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पीड़ा : वंदना भार्गव

सबने तुझको ठुकराई है । जब तू पास मेरे आई है ।। आजा तुझको गले लगा कर। पीड़ा आज पुरस्कृत  कर दू।। साथी पाने की चाहत में । घूम रही क्यों सबके पीछे।। तुझसे भाग रहा जग सारा ।  आ तुझमें आकर्षण भर दूं।। अरी तिरस्कत ओ दुखियारी । आजा मेरी राज दुलारी ।। तेरी…

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दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखपुर में  भीम प्रसाद प्रजापति के दो काव्य कृतियों का लोकार्पण

गोरखपुर। संगम सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14-12-25 दिन रविवार को महाविद्यालय सभागार में कवि श्री भीम प्रसाद प्रजापति की काव्य कृतियों ‘अनजाने पथ’ एवं ‘चाँद का बगीचा’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. रामदेव शुक्ल ने…

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भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वाधान में विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ ‘एक शाम मां के नाम’

पिलखुवा, भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वधान में एक विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ कार्यक्रम के संयोजक| वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार| डॉ वागीश दिनकर ने की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान से सोहन लाल शर्मा प्रेम रहे।आज के कार्यक्रम का…

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पर्यटन ,दर्शनीय स्थलों पर जाकर सुकून महसूस करें

मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के धार जिले के विकासखंड बाग़ के समीप लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर 5 वी -7 वी सदी में निर्मित 12 बौद्ध गुफाएं है । इनकी बनावट अजंता -एलोरा ,श्रीलंका ,बौद्ध गुफा की लगभग एक समान है । गुफाओं में मूर्तियां ,लाइट रिफ्लेक्टिंग पेंटिंग आकर्षकता का केंद्र है ।यहाँ पर…

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भारत ने विदेशी जमीन पर फंसे अपनों को बचाने के लिए चलाए हैं कई बड़े अभियान, जानें कब और क्या रही रणनीति

आपदा के वक्त में विदेशी जमीन पर फंसे अपने को बचाने का भारत का एक लंबा इतिहास रहा है। किसी भी परिस्थिति में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी के बीच सोशल मीडिया पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है। यह ट्वीट वर्ष 2017…

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घुटन (कहानी) – डॉक्टर सरला ‘सिनिग्धा’

           मैम मैं भी बहुत लिखती थी । किसी भी घटना को कलमबद्ध कर लिया करती थी । कुछ कहानियाँ व कविताएँ भी लिखी थीं,पर मेरे घर में कुछ भी अपना व्यक्तिगत नहीं है ।             मतलब ?मैं कुछ अनजान सी छेड़ते हुए बीच में बोल पड़़ी ।        मतलब कोई किसी की भी डायरी…

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देशप्रेम

निशि  मुझे आज ही जाना होगा , जल्दी से तैयारी करा दो ।” समर बोला।        “कैसे ,अभी कल ही तो आते हो और आज फिर जाना है ?” निशि का चेहरा उदास हो गया।    “यही तो हमारी वर्दी का कमाल है ,जब चाहे तब बुलावा आ जाता है । आखिर जिम्मेदारी भी तो…

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हृदय के मोती

डॉ उषा किरण (पूर्वी चंपारण, बिहार ) निशा नहाती ज्योत्सना में,        मुग्ध सी कुछ हो रही है।              उद्वेलित होते अंतर में ,               नूतन सी कुछ बो रही है। कुछ कोलाहल हो रहे हैं,       दूर अंबर के प्रांगण में।         आज फिर लहरा उठा है,           कल्पतरु मन के आँगन में। हास…

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बदनसीब किसान की व्यथा

डॉक्टर सुधीर सिंह बदनसीब किसान की व्यथा की कहानी सुनें,‘कोरोना’से ज्यादा ही जिसमें पीड़ा व भय है.लॉकडाउन में रहने से कोरोना नहीं सटता है,तैयार फसल की बर्बादी बिना छुए देता दर्द है. बेमौसमआँधी-तूफान,बारिश वओलावृष्टि ने,किसान के भविष्य को खाली कर चल दिया.खेत के मेढ़ पर पड़े हुए मजबूर किसान को,जार-बेजार रोने के लिए अकेला  छोड़…

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