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श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

(नयी कार्यकारिणी ने शपथ लेकर पूर्ण समर्पण भाव के कार्य करने का किया वादा) कल दिनांक 14.04.2024 को श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति का शपथ ग्रहण समारोह गुरुग्राम (हरियाणा) में ब्राह्मण श्रेष्ठ, समाजसेवी, दानवीर श्री सतबीर शर्मा जी (जिन्हें पिछले दिनों एक विशाल आयोजन में श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज ने अपना सिरमौर बनाया था) के…

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बजट

बजट के माध्यम से बढेगी गरीबों,मजदूरों, किसानो और महिलाओ की शक्ति सभी क्षेत्रों में योजनाओं से होगी वृद्धि राष्ट्र की बढेगी आर्थिक समृद्धि । अमीरो की हाय-हाय गरीबों का सौभाग्य अतिरिक्त टैक्स चार प्रतिशत गरीबों के लिए लाएगा अनेक वित्तीय उपहार। टेक्स स्लैब में बदलाव नहीं पाँच लाख आमदनी वालो को टैक्स देने का अधिकार…

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ग्लोबल वार्मिंग प्रमुख वैश्विक समस्या

ग्लोबल वार्मिंग वर्तमान समय की प्रमुख वैश्विक पर्यावरणीय समस्या है। यह एक ऐसा विषय है कि इस पर जितना सर्वेक्षण और पुनर्वालोकन करें, कम ही होगा। आज ग्लोबल वार्मिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिज्ञों, पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों की चिंता का विषय बना हुआ है। ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्मांड की…

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मौसम के रंग हेमंत के संग

मौसम कहता, पतझर है पर अभी नहीं आ गया मधुमास, परन्तु पीपल बृक्ष से चिपके सूखे पत्ते, हवा में हिलते डुलते जैसे बाय-बॉय करते कह रहे हों पतझर को  “जान बाँकी है अभी मुझमें” जैसे किसी बृद्ध की जान अटकी हो अपने नये वंशज को देखने के लिये। नौखेज पत्ते लगे हैं दिखने बृक्ष की…

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आत्मालाप : उल्टे पांव भूत के

           देवेन्द्र कुमार पाठक गांव में अब मास्क कोई भी नहीं लगाता.हाँ, वे लोग घर, जेब, बैग-थैले में एक-दो मास्क जरूर रखे रहते हैं, जो कुछ पढ़े-लिखे हैं या फिर वे सयाने जिन्हें शासन-सियासत, आधि-व्याधि, सूखा-बाढ़, अकाल-गिरानी  और दुनियादारी की गहरी समझ है. जिनको ऐसे दुर्दिन भुगतने- झेलने के बड़े तल्ख और कड़वे अनुभव हैं….

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रिश्ते

कविता    रिश्ते रिश्तों का रंग आज बदला है, जीने का ढंग आज बदला है। पहचान में कोई नहीं आता। अपनों को समझ नहीं पाता। सारा चाल-चलन बदला है। रिश्ते हाथ से फिसलते है, साथ चलते औ बिछड़ते हैं। आज जीने का ढंग बदला है। पैसों का भी खेल है सारा । आज उससे है…

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महिला सशक्तिकरण की दौड़ जीतती भारतीय रेलवे

(पुरुषों के गढ़ तोड़ने वाली “प्रथम महिलाओं” को पहचानने की आवश्यकता) कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियुक्तियों के नवीनतम दौर के साथ पहली बार रेलवे बोर्ड में महिलाएँ ड्राइवर की सीट पर हैं। कांच की छत को तोड़ते हुए, रेलवे बोर्ड का नेतृत्व पहले से ही एक महिला द्वारा किया जा रहा है, अब संचालन और व्यवसाय…

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तुम कल नहीं रहे तो क्या होगा???

डा.सर्वेश कुमार मिश्र (महासचिव वैश्विक संस्कृत मंच दिल्ली प्रांत) _ खुद को महान समझते हो, बल और बुद्धि की खान समझते हो, पर सोचा है गर तुम कल नहीं रहे तो क्या होगा?? सोचा है कल का सूरज गर न सके देख तो क्या होगा?? सुनो शुक्कर की बाजार भी लगेगी शनि बाजार भी लगेगी…

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शिक्षक एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री शिव बहादुर बिंद ” शिव को लेखन में मिला अन्तरराष्ट्रीय सम्मान

मार्च 8 – 2024 , नेपाल की सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ” शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन ” लुंबिनी नेपाल द्वारा ” अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ” के अवसर पर हिंदी भाषा साहित्य के विकास तथा रचनाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ” अंतर्राष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता ” ऑनलाइन आयोजित की गई ; जिसमें…

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माँ (कविता-6)

वो कहते हैं हमने भगवान नहीं देखा मैं कहता हूँ मेने देखा हैं जब मुझे तकलीफ होती हैं तो मेरी माँ रोती हैं मैं दुनिया का सबसे हसीं लाडला हूँ मेरी शैतानियों का कोई ठिकाना नहीं वो माँ ही तो हैं जो हमारे हर किरदार से प्यार करती हैं    किसी भी उम्र मे मुझे डांट लगा…

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