और सीनाजोरी न कभी…
“जीवन का समीकरण”
“ये ज़िन्दगी भी तो एक रक्कशा है साहेब अगर आप सफल हो, सारे खूबसूरत जलवे दिखाती है। पर अगर आप गोते लगाते हो, असफलता के गर्त में, तो फिर ये आपसे नजरें चुराती है।” सपने देखना अच्छी बात है। उन्हें पूरे करने के लिए कोशिश करना और भी अच्छी बात है। परन्तु सारी कोशिशों के…
