है (थी) प्रीत जहां की रीत सदा
सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) आप सभी को नव वर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाएँ । प्रभु आपको सुख, शांति, समृधि, वैभव प्रदान करे, ऐसी मैं प्रार्थना करता हूँ । बात अपने देश भारत की करते हैं, वर्ष 2019 में जो हुआ, वो हो चुका अब हमें 2020 में 20–20 का मैच बनाने यआमने–सामनेद्ध के बजाए 2020…
जनता से जो वादे किये थे उन्हें पूरा नहीं किया : मनमोहन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 14 दिसम्बर को रामलीला मैदान पर कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह साल पहले देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया है। उन्होंने आगे यह भी कहा…
देश में NRC का विचार नोटबंदी जैसा : प्रशांत किशोर
नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर अर्थात एनआरसी (NRC) के मामले पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘देशभर में एनआरसी का विचार नागरिकता की नोटबंदी के बराबर है. जब तक आप इसे साबित नहीं करते तब तक आप अमान्य हैं. हम अपने अनुभव से…
हम गरीबी उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं : राष्ट्रपति
नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के सम्मलेन में कहा कि भारत ने निरंतर विकास के लिए स्वयं को तैयार किया है। “हम गरीबी उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं और मध्यम आय वर्ग वाला देश बनना चाहते हैं।” देशभर के 46 विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए…
भारतीय साहित्य पर्यावरणीय चेतना से ओत-प्रोत है – अजिम्स मुहम्मद भारतीय साहित्य में पर्यावरण विमर्श पर कोडुंगल्लूर में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
पर्यावरण प्रदूषण या पर्यावरण में मानव के हस्तक्षेपों के कारण आजकल जो प्राकृतिक विपत्तियाँ दुनिया भर में हो रही हैं, इनसे हम सब वाकिफ़ हैं । पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का समय बीतता जा रहा है । युवा वर्ग इस गंभीर समस्या के प्रति सचेत नज़र आते हैं । भारत इस विषय में गहराई…
नेता जी की जय-जयकार
पुष्प रहे खूब पाँव पखार नेता जी की जय-जयकार …….. तुम हो श्रेष्ठ,सकल गुणवान सेवा, श्रम, अर्पण पहचान त्याग, तपश्चर्या की मूरत और कहाँ कोई है सूरत अद्भुत,अपरम्पार कहानी मिलती कहीं न एक निशानी करूँ नमन मैं बारम्बार नेता जी की जय-जयकार… …… विविध रूप धर करते…
खुद से खुद के सँवाद की लिपि को गढ़ा जाए
नववर्ष की ढेरों शुभकामनाओं के साथ एक नया प्रण लिखें समूची मानवता के उत्थान हेतु बिताया हर एक क्षण लिखें —- समय का महाकुँभ अपनी गति से निर्बाध चलता रहता है और हर साल अपने साथ अनेक खट्टी मीठी सँवेदनाएँ और जीवन रूपी महासागर में आए मानसिक प्रदूषण की लहरों का कुछ कचरा भी अपने…
मैं नारी हूँ
मैं नारी हूँ गर्व करूँ, या खुद से ही डर जाऊँ मैं। डर के साये में मैं जीती, क्या खुद ही मर जाऊँ मैं।। बेटी हो जाए घर में, उसे बोझ समझ के पाला है। खुशियाँ जब आती घर में, हो जाए एक लाला है।। क्या किस्मत पाई नारी,बचपन से ही हीन हुई। देख के…
