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” उपहार”

सुमित्रा देवी आज दादी बन गई थी। उनकी पुत्रवधू ने एक परी जैसी बेटी को जन्म दिया था। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। घर में सभी खुश थे लेकिन उनकी खुशी सबसे बढ़कर थी। पोती के जन्म लेते ही उन्हें महसूस हुआ जैसे उनका अकेलापन दूर करने वाले फरिश्ते ने घर में पैर रखा…

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नेता बने अभिनेता

संगीता अग्रवाल (आगरा, उत्तर प्रदेश) नेता बने अभिनेता वोटों के दिन जब हैं आए नेता भी अभिनेता बन जाए झूठे-झूठे सपने दिखाए टूटी हुई सड़कें बनबाएं बिजली पानी वो दिलबाएं झूठे सबको भाषण सुनवाएं बच्चों के स्कूल खुलबाएं सबको लैपटॉप फ्री बँटबाएं अस्पतालों को खुलवाएं बिन पैसे उपचार करवाएं सबको नए रोजगार दिलाएं जनता पर…

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दिल्ली में खत्म हो सकता है नाइट कर्फ्यू, अगले सप्ताह से सामान्य रूप से खुलेंगे बाजार, रेस्तरां और सिनेमा हाल

कोरोना के मामलों में तेजी से कमी आने के बाद राजधानी दिल्ली में नाइट कर्फ्यू समेत तमाम प्रतिबंधों को खत्म कर दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में शहर में फैसला हुआ है कि कोरोना के सभी प्रतिबंधों को हटा दिया जाएगा, बशर्ते कोरोना वायरस संक्रमण…

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 कनाडा दिवस पर  संस्मरण – ए – संवाद का सफल आयोजन

वैकुंवर कनाडा से “मनस्विनी” किचन से कलम तक ग्रुप का एक और सफल आयोजन सम्पन्न हुआ।वैकुंवर कनाडा में शिखा पोरवाल व अस्मिता लॉरेंस ने    एक अनूठी शाम   ‘संस्मरण – ए – संवाद’ (आपकी मेरी कहानी]   अप्रवासी भारतीयों की   आपबीती अपनी जुबानीकार्यक्रम का मनस्विनी तथा अनुराधा प्रकाशन के पटल पर लाइव दिखाया गयाकार्यक्रम शनिवार 3 जुलाई  की शाम (कनाडा में) , (भारत में 4 जुलाई प्रातः) को खुशनुमा व यादगार माहौल में सम्पन्न किया गया .कार्यक्रम के तीन विशिष्ठ अतिथि थें। 1 नूतन ठाकुर जी –  स्पाइस रेडियो 1200 AM ,2 मनमोहन  शरण शर्मा जी – लेखक, प्रकाशक, पत्रकार व संपादक , अनुराधा प्रकाशन3 राकेश तिवारी जी –  टोरेंटो कनाडा में कवि, पत्रकार, संपादक और प्रकाशक।वैंकूवर में  अन्य सामुदायिक भागीदारों के साथ मिलकर किया। मनस्विनी की महिला सदस्यों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया जैसे नरिंदरजी, मधुजी, दीपाजी , विजया जी, सुचित्रा जी व रेशमा जी ।किसी ने  सुन्दर कविता सुनाकर तो किसी ने अपने संस्मरण सुनाकर संमा बांध दिया। कसा हुआ  मंच संचालन अस्मिता  व शिखा पोरवाल  ने किया। कुल मिलाकर एक बेहतरीन शाम बीती अपनों से दूर  पर  अपनों के बीच। “मनस्विनी” ग्रुप की कोशिश…

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अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

देश से बँधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए 1975 में 24 अक्टूबर को ही एक अध्यादेश लाया गया था एवं 24 अक्टूबर को ही उर्दू की मशहूर लेखिका इस्मत चुगताई एवं कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित मन्ना डे की पुण्य तिथि भी है। इस तरह से ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक…

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एक सौ पचासवीं जयन्ती पर

एक सौ पचासवीं जयन्ती मना रहा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की, पक्ष/विपक्ष मित्र/शत्रु सभी दिखते हैं गांधी के विचारों पर एकमत, आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार/ शिक्षाएँ, तभी तो हुनर को मिलने लगा सम्मान स्वच्छता मन/तन की घर/बाहर/आसपास की ईमानदारी की शर्त अपने लिए सबसे पहले यही तो कहते रहे सदा, सुना/पढ़ा सब लोगों…

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आलोचना की प्रासंगिकता

 डॉ. अवधेश कुमार ‘अवध’ आलोचना, समीक्षा या समालोचना का एक ही आशय है, समुचित तरीके से देखना जिसके लिए अंग्रेजी में ‘क्रिटिसिज़्म’ शब्द का प्रयोग होता है। साहित्य में इसकी शुरुआत रीतिकाल में हो गई थी किन्तु सही मायने में भारतेन्दु काल में यह विकसित हुई। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का इसमें महती योगदान है…

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Russia Ukraine War LIVE: रूस और यूक्रेन के बीच चौथे दिन भी जंग जारी, रूसी सेना ने खार्किव में गैस पाइपलाइन को किया तबाह

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का आज चौथा दिन है। रूस और यूक्रेन के बीच हालात लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं। रूस की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच अब आमने सामने की जंग हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि गुरुवार…

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सिर्फ लूटते हैं फर्जी ट्रैवल एजेंट, एजेंसी और वेबसाइट

भारत में, हाल ही में धोखाधड़ी करने वाली ट्रैवल एजेंसियों में उछाल आया है जो अयोग्य व्यक्तियों को विदेश भेजने का वादा करती हैं। भले ही बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया हो, लेकिन निस्संदेह अभी भी बड़ी संख्या में लोग धोखाधड़ी से काम कर रहे हैं। अवैध छुट्टियों के पैकेज, पंजीकरण धोखाधड़ी…

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नारी आन्दोलन की पथ प्रदर्शक कमलादेवी चट्टोपाध्याय

(03 अप्रैल, 1903 से 29 अक्टूबर, 1988) प्रारम्भिक जीवन :- कमलादेवी चट्टोपाध्याय का जन्म 03 अप्रैल, 1903 को मैंगलोर (कर्नाटक) के एक सम्पन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ये अपने माता-पिता की चौथी और सबसे छोटी पुत्री थीं। इनके पिता श्री अनंथाया धारेश्वर मंगलोर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर थे। इनकी माँ श्रीमती गिरिजाबाई अच्छी पढ़ी-लिखी, संस्कारी…

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