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दो किलो रोज गाली का डोज

                                                                                                   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव प्रधान मंत्री जी ने पूरा गणित लगाकर बता ही दिया है कि वे प्रतिदिन दो किलो गालियों का डोज लेते हैं हो सकता है कि वे इससे अधिक डोज लेते हों और उनको जानकारी मेे केवल दो किलो ही आइ्र हो । गालियों के वजन को मापने के किस यंत्र का उपयोग…

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धरा  को बचाने के लिए जनभागिदारी जरुरी है- लाल बिहारी लाल

विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष (22 अप्रैल) देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायी और इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया।…

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खाड़ी का सामान्य जीवन और मीडिया की युद्ध-छाया”

— एक प्रवासी भारतीय (NRI) की नज़र से पिछले कुछ दिनों से भारतीय टीवी चैनलों और मीडिया पर खाड़ी देशों को लेकर लगातार तनाव और युद्ध की आशंकाओं से जुड़ी खबरें दिखाई जा रही हैं। तेज़ संगीत, लाल पट्टियों में चमकती “ब्रेकिंग न्यूज़” और बड़ी-बड़ी सुर्खियाँ—इन सबके बीच ऐसा माहौल बन जाता है मानो पूरा…

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पीड़िता को न्याय के लिए प्रतिबद्ध है, हम मजबूती से लड़ेंगे

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा ‘‘उन्नाव बलात्कार मामला और पीड़िता के पूरे परिवार को प्रताड़ित करना सत्ता के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। अब परतें खुल रही हैं तथा भाजपा नेताओं के नाम और पुलिस की लीपापोती सामने आ रही है।’’  उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। ये लड़ाई हम…

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शिक्षक दिवस (गुरु पर) पर विशेष

लाल बिहारी लाल बिना गुरु ज्ञान जग में,ले ना पाया कोय।गुरु का जो मान रखा, जग बैरी ना होय।1। गुरु को गुरु की तरह, माने आज इंसान।उसका मान सभी करे,हरी करे कल्याण।2। गुरु ज्ञान की खान है,ले लो जितनी चाह।भला करे बस हर घड़ी,लाल खुलेगा राह।3। गुरु बिन जग में कुछ भी,पाना नहीं असान।गुरु करे…

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पायल

कहीं सीमा का बंधन देखो कहीं रात अलबेली है  पैरों की पायल है मेरी  या जंजीर की बेडी है रुके रुके कदमों से देखो अठखेली ये करती है  रुनझुन रुनझुन करते करते  सांझ सलोनी कटती है छम छम करता बचपन बीता  झनक झनक करते यौवन छनक छनक सी बीती उमरिया खनक खनक बरसे बादल  एक…

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अभिव्यक्ति संस्था ने चतुर्थ वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया एक साथ 4 पुस्तकों का लोकार्पण

अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था ने रविवार 25 अगस्त 2019 को हिंदी भवन आई टी ओ, दिल्ली में अपनी संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव मनाया जिसमे संस्था के सभी सम्मानित सदस्यों को सम्मानित किया गया . कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र द्वारा किया गया और माँ सरस्वती की वंदना एवं पुष्प…

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जय भोले शंकर

भोले शंकर अबके सावन में अपने पास बुलाना। दिल में जगह न दो तो अपने पैरो में जगह बनाना।। शीश तुम्हारे चरणो में रख मेरा जीवन कट जाए। सर पर हाथ रहे तुम्हारा तो हर संकट कट जाए।। जब जब शंकर नाम तुम्हारा मेरे मुख पर आए। मन से लेकर अंतर्मन तक सब पवित्र हो…

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ख़बर से बेख़बर

ग़मों का मारा बेचारा मासूम-सा ये जो दिल है। अरमानों की इसने फिर से सजाई महफ़िल है।। कुहासा-सा  जिंदगी  में आजकल  बहुत है। दूर बादलों में गा रहा कोई प्यारी-सी ग़ज़ल है।। डर  था  जब  समंदर  की लहरों से  इतना। फिर क्यूँ, बना लिया साहिल सहारे घर है।। पाँवों के  छाले  भी  अब  तो पूछते…

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शबरी के प्रभु और केवट के राम ….!

राम मर्यादा पुरुषोत्तम है क्योंकि उन्होंने मर्यादा की सीमा कभी नही लांघी और वह वही जाते है जहां मर्यादा होती है । अमर्यादित स्थानों पर राम की उपस्थिति असंभव है । कुछ लोग जय श्री राम का नारा तो लगाते है किंतु उसके बाद सारे अनैतिक कार्य करते है । वह ये अनैतिक कार्य यह…

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