विरोध के स्वर
सुनो, विरोध के नवोदित स्वरयह तो कीचड़ उछालना हैअसुरों की प्रवृत्तितुम तो मनुष्य हो नासंक्रमण से बचोशब्दों को पहचानोविरोध विरोध हैकीचड़ कीचड़ है!सुनो, चीरहरण मत करोभरी सभा में सभ्यता कापरनिंदा से पहलेअपने गिरेबान में झाँकोजिस पंथ की आड़ में खड़े होवह धृतराष्ट्र है औरों के लिएतुम तो कर्णधार हो नादुर्योधन मत बनो!सुनो, निकलो वातानुकूलित बैठक…
