Latest Updates

देश की तरक्की के लिए धन और ब्रेन, ड्रेन को रोकना जरूरी*

(राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के पांच साल) स्कूल समाजीकरण के प्राथमिक माध्यम के रूप में नागरिकों के निर्माण में पहला और सबसे महत्वपूर्ण घटक है। इवान इलिच ने अपनी पुस्तक ‘डिस्कूलिंग सोसाइटी’ (1971) में तर्क प्रस्तुत किया है कि “शिक्षा का संस्थागतकरण एक अति-संस्थागत समाज के निर्माण को गति प्रदान करता है। शिक्षा प्रणाली एक…

Read More

Yogi Sarkar 2.0 के मंत्रियों में काम का बंटवारा, 34 विभाग सीएम योगी के पास; जानें- किसे क्या मिली जिम्मेदारी

योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 की टीम के किस सदस्य को कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी, अब यह तय हो गया है। शपथग्रहण के तीन दिन बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे अधिक 34 विभाग अपने पास रखे हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ग्राम विकास विभाग और उप…

Read More

मेरा मन

छाया चंहुं ओर अंधेरा है  जन-जन को भय ने घेरा है  धुआं धुआं सा तन मेरा धधक रहा है मेरा मन। माता की छाती छलनी है पापा की पगड़ी उछली है राक्षसों ने नोच-नोच खाया कह रहा भारत मां का क्रंदन। रोता है मेरा रोम रोम चीत्कार करें पृथ्वी व्योम हे धरती मां तू फिर…

Read More

व्यंग्य –  मनुवाद के खिलाफ खड़े निठल्ले ..!

भारत में विचारधारा के खींचतान में आजकल कई समाज लहालोट है । जब भी कोई सफल व्यक्ति कही सफलता पाए नजर आता है तो उसे ये निठल्ले जातिवादी समाज वाले अपनी जाति में खीच कर उसकी सफलता को चीड़ फाड़ देते है । अब बात करें ऐसे निठल्ले घिन्नरबाजों की तो अब मंडल बंडल जैसे…

Read More

देवेन्द्र पाठक ‘महरूम’ की ग़ज़लें

 एक धुँआते ही न रहो सुलगके जलो दहको जलाके ख़ाक करो हर सियासती छल को  घुन गये बांस- बत्ते, धसक रहीं दीवारें वक़्त रहते बचा लो टूटते- ढहते घर को  जो आहे- दीनो- बेकुसूर कहर बरपा दे  बचा न पाओगे अपने ग़ुरूर के घर को लहू भाई का सगे भाई के लहू से ज़ुदा दे…

Read More

विश्व परेशान : भारत में समाधान

 आज पूरा देश ही नहीं अपितु पूरा विश्व मंथन में है किस प्रकार कॉरॉना की समस्या   से निपटा जाये, कैसे इसका कोई हल मिलेगा ।*परेशान विश्व के लिए राहत की खबर है* कि *महामंडेश्वर ब्रह्मऋषि श्री कुमार स्वामी जी* कारोना को समाप्त करने के लिए प्रमाणित शास्त्रोक्त सत्य और इसका निश्चित समाधान प्रदान करेंगे। *ब्रह्मऋषि…

Read More

अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम्..!

पंकज सीबी मिश्रा , राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी, सम्पर्क सूत्र  8808113709 महोपनिषद् 4.71 वो में एक सूक्ति है :- अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम् ! उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥ जिसका आशय है कि संकीर्ण सोच वाले ही “अपना–पराया” करते हैं; उदारजन पूरी पृथ्वी को परिवार मानते हैं। आज जो लोग सांप्रदायिक राजनीति, जातिवाद…

Read More

होली

खेल रहे सब गली गली में  साथ अबीर की झोली है। गाते और झूमते सब जन  साथी आज तो होली है। हाथ लिए पिचकारी डोले तरह तरह के रंग साथ में। भाग रहा कोई आगे आगे पीछे रंग ले कोई हाथ में। बहुत दिनों के बाद सजी सबके ही द्वार रंगोली है। कान्हा औ गोपाल…

Read More

राजनीतिक सफरनामा : मैया कर दो दुष्टों का संहार

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव नवरात्र तो आत्म जाग्रति का पर्व है । हर छैः माह बाद नवरात्रि पर हम माॅ की आराधना कर दुष्टों के संहार की प्रार्थना करते हैं । श्रद्धा, भक्ति से प्राप्त शक्ति हमें आगे बढ़ने की दिशा देती है । आज समूचे विश्व को ऐसी श्क्ति की आवश्यकता महसूस हो रही है ।…

Read More

15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता दिवस का इतिहास : कर्नल सारंग थत्ते (सेवा निवृत्त)

हमारी आज़ादी की लड़ाई में 9 अगस्त 1942 का दिन बेहद महत्वपूर्ण था जब गाँधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा की थी. यह वह समय था जब दूसरा विश्व युद्ध अपनी चरम सीमा पर था. अमेरिका को हार का ख़तरा नज़र आ रहा था, इसलिए राष्ट्रपति रूज़वेल्ट ने कर्नल जॉनसन को भारत भेजा था…

Read More