“मन के हारे हार है”
मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत। काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत।” मनुष्य का जीवन चक्र अनेक प्रकार की विविधताओं से भरा होता है जिसमें सुख- दु:ख,आशा-निराशा तथा जय-पराजय के अनेक रंग समाहित होते हैं । वास्तविक रूप में मनुष्य की हार और जीत उसके मन की मज़बूती पर आधारित होती…
