सभी रचनायें
क्या होगा चीन का अगला कदम?
पिछले कुछ दिनो से चीन और भारत के बीच जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उसे देख कर ऐसा लगता है कि मामला काफी संवेदनशील है और कभी भी कुछ भी हो सकता है। जिस तरीके से चीन अपनी आक्रमक्ता भारत को दिखा रहा है और दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा…
कहानी ; तीसरा बेटा
प्रभुदयाल खट्टर जिस मकान में दीनानाथ जी रहते थे वह मकान उनके अपने नाम था। जिसमें दीनानाथ जी अपनी पत्नी के साथ अकेले रहते थे। हालांकि उनके दो बेटे भी थे मगर दोनों मकान अपना नाम कराने के झगड़े के चलते अपनी अपनी पत्नी को लेकर अलग रहने चले गए थे। यह बात जब दीनानाथ…
वर्तमान परिवेश में कबीर पंथ अति प्रासंगिक
(कबीर जयंती के अवसर पर) डॉ नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी ‘ यह तो घर प्रेम का, खाला का घर नाही ।सिर उतारे भूंई धरे , तब पैठे घर माही ।।कबीर जी के समाज पशुओं का झुंड नहीं है उसके दो तत्व हैं रागात्मकता और सहचेतना अर्थात मानव समाज में रागात्मक रूप से एक अतः संबंध…
गरीब-मजदूर पर बड़ी चोट पड़ी : मन की बात (पीएम)
मन की बात: देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस कम फैला है. हमें अभी और सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क…
पुस्तक समीक्षा मंज़र गवाह हैं
समीक्षक : मुकेश पोपली दुनिया में अनेक तरह के मंज़र हम देखा करते हैं। कुछ मंज़र ऐसे होते हैं जो हम कभी भी दुबारा नहीं देखना चाहते। कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम बार-बार देखना चाहते हैं। हमारे जीवन में बहुत बार ऐसा भी होता है कि हम विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए कुछ…
समस्याएँ –लाँकडाउन में मजदूरों की।
अभी कुछदिनों पूर्व तक प्रथम लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या के लिए देशवासियों , नेताओं ,पत्रकारों मीडिया और अन्य उन सभीसामान्य लोगों के द्वारा जो लॉक डाउन के पश्चात देश को कोरोना मुक्त होजाने का स्वप्न देख रहेथे,उन तबलीगी जमातियों को अत्यधिक कड़वाहट से भर कर दोषी ठहराने लगेथे…
‘क्या चाइना को समय दिखाएगा आईना’ ? (सम्पादकीय)
(मनमोहन शर्मा ‘शरण’) चाइना के वुहान से फैला ‘कोरोना’ वायरस पूरे विश्व के लिए प्रकोप बन गया है जिससे लगातार 180 देश पीड़ित हो चुके हैं । अमेरिका सहित कई अन्य देशों ने शीधा चाइना की ओर इशारा भी किया है और आगाह भी कर दिया है कि यदि इसमें चीन की सोची समझी साजिश…
वारिष्ट साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा की कलम से (अनुभव-4)
हम एक ही कार्यालय में काम करते थे । मैं प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी और मेरी ड्यूटी थी 10:15 पर मुझे उपस्थिति रजिस्टर चीफ के कमरे में चपरासी के हाथों भिजवाना होता था । मेरे आगे रजिस्टर होता और मैं अपनी उस मित्र की प्रतीक्षा करती रहती एक 2 मिनट तक…
जनकल्याण ग़र इबादत हो तो रोगमुक्त भारत हो
Kavita Malhotra परिंदे खुले आसमान में इन्सानों पर मौत का साया हैपिंजरे में नज़रबँद मानवजाति ये कैसा वक्त आया है करो-ना नामक एक नकारात्मक वायरस ने समूचे विश्व को अपनी चपेट में लेकर मानवता के हनन पर अपनी मोहर लगा दी है।कोई तो कारण होगा इस प्राकृतिक आपदा का।हर तरफ बेशुमार सँदेशों का प्रचार, जो…
