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सम्पादकीय : मनमोहन शरण ‘शरण’

‘उत्कर्ष मेल’ के सभी पाठकों को नववर्ष 2022 की शुभकामना देता हूँ और प्रभु के श्रीचरणों में निवेदन करता हूँ कि सभी देशवासियों को मन–बुद्धि–कौशल से दृढ़तापूर्वक संकल्प के साथ कार्य करने की शक्ति दें । सभी स्वस्थ रहें, सुखी हों ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें ।नव वर्ष का उत्साह एक तरफ है और कोरोना के…

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डोनाल्ड ट्रंप बोले- भारत जैसे देश के साथ काम करना अच्छी बात, बुरी नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि भारत, रूस और चीन जैसे देशों के साथ काम करना अच्छी बात है ना कि बुरी। वह रूस के साथ संबंध सुधारने की अपनी इच्छा को लेकर हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग के साथ व्हाइट हाउस…

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२१वीं सदी में विश्व में हिंदी भाषा की स्वीकृति

#hindi #hindibhasha 21वीं सदी में हिंदी भाषा का महत्व और स्वीकृति विश्वभर में बढ़ रहा है। यह भाषा न केवल भारतीय उपमहाद्वीप में, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे 21वीं सदी में हिंदी भाषा को विश्वस्तरीय स्तर पर स्वीकृति मिल रही है। हिंदी भाषा…

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हर क्षेत्र में विराजमान है, नारी तू ही स्वाभिमान है

आदि काल से ही नारी, शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करती रही है। जिसमें माता को आदि शक्ति के रूप में माना जाता है। उन्ही के अलग अलग रूपो का बखान हमें पढने को मिलता है।शिव शक्ति के वगैर अधूरे माने जाते है।उसी तरह हमारे इतिहास और राजा रजवाडो की कहानियों मे भी…

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पगड़ी का मान

तुम्हारी बहन के यहां शादी में तुम ही चले जाओ। मुझे नहीं जाना अपनी बेइज्जती कराने के लिए। पूजा अपने पति से झूंझलाकर कह रही थी। पूजा का पति नीतीश चुपचाप पूजा की बात सुन रहा था। पूजा की बात भी सही थी। क्योंकि उसकी बहन अपनी अमीरी के दंंभ में उनको बेइज्जत करती ही…

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लॉक डाउन में दिव्य ज्ञान

कोई न कोई ज़ुर्म तो जरूर था ही,जिसमें सभी शामिल थे,तभी तो हर इन्सान चेहरा छुपाए घूम रहा है” सच ऐसे हालात में घर रहना ही बचाव है, अंधेरे में हाथ थामने का समय है और सुनसान में गुनगुनाने का है, एक दूसरे को धीरज बंधाने का है पर इस दौरान पति पत्नी,बच्चे, छोटे बड़े,सब…

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युवा आंदोलन ओर युवाओ का भविष्य : सतीश शर्मा

आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, लेकिन आधुनिक समाज में वे तेजी से भटकाव का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को रोकती है, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती है। युवा आंदोलनों का इनके  जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव पड़ता है, इसलिए यह…

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उधम सिंह सरदार: एक गोली, सौ सालों की गूंज

उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप अपने मिशन की तैयारी करता रहा और लंदन जाकर ओ’डायर को गोली मारकर भारत का प्रतिशोध पूरा किया। उनकी चुप्पी न्याय की गर्जना थी, जो आज भी…

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बदलती विश्व-व्यवस्था और जी-20 की चुनौती : बहुध्रुवीयता के बीच भारत की उभरती वैश्विक भूमिका

भू-राजनीतिक तनावों, आर्थिक अस्थिरता और नेतृत्व संकट से जूझते जी-20 में भारत का वैश्विक दक्षिण की आवाज़ के रूप में उदय जी-20 वैश्विक आर्थिक समन्वय का सबसे प्रभावी मंच है, परन्तु आज यह गहरे भू-राजनीतिक विभाजनों, महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा, आर्थिक असमानताओं और नेतृत्व संकट जैसी कई चुनौतियों से घिरा है। इससे समूह की प्रासंगिकता एवं…

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विधाता की सुंदर रचना

तुम आज इस तरह खामोश हो, युँ उदासी का लिबास चेहरे पर क्यों डाले जाती हो भावनाओं को आहत मत होने दो उन्हें सुलगाओ नया लक्ष्य दो विकट परिस्थितियाँ बहुत आएँगी पग -पग पर पांव डगमगाऐगे तुम मत ठहरना ध्येय अटल साधे रखना माना की तुम स्त्री हो, क्यों तुम्हारा स्त्री होना कभी -कभी समाज…

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