कविता और कहानी
योगासन बनाम दामासन
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मौसम में भले ही अभी गर्मी न आई हो पर पेट्रोल और डीजल की रोज बढ़ती कीमतों ने हाय-तौबा तो मचा ही रखी है । रोज दाम बढ़ रहे हैं । सुबह उठते ही सबसे पहिले यह पता करो कि ‘‘भैया आज पेट्रोल का भाव बिक रहा है..’’ । ऐसा तो नहीं कह…
रब की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है
क़ुदरत के करिश्मों पे स्वामित्व जताता राख का अवशेष है ईश्वर की रज़ा में राज़ी रहना आ जाए तो हर पल विशेष है ✍️ आज हर तरफ अशाँति और अफ़रा तफ़री का माहौल है, क्यूँकि हर कोई अस्थायी संपत्ति और संबंधों पर अपना स्वामित्व जता कर खुद को महान साबित करने पर तुला है।महानता तो…
महिला -दिवस
जमाने के साथ चले चलना तो कोई बात नही, आकाश की ऊँचाइयों को छुओ तो कोई बात बने। कोमल बनो तो बनो कोई बात नहीं, चट्टानों से टकराने की ताकत हो तो कोई बात बने। महिला दिवस मनाओ तो मनाया ही करो, हर दिवस को ये दिवस बनाओ तो कोई बात बने । सजे रहना…
” रास्तों से मंज़िल तक”
ज़िन्दगी के दामन में फूल ही फूल नहीं हैं, कांटे भी हैं। यह मालूम तो था लेकिन जाना आज ही है। ख़्वाब देखना आसान है। किन्तु उस ख़्वाब को हकीकत बनाकर ज़मीन पर उतरना मुश्किल है। मैंने हिम्मत करके यह काम अपने हाथों में ले लिया। हर कीमत पर उसे पूरा करने की चेष्टा मेरे…
ऋतुराज का आगमन
ऋतुराज के इस आगमन से खिली धरा, फैला उजास सृष्टि के कण कण में दिखता नित नया ही अब हुलास….. मन ने भँवर बांध तोड़े छोड़ बैठा हर प्रवास नव स्वप्न जीवित हो उठे दृष्टिगत है अब विभास….. प्रेम अनुभूति में भी है नवीन कल्पना का वास सब धुला व सजा है ज्यों आयोजन हो…
अनूठा प्रेम
शानदार पार्टी चल रही है।पार्टी में कोने में खड़े एक शर्मीले लड़के अंकित की नज़र एक लड़की दीपाली पर है। उस लड़की पर, जो उस पार्टी में मौजूद सारी लड़कियों में सबसे ज्यादा खूबसूरत है। उसे उससे प्यार हो गया है लेकिन उसमें इतनी हिम्मत नहीं कि वह उससे जाकर बात कर सके। पार्टी में…
*मेरे प्यारे भैया*
रत्नों में से एक रत्न है मेरा प्यारा भैया निष्काम भाव से करता रहे सेवा वो ओ मेरे कृष्ण कन्हैया बहनों के प्यार को ,माला में पिरोकर सुंदर माला बनाई जिसकी रक्षा करता है हरपल मेरा प्यारा भाई सभी के लिए मीठी मुस्कान उनके चेहरे पर रहती इतने सरल हृदय हैं वो पावन गंगा बहती…
सवाल किससे करें?
ज़हन में कई हैं ख्याल, सवाल किससे करें? सियासत का बुरा हाल, सवाल किससे करें? करते हैं नंगा नाच, संसद में अब नेता, अपनी ही ठोंके ताल, सवाल किससे करें? सब चाहते बिरयानी, चाँदी के थाल में, ना खाएं चावल दाल, सवाल किससे करें? लूट, हत्या व डकैती, राहजनी बेख़ौफ़, सड़क पर ताण्डव कमाल, सवाल…
“चलो तस्वीरें बनाए”
पारमिता षडगीं जिंदगी जिंदगी को बुला रही थी मेरे भीतर के खालीपन में रात भी थोड़ी थोड़ी मेरी नींद को चुराने लगी थी तुम्हारे भीतर व्याप्त रहने की इच्छा जो अनदेखी थी जो अनसुनी थी मेरे अकेलेपन के आतुर स्वर आकाश को खंड खंड कर पिघलने लगे थे आत्मा की उपत्यका में एक नदी बहने…
संयमित जीवन शैली
आज का विशेष संयमित जीवनशैली वास्तव में एक महत्वपूर्ण विषय है क्यूकि हमारी पीढ़ी कम्प्यूटर, मोबाइल, बर्गर, पिज्जा और देर रात की पार्टियों पर आधारित है – मूल रूप से ये सब अस्वास्थ्यकर है। पेशेवर प्रतिबद्धताओं और व्यक्तिगत मुद्दों ने सभी को जकड़ लिया है और इन सभी अराजकताओं के बीच वे अपना स्वास्थ्य खो…
