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गीतिका (गज़ल)

तेरे होंठों की चंचल हंसी से मेरेदिल में फूलों के जैसे चमन खिल गयेतेरी बाँहों में सिमटी तो ऐसा लगामेरे पहलू में धरती गगन खिल गये तेरी धड़कन में धड़कन मेरी खो गयीदेह अधरों से पावन मेरी हो गयीयूँ संवारा मुझे प्रीत की रीत नेशब्द के भाव से सब वचन खिल गये दो बदन प्रेम…

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बातों से बात नहीं बनती साहेब : सम्पादकीय

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ श्रीकृष्ण जगत के मीत हैं,  ज्ञान भक्ति देते सदा, भक्त गा रहे गीत हैं जी हाँ मित्रे, 30 अगस्त को पूरे भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व श्रद्धापूर्वक  मनाया है । आज पूरे विश्व में जो चुनौति भरा माहौल निर्मित हुआ है उसमें अपने कर्म को ज्ञानमय चिंतन–भक्तिमय भाव और कर्ममय व्यवहार की…

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शिक्षक दिवस / Teachers Day

The way you care, the knowledge you shareThe love you shower, has mens powerYou work with Optimism. Dear teacher you are awesome. आज के दिन 5 सितंबर को हम लोग टीचर्स डे मनाते हैं। टीचर्स डे मनाने के लिए आज का दिन means  5 सितंबर को ही  दिन क्यों चुना  गया है?  क्योंकि आज 5…

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बाल गोपाल छवि अति सुंदर

मंजू लता (राजस्थान) बाल गोपाल छवि अति सुंदर,सभी का मन मोहने वाली,कमल के समान सुंदर नयन ,मुस्कान जैसे चन्द्रमा की चाँदनी,और झांकते मोती जैसे दाँत ,अति सुंदर ,अति सुंदर। माथे पर मोर पंख मुकुट ,गले में वैजयंती माला ,कानों में कुण्डल,पीताम्बर धारण कर ,पावों में पैंजनिया ,कमर पर करधनी रूनझुन करती,ठुमक ठुमक कर चलते ,बड़े…

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अफ़गानिस्तान-तालिबान :

लेखक: कुमार शैल। साया बनकर साथ चलेंगे,इसके भरोसे मत रहना। अपने हमेशा अपने रहेंगेइसके भरोसे मत रहना।। आज पूरी दुनियां अपनी नजरें अफगानिस्तान पर टिकाए हुए है, कोई कहता है कि ये अमेरिका की हार है तो कोई कहता है कि ‘जो वाइडेन’ की हार है, एक प्रश्न उठता है कि आखिर अमेरिकी सैनिक वापस…

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सादा जीवन

त्याग दे हाय !हाय !को  और की लालसा तेरी  दुखी करेगी जीवन तेरा  जितना है सब्र कर उसमें  और की चाहत का फेर  जो है जाएगा उससे भी  रहना अगर सुखी है सदा जीवन अपना ले  जितना सादा जीवन  उतने रहोगे खुश  धन के चक्कर में  शरीर से हाथ धो लोगे  होगा सादा जीवन तो…

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मानव उत्थान के संकल्प से बेहतर कोई विकल्प नहीं

कविता मल्होत्रा किसी भी देश की संस्कृति मन्नतों के धागों की आस्था पर नहीं बल्कि मानवीय उत्थान के संकल्पों पर चल कर ही दिव्यता की ओर अग्रसर होती है। ✍️ बांधे इस बार आशीष का धागा रहे न कोई भी मानव मन अभागा ✍️ लगभग दो वर्ष से समूचा विश्व महामारी के विध्वंसक परिणामों की…

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स्वतंत्रता दिवस धिक्कार कर कहता है

डॉक्टर सुधीर सिंह आजाद भारत में आर्थिक आजादी नहीं, किंतु आजादी का ढिंढोरा लोग पीटते हैं। स्वतंत्रता दिवस  धिक्कार  कर कहता है, भारत में गुलाम सा  गरीब  क्यों रहते हैं? भ्रष्टाचार ने छीना है वंचितों की आजादी, गरीब कोऔर ज्यादा गरीब बना दिया है। भ्रष्टाचारियों  के रूतबा का कहना क्या? गोरखधंधेवाजों का  सम्मान बढ़ गया…

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राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…

घर   में  सेंध   लगाने   की  वे  फिर  करते   तैयारी,             पहरुये !  सावधान   रहना। पश्चिम सीमा   पर   खतरा  है,पूरब   में  मत  डोल, अभी रात   बाकी है   कितनी   धीरे- धीरे      बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी,            पहरुये !  सावधान   रहना। तुमने   कितने धोखे   खाए  विश्वासों   में    पड़कर, ये व्यापारी   नहीं,   न…

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आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा

नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे 🌹☘️ जब तक सारी कायनात ना बदले तो सब बेकार जब तक अर्न्तमन ना स्वीकारे हर तरफ है हार हर तरक्की हर…

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