राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…
घर में सेंध लगाने की वे फिर करते तैयारी, पहरुये ! सावधान रहना। पश्चिम सीमा पर खतरा है,पूरब में मत डोल, अभी रात बाकी है कितनी धीरे- धीरे बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी, पहरुये ! सावधान रहना। तुमने कितने धोखे खाए विश्वासों में पड़कर, ये व्यापारी नहीं, न…
