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हमारा जीवन हमारे कर्मों की आधारशिला है

This is the Universal  Truth. यह एक सार्वभौमिक सत्य है हम जो ब्रह्मांड को देते हैं वही लौटकर हमारे पास आता हैl हम जो बोते हैं हमें वहीं काटना पड़ता है lआज की इन परिस्थितियों में संत कबीर के दोहे एकदम सटीक प्रतीत हो रहे हैं …..   “करता था सो क्यों किया अब कर…

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शुद्धिमंत्र बनें जो सदियों तक दोहराया जाएगा

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार, संरक्षक) बालक हो या शावक सबकी पालिका एक भेदभाव इंसानी कुंठा प्रकृति का इरादा नेक ✍️ हम सभी अपनी माँ की गोद पर तो अपना स्वामित्व समझने लगते हैं लेकिन उस मातृत्व की गरिमा को बनाए रखने के सब दायित्व नज़रअंदाज़ कर देते हैं।परिवार और समाज से मिलने वाली शिक्षा को हम…

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हौसले

अड़चने हों हजारों राह में तेरे साथी हौसलों को कभी कम नहीं होने देना। काटकर गिरि को राहें बनाई हैं तुमने बाँध सागर को जग को दिखाया कभी। चाँद मंगल की सरहद भी लांघा तुमने गहराई पयोधर की भी है नापा सभी। देव दानव सभी करते तेरी ही बड़ाई दुष्करों से आँखें नम तू नहीं…

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छोटे व मध्यम उद्योगधंधों तथा व्यापारियों के लिए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से मांग

चंडीगढ़, 29 मार्च। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने छोटे व मध्यम उद्योगधंधों तथा व्यापारियों के लिए लॉकडाउन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से ऋण माफी व बिना ब्याज कर्ज देने जैसी विभिन्न मांगें की है। बुवानीवाला ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन ने प्रदेश के हजारों छोटे व मध्यम व्यापारियों को बड़ें आर्थिक संकट…

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गायों की हो रही है दुर्दशा

भारतीय संस्कृति में जिस गाय को ‘मां’ की संज्ञा दी गई है, उसका ऐसा हश्र लम्पी बीमारी से पहले कभी नहीं हुआ। गायों की दुर्दशा को लेकर अब सिर्फ जिनके घर गाय है वो ही चिंतित हैं।  क्या गाय बचाने की जिम्मेवारी सिर्फ पशुपालन विभाग की ही बनती है, बाकी समाज केवल तमाशा देखे। आज…

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प्रदूषण से निपटने को दिल्ली सरकार स्कूली छात्रों को मास्क बांटेगी

दिवाली के जाते ही मानो सूरज की चमक दिल्ली और एनसीआर में कुछ कम हो गयी है, पूरा दिन प्रदूषण की परत घेरे रहती है.  चहुँ और लोग, बच्चे आपको मास्क लगाये दिख रहे हैं.  जान है तो जहाँ है भाई.   दिल्ली सरकार भी हरकत में आई है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि…

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राजनीतिक सफरनामा : हमसे क्या भूल हुई जो ये सजा हमको मिली…

कुशलेन्द्र श्रीवास्तवदेश की राजधानी दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के चलते अस्त-व्यस्त हो चुकी है। दो अक्टूबर से लगातार चल रहे धरना-प्रदर्शनों ने दिल्लीवासियों के साथ-साथ देश के कोने-कोने से आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दस अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के धरने के दौरान दो सौ…

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दादी का दर्द

हंसो दादी लगभग 70 वर्ष की थीं।वह अपने पोते के साथ शहर में एक छोटे से मकान में रहती थीं।जिसमें एक ही कमरा था।दादी के साथ उनका पोता निखिल रहता था। वह अपने बेटे बहू को खो चुकी थीं।दादी को कुछ पैसे पति की पेंशन से मिलते थे।दादी कीपैड मोबाइल चलाया करती थीं।निखिल की जिद…

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अगस्त का मस्त महीना

अगस्त माह की बात निराली चहुं ओर छा जाती हरियाली लेकर आता ये रक्षाबंधन त्योहार हर्षित करता बहन-बेटी का प्यार घर की रौनक जब घर में आती आंगन कली- कली खिल जाती किलकारी से गुंजित होता आंगन जैसे उल्लसित हो उठे धरा गगन अगुवाई में बाजार हो जाते गुलजार जैसे सालों से हो बहनों का…

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सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या

यशपाल सिंह “यश” जहां अमृत भी संभावित था वहां गरल चुन लिया उन्होंनेजीवन में संघर्ष बढ़ा तो, काम सरल चुन लिया उन्होंने सूख रहे तरुवर जीवन के, पर हरियाली संभावित थीमगर शुष्क उपवन की खातिर, दावानल चुन लिया उन्होंने जीवन के हर दोराहे पर, ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’जब अपनी बारी आई तो, मार्ग विफल चुन…

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