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बालकथा – बापू के जन्मदिन

राजू एक नवी कक्षा का छात्र है और अपने घर के पास ही एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है।राजू बचपन से ही पढ़ने बहुत होशियार विद्यार्थी है।लेकिन उसके दिमाग की सारी अच्छाइयां उसके गणित के अध्यापक के सामने खत्म हो जाती हैं। वह लगातार अपने गणित के अध्यापक के हाथों डांट खाता रहता है और…

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कविता क्या है

कविता क्या है शब्दों के अथाह समंदर से चुनकर पिरोई गई शब्दों की माला। जब कवि के ह्रदय में प्रज्वलित होती है ज्वाला तन मन यूँ सुलगे जैसे पी आया हो हाला तब बनती है शब्दों की माला । कविता क्या है शब्दों के फूलों से सजाया गया शब्दों का गुलदस्ता । जब कवि के…

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जिसे तू क़बूल कर ले वो दुआ कहाँ से लाऊँ

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार) स्वार्थ साधते, नए युग में पदार्पण, खुद आगे बढ़ने के लिए दूसरों को नीचे गिराता मानवता का पतन, नई सदी में अपनत्व का तर्पण, क्या यही है मेरे सपनों का भारत? जब तक समूचे वतन की सम्मिलित सोच इस समस्या का सामूहिक समाधान नहीं तलाशेगी, तब तक, कोई हल नहीं निकलने…

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भारत में उतर आए भगवान

भारत में उतर आए भगवान मगर नहीं समझा इंसान सफेद सफेद कपड़ों को पहने ऊपर नीली पहनी पोशाक क्यों मुंह पर लगाया मास्क अरे इतना तो तू जान। जमीं पर उतर आए भगवान। सारे रोगों से तुझे बचाएं लगा दांव पर अपनी जान जमीं पर उतर आए भगवान। पूजा इनकी कर ले ह्रदय में रख…

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अनुराधा प्रकाशन का पाँच साझा संकलन,

डॉक्टर सुधीर सिंह अनुराधा प्रकाशन का  पाँच साझा संकलन, राष्ट्रभाषा हिंदी हेतु सचमुच अमृत-कलश है. जिसके लोकार्पण के अवसर पर आयोजित, सजाया हुआ इंद्रधनुषी साहित्य-महोत्सव है. समर्पित साहित्यकारों  ने  हिंदी-साहित्य को, अपनी लेखनी से तहेदिल से खूब  संवारा है. लोगों ने सुना और सुनाया बहुत ही  चाव से, माँ वीणा वादिनी की ही  सब महती…

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श्री गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाशोत्सव पर सविता चडढा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ऑनलाइन कवि दरबार

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन बहुभाषी कवि दरबार आयोजित किया गया ।इस कवि दरबार की अध्यक्षता हिंदी की जानी मानी लेखिका श्रीमती सविता चडढा ने की। इस बहुभाषी कवि दरबार में सतीश सोहल, सरदार सुलकखन सिंह, प्रीतम सिंह प्रीतम,दिनेश छिमवाल , सरदार परमजीत सिंह…

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लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पित्र-पक्ष अमावस्या के दिन 31 ब्राह्मणों को किया सम्मानित

लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान एन .जी .ओ॰ द्वारा पित्र-पक्ष अमावस्या के दिन 31 ब्रह्ममणो को लिए भोजन के लिए आमंत्रित किया गया व उनके आदर और सम्मान स्वरूप धोती -कुर्ता ,अंगवस्त्र,गम्च्छा ,चप्पल,जुराबें ,बर्तन,फल,मास्क,तोलिए धनराशि व तुलसी का पौधा देकर उपहार स्वरूप दिए गएसभी ब्राह्मणग़णो ने हर्ष -उल्लाष के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तथा हिंदू…

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स्वछंद लेखन

हम तो ऐसा ही लिखते हैं दलील ये अच्छे दिखते हैं मौलिकता का हो विश्वास नयी शैली का शिलान्यास खींच कर एक नई लकीर लिख डाले वो नई तहरीर तय नियम में ला  बदलाव दूर ही हो बोझिल ठहराव हो सहज ग्राह्य तथा सरल मधु सा मीठा, ना हो गरल नव विधा ही हो अतिप्रिय…

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शिक्षा वही जो राष्ट्र का गौरव बढ़ाए

शिक्षा ही तो इंसान को संस्कार दे चरित्रवान बना जीवन के पथ पर आगे बढ़ने को प्रेरित करती है। शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है,तो शिक्षक ही कर्णधार।शिक्षक ऐसा चाहिये,जैसे हो माटी कुम्हार,ठोक ठोक कर घट गढ़े, करा दे बेड़ा पार। बच्चे की पहली गुरु माँ पिता दिखाये स्कूल की  राह!शिक्षक उसे इन्सान बनाये,कमियों को…

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मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी : सत्यवान सौरभ

(मातृभाषा में पढाई  वैचारिक समझ के आधार पर एक घरेलू  प्रणाली के साथ सीखने और परीक्षा-आधारित शिक्षा की रट विधि को बदलने में मदद करेगा।  जिसका उद्देश्य छात्र के अपनी भाषा में ज्ञानात्मक कौशल को सुधारना है, ताकि वह अन्य भाषाओँ के बोझ तले न दब सके और चाव से अपनी प्राथमिक शिक्षा को पूर्ण…

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