कविता और कहानी
लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत
लाल बिहारी लाल छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान। “लाल पावे” जे पूजे, सदा करी कल्याण।। (लाल बिहारी लाल) सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 बागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी…
चीन को जवाब
गिरगिट सा रंग बदलने लगा है कोई, हाथ मिला कर मुकर जाता है कोई दोस्ती मे हमारी नहीं है ऐसी फितरत हर बार दोस्ती मे गद्दारी करता है कोई ये मत सोच लेना की कोरोना वायरस बनाकर तुमने दुनियाँ मे धाक जमाई है ! अभी तक तुमको मिला नहीं बाप कोई अभी तो तुम्हारी वो…
संकीर्ण सोच से सजी व्यवस्था में
डॉक्टर सुधीर सिंह संकीर्ण सोच से सजी व्यवस्था में, इंसान से ज्यादा शैतान ही है यहां। कुछ व्यक्ति कहे तो कोई बात नहीं, यह तो यहां के समूह का है कहना। प्रश्न की गंभीरता ने जोर देकर कहा, जरा इस सच्चाई का पता तो लगा। गौर से देखा तब घर-घर काआंगन, लग गया कुछ तो …
कर ऊर्ध्व चेतना जाग्रत मन
ब्रह्माण्ड रूपिणी भाव और चेतना स्वरूपिणी असुरत्व नाशिणी है अनादिकाल से संकल्पित तू दानव प्रकृति को मुक्ति दे देवत्व भाव से अग जग भर मन को प्रकाश ते भर दे माँ। था घनान्धकार था रुका काल गति बाधित थी सरिताएँ नही प्रवाहित थी संचरित नही वायु थी कहीं जीवत्व नहीं पोषित था कहीं अंधकार नष्ट…
“कलयुगी राम”
जलाया जाता है हर वर्ष, पुतला रावण का। मगर क्या रावण जलता है? नहीं, हम भूल करते हैं। आज रावण नहीं, राम मरते हैं। रावण तो सर्वव्यापी हो गया है। भ्रष्टाचार, लूटपाट, डकैती और बलात्कार, क्या ये रावण के नाती नहीं हैं ? याद रखो, रावण कभी नहीं मरता है। हंसी बनाता है हमारी, कागज़…
तुझसे इश्क इजहार करेंगे
मिलन प्रिये जब तुमसे होगा, दिल की हम तुम बात करेंगे। नयनों से हम नयन मिलाकर, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। इक दूजे का हाथ थाम हम, अपनी दिल की बात करेंगे। अपने दिलों के तरंग मिला, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। बाहों में बाहें डाले हम, प्रेम मिलन की बात करेंगे। इक दूजे को ले बाहों …
