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यूजीसी के कानून के खिलाफ एकजुटता

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवएक ओर बड़ी दुर्घटना ने एक राजनीतिक की जान ले ली । हम जितने यांत्रिक होते जा रहे हैं उतना ही हमारा जीवन असुरक्षित होता जा रहा है । हमने ऐसे ही हादसे में सीडीएस विपिन रावत को भी खोया था और पूर्व मुख्यमंत्री रेड्डी को भी । हादसा अब हमें…

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प्यासे पंछी

***प्यासे पंछी*** वो भी तो एक ज़माना होता थाघर में हमारा चहचहाना होता थाअन्न के दाने और जल भी जबहमारे लिए भी घर में होता था…. घर में घोंसला भी बन जाता थातिनकों का महल सज जाता थानन्हें नन्हें बच्चों के कलरव सेघर गुंजायमान हो जाता था….. पर आह..!! मनुष्य ये क्या कियावृक्ष काट के…

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उ.प्र. के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने डाक निदेशक एवं साहित्यकार केके यादव को किया सम्मानित

लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ एवं चर्चित  ब्लॉगर व साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव को प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विधायी एवं न्याय मन्त्री श्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यक्रम में “भोजपुरी गौरव” सम्मान से विभूषित किया।…

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एक झूठ

               एक प्रसिद्ध पत्रिका में लिखी हुई समस्या उसे अपने एक परिचित की समस्या सी लगी। थोड़ा सा और पता करने पर उसे महसूस हुआ कि यह कहानी तो शायद उसी परिचित व्यक्ति की ही है । उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर अपने मायके में रह रहीं थीं । वे उनके ही पड़ोस में रहने वाले…

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मैं दूर दृष्टि धारक संजय

में दूर  दृष्टि धारक संजय,  आंखों देखा हाल बताया, धृतराष्ट्र के , कुल के काल को  मैं भी ना बदल पाया । पांचाली की हंसी , धृतराष्ट्र की चुप्पी,  शकुनि के  पाशो ने  सारा महाभारत करवाया । पति प्रेम में गांधारी ने भी  धृतराष्ट्र का साथ दिया दुर्योधन के सिंहासन के खातिर  अपने कुल का…

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जादुई अवाज की मल्लिका की आवाज खामोश हो गई

लाल बिहारी लाल  स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 ईस्वी को मध्यप्रदेश के इंदौर रियसत में हुआ था।  इन्हें गायकी अपने पिता से विरासत में मिली । इनके पिता हृदयनाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय गायक थे।  इनकी पहली फिल्म मंगलागौड़ 1942 में आई थी और इन्होंने  कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में…

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‘सर्दी के दिनों में’ (कविता)

दिन छोटे, रातें लम्बी सूरज की रोशनी का कोई भरोसा नहीं, सर्द हवाओं के बीच कभी दिन में अँधेरा, तो कभी रोशनी। मौसम की इस आँख मिचौली में सर्दी के दिनों में सूरज धुँधले आसमां के किसी कोने से कभी झाँकता है सिर उठाकर, तो कभी छिप जाता है बादलों की आड़ में। ऋतु भी…

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“हम क्या करें”

चुग रहे थे हम गुल हाथ में चुभा कांटा गिरा साजी से फूल    थी  मेरी  ही भूल      हम क्या करें थे खयालों में मशगूल। उठा ज़मीं से धूल चेहरा हो गया धुले-धूल      हम क्या करें। बच कर थे हम चल रहे हौसला से थे हम बढ़ रहे बिछा था पग-पग पर शूल…

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ऐतिहासिक राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन सम्पन्न

दिनांक 27 मार्च 2022 , दिल्ली कर्णाटक संघ सभागार , राव तुला राम मार्ग में अखिल भारतवर्षीय श्रीचौरासिया ब्राह्मण महासभा (पंजी.) के शताब्दी समारोह के अंतर्गत भारत की 16 अन्य राष्ट्रीय ब्राह्मण संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सान्निध्य में(जिनमें २ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत हैं) राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया .इस महासम्मेलन में…

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जीत उसकी …हार किसकी…. ?

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ जब भारत में कोरोना महामारी का पहला मरीज संक्रमित पाया गया तब हमने चैकसी बरतनी शुरू कर दी थी, ऐसा हमें बताया गया । धीरे धीरे संख्या 50 / 100 तक पहुँची तब तक हम ‘जनता कर्फ्यू’ तथा लॉकडाउन की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके थे । जब पहले लॉकडाउन की घोषणा की…

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