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आज़ादी के बाद कितने आज़ाद

अब हमें 74वें स्वतंत्रता दिवस पर इस बात का गहनता से विचार करना है कि आज तक कितना स्वरूप बदला,बदला भी है, तो दिशा सकारात्मक है क्या? इतनी अधिक जनसंख्या औऱ विविधता से भरे राष्ट्र में सबको साथ ले कर चलना,सब को बराबर मान-सम्मान देना,किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे,इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी…

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समय बडा बलवान

माँ ने आँगन में जो बोए थे सपनो के पौधे कभी, वक्त की कंकरीट के आगे वो पौधे ही उजड गए। पिता ने जो उम्मीद का दामन थामा था कभी, वो उम्मीदे घर छोड़,नया असियां बनाने निकल गई। दोनों ने मिलकर जो सपनो की पौध लगाई थी कभी, वक्त के माली ने उनके बढ़ते ही…

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जोधपुर की दीपिका को महिला शक्ति काव्य रत्न की उपाधि

नेपाल की सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन लुम्बिनी नेपाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा,साहित्य के विकास तथा रचनाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित की गई|जिसमें राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले की नवोदित कवियत्री सुश्री दीपिका मोयल ‘दीप’ ने प्रथम…

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भाषा का सम्मान विदेशियों से सीखिए ।

विदेशियों से अपनी भाषा की इज़्ज़त कैसे की जाती है ? यह हमें सीखना होगा। सिर्फ ” हिंदी हैं हम, वतन हैं , हिन्दोस्तां हमारा ” गाने से कुछ नहीं होगा। विदेशों में संडास साफ करने वाला भी अंग्रेज़ी बोलता है और भारत में बोलने का स्तर अमीर गरीब बनाता है। बड़े आदमी अंग्रेज़ी बोलेंगे…

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प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः…..

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सदाचारी जीवन की समग्रता ही श्री कृष्ण है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने भगवान श्री कृष्ण को सोलह कलाओं से परिपूर्ण बताया। श्री कृष्ण होना जितना कठिन है श्री कृष्ण को समझना उससे भी कहीं अधिक कठिन है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था,…

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“कलयुगी राम”

जलाया जाता है हर वर्ष, पुतला रावण का। मगर क्या रावण जलता है? नहीं, हम भूल करते हैं। आज रावण नहीं, राम मरते हैं। रावण तो सर्वव्यापी हो गया है। भ्रष्टाचार, लूटपाट, डकैती और बलात्कार, क्या ये रावण के नाती नहीं हैं ? याद रखो, रावण कभी नहीं मरता है। हंसी बनाता है हमारी, कागज़…

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कोचिंग संस्कृति और बच्चों की मौतें: सफलता के नाम पर असफल समाज

– डॉ० प्रियंका सौरभ कोटा में एक और छात्रा की आत्महत्या—यह कोई साधारण खबर नहीं है और न ही किसी एक परिवार की निजी त्रासदी भर। यह उस शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक मानसिकता और तथाकथित “सफलता मॉडल” पर गहरा प्रश्नचिह्न है, जिसे हमने पिछले दो दशकों में बिना सवाल किए स्वीकार कर लिया है। आत्महत्या करने…

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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदने पर सरकार विचाराधीन : पासवान

नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने शुक्रवार 29 मई को बताया कि सरकार, किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मक्का खरीदने पर विचार कर रही है।  उन्होंने बताया कि देश में इस वर्ष मक्के का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है और रबी सीजन में मक्के…

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ठंडा प्रतिशोध (कहानी)

–डॉ. मनोज मोक्षेंद्र मुसहर टोला में अपना बसेरा बनाने से पहले धनीराम मिसिर को हालात ने गिरगिट की तरह रंग बदलना सिखा दिया था। बम्हरौली गांव के काइएं ब्राह्मणों को चकमा देकर वे सपरिवार जान बचाकर भाग तो निकले थे; पर, पूरी तरह ठन-ठन गोपाल थे। कुर्ते की ज़ेब में और बटुए में एक दमड़ी…

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जाने कहां गये वो दिन

यह बताते हुए अपार हर्ष की अनुभूति हो रही है कि आपके अपने राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र् ‘उत्कर्ष मेल’ इस अंक (1–15 नवम्बर) के साथ दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है । प्रभु कृपा और आपका प्यार है । सम्पादकीय लिखते समय सर्वप्रथम उन दो विभूतियों को मैंने भी नमन किया और भावों से…

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