गीत और ग़ज़ल को ऑक्सीजन देने वाला वट वृक्ष चला गया
सज्जनता, विनम्रता, सरलता और बड़प्पन सिखाना है तो डॉ. कुंअर बेचैन से सीखें। इतना बड़ा मुकाम हासिल करने के बाद भी कोई अहम नहीं पला। गीत के शलाका पुरुष और ग़ज़ल के उस्ताद डॉ. कुंअर बेचैन अति विशिष्ट श्रेणी में आते थे। वे अत्यंत विद्वान और सतत् विचारशील थे। मैंने, उनके कवि सम्मेलनों के उनके…
