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महान लेखिका प्रतिमा वर्मा जी का निधन

बनारस की सुविख्यात लेखिका प्रतिमा वर्मा जी का 82 वर्ष की आयु मे साउथ अफ्रिका मे निधन,उनका जन्म स्वतन्त्रता सेनानी, पत्रकार एवम राजनय परिवार मे हुआ था lप्रतिमा जी की लिखीएक सुबह और, धूप धूप साया साया, बंधे पावों का सफर, उसका आकाश, गलियारे, इत्यादि पुस्तकें काफी प्रसिद्ध रहीं l इसके अतिरिक्त प्रतिमा जी की…

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चंदा मामा दूर के और पुआ पकाये गुड़ के

चंदा मामा दूर के और पुआ  पकाये गुड़ के,आप खाये थाली में नूनू को दिए प्याली  में।बच्चे को सुलाने के लिए मैया लोरी गाती है,गजब की मिठास  है सरस संगीत लहरी में। लोरी का मधुर स्वर जब  भी मुन्ना सुनता है,मैया की गोदी में वह  तुरंत  ही सो जाता है।सो जाने पर भी जननी सदा…

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उत्कर्ष मेल (राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र) एवं वेबपोर्टल में आपका स्वागत है

आदरणीय मित्रो अनुराधा प्रकाशन द्वारा संचालित उत्कर्ष मेल ‘राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र’ जिसमे साहित्यिक रचनाओ के साथ साथ राजनितिक गलियारों में क्या उथल पुथल हुई अथवा सामाजिक समस्याओं का मानवीय आधार पर चितन मनन प्रस्तुत किया जाता है , बड़ी प्रसन्नता के साथ आपसे साझा कर रहे हैं की ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रिय पाक्षिक समाचार पत्र को…

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सुअवसर पर

समर्पित चंद पंक्तियां:- डॉक्टर सुधीर सिंह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर,योगऔर ध्यान का सबलोग दृढ़-संकल्प लें।संयमित रहते हुए प्रतिदिन योगासन करके,स्वयं को स्वस्थ, सुखी और प्रसन्नचित रखें। मस्ती के साथ  नियमानुसार योग करने से,साधक काआत्मविश्वास सुदृढ़ हो जाता है।योगासन हमें सिखाता हैअनुशासित रहना,सकारात्मक सोच का दायरा  बढ़ा  देता है। सबों का लक्ष्य रहे,…

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शीर्षक (संवाद )

एक दिन एक शेर शेरनी से बोला ओ भगवान क्या है हमारे समाज का हाल मैंने सुना है कल ही एक शेर ने दूसरे शेर की खींची थी खाल यह बात आज तक मुझको समझ नहीं आ रही है क्यों हम जानवरों को इंसानों की लत लगती जा रही है आज इंसान इंसान का गला…

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सरकार के गलें की फांस ना बन जाए बेरोजगारी !

वर्तमान समय में केंद्र सरकार महंगाई , बढ़ते पेट्रो कीमतों और गिरती अर्थव्यवस्था पर जनता की आलोचना झेल रही । केंद्र सरकार ने जिस हिंदुत्व के मुद्दों पर बंगाल चुनाव अभियान शुरू किया था उस वहा की जनता ने नकार दिया क्युकी मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ और महंगाई के मार से दबा आम…

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एक थी सुमन… (स्टबर्न बट काइंड, लविंग बट फ़ेयर)

(राजसभा डाइरेक्टर, अंग्रेज़ी की प्रोफेसर, अप्रैल 4, 1956-जून 27-2020) बिहार भागलपुर के एक छोटे से गाँव कमलपुर में पैदा हुई सुमन माला ठाकुर , मध्यमवर्गीय एक आम परिवार में ४ एप्रिल १९५६ में पैदा हुई जहां नातो पैसा था ना ही लड़कियों के लिए शिक्षा का महत्व। ऐसे में सुमन के दादा बिंदेश्वरी प्रसाद ठाकुर…

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परिवार के वट वृक्ष – पिता

पिता एक ऐसा शब्द जिसके बिना किसी के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक ऐसा पवित्र रिश्ता जिसकी तुलना किसी और रिश्ते से नहीं हो सकती है। यह सत्य है कि हमेशा माँ के बारे में ही लिखा जाता है । हर जगह माँ को ही स्थान दिया जाता है पर हमारे…

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पर्यावरण संरक्षण में जनभागिदारी जरुरी – लाल बिहारी लाल

जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवोके बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया।जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए  उष्मा रुपी उर्जा की जरुरत होती है। और…

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कुर्सी की लालसा में सियासी हलचल

राजनीतिक सफरनामा                      (कुशलेन्द्र श्रीवास्तव) देश के कई राज्यों में हलचल है । यह हलचल कुर्सी के लिए है । समाजसेवा का लबादा ओढ़कर सत्ता के रसगुल्ले खाने की लालच से ग्रसित कतिपय लोगों ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है । पश्चिम बंगाल में मुकुन्द राय ने टीएमसी के सत्ता पर काबिज होते ही पाला…

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