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सम्मान की धज्जियां उड़ाता लूटतंत्र !

खुला समाज कभी खुला नही होता, रैपर में बंद होता है। पैक्डनेस ही ओपन सोसाइटी है , अपनी पॉलिटिक्स है अपना रहन सहन है ।ओपन सोसाइटी में अभिव्यक्ति का खुलापन किसी मुखौटे को लगा कर ही पाया जाता है ताजा उदाहरण विधानसभा में अखिलेश यादव जी है । मुखौटा लगाने और उसे ही वास्तविक चरित्र…

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 हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अखिल भारतीय स्वयंसेवी संस्था सोशल ऐंड मोटिवेशनल ट्रस्ट के द्वारा दिनांक 23/1/2023 क़ो सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।जिसमें कई राज्यों से साहित्यकार जुड़े और सोशल एंड मोटिवेशनल  ट्रस्ट, मंच देशभक्ति से ओत प्रोत हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के…

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अगस्त का मस्त महीना

अगस्त माह की बात निराली चहुं ओर छा जाती हरियाली लेकर आता ये रक्षाबंधन त्योहार हर्षित करता बहन-बेटी का प्यार घर की रौनक जब घर में आती आंगन कली- कली खिल जाती किलकारी से गुंजित होता आंगन जैसे उल्लसित हो उठे धरा गगन अगुवाई में बाजार हो जाते गुलजार जैसे सालों से हो बहनों का…

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मुखर राजनीति के महानायकों के लायक नहीं माहौल !

बिहार राजनीति में उठापटक ,बीते दस तारीख की देर रात्रि तब समाप्त हो गया जब बिहार विधानसभा चुनाव के सभी दो सौ तैतालिस सीटों के परिणाम जारी कर दिए गए । भाजपा, जदयू ,हम और वी आई पी की संयुक्त गठबंधन वाली एन डी ए ने एक सौ पच्चीस सीटों पर कब्ज़ा करके बिहार विधानसभा…

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होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

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सोच बुद्धि और विचार – आशा सहाय

मैंने अपने चिन्तन की प्रक्रिया का आरम्भ संभवतः रात्रि के आकाश के निरीक्षण से ही किया था। निश्चय ही बाल मन की जिज्ञासा के तहत ही तरह तरह के प्रश्नों को जन्म देने वाली यह क्रिया अब एक विशाल चिन्तन प्रक्रिया बन गयी है और अन्ततः क्यों ,कैसे , कौन जैसे प्रश्नों से मस्तिष्क वैसे…

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जलाओ री सखी मंगल दीप!

जलाओ री सखी मंगलदीप,आज घर आये हैं राजा राम।राह बुहारो ये महल सजाओ ,आयो‌ शुभ घड़ी‌ ये वर्षों बाद।फूलों का वन्दनवार लगाओ,आये हैं जग के ही तारनहार।जलाओ री सखी मंगलदीप——-।शुभ ये घड़ी शुभ गीत सुनाओ,मिलजुलकर सब नाचो गाओ।सदियों से इन्तजार था इसका,आयो शुभ दिन है वह आयो।पांव पखारो जी आरती गावो,झूमि उठे सकल संसार सखी।जलाओ…

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दुनियादारी

दोस्त, तेरा चेहरा जो है बिल्कुल नूरानी है। सो,  तुझको  चाहने  की  हमें बीमारी  है।। उसकी आँखों में तेवर और होशयारी है। आज फिर से पड़ोसी ने की ग़द्दारी है।। दिल से दिल तक पहुँचती हैं जिनकी बातें। असल में वही बातें होती असर कारी हैं।। और बेटी से होती  हरेक आँगन में रौनक। सच …

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चूड़ी की आवाजो का संगीत सुनाना देखा है ,

चूड़ी की आवाजो का संगीत सुनाना देखा है , चलने फिरने पर पायल का, वो राग भी गाना देखा है, बड़े बुजुर्गों की बातें ,जब घर मे मानी जाती थीं , हाँ इन आँखों ने साक्षात अदबो का जमाना देखा है ! जब लोग खड़े हो जाते थे, बूढ़ो को आदर देने को , सब…

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तुझसे इश्क इजहार करेंगे

मिलन प्रिये जब तुमसे होगा, दिल की हम तुम बात करेंगे। नयनों से हम नयन मिलाकर, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। इक दूजे का हाथ थाम हम, अपनी दिल की बात करेंगे। अपने दिलों के तरंग मिला, तुझसे इश्क इजहार करेंगे।। बाहों  में  बाहें  डाले  हम, प्रेम मिलन की बात करेंगे। इक  दूजे  को ले  बाहों …

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