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इन्द्रधनुषी रंगो और उमंगों का पर्व है होली -लाल बिहारी लाल

भारत में फागुन महीने के पूर्णिंमा या पूर्णमासी के दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाने वाला विविध रंगों से भरा हुआ हिदुओं का एक प्रमुख त्योहार है-होली।होली का वृहद मायने ही पवित्र है। पौरानिक मान्यताओं के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा के दिन ही भगवान कृष्ण बाल्य काल में राक्षसणी पुतना का बध किया था…

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कुर्सी की लालसा में सियासी हलचल

राजनीतिक सफरनामा                      (कुशलेन्द्र श्रीवास्तव) देश के कई राज्यों में हलचल है । यह हलचल कुर्सी के लिए है । समाजसेवा का लबादा ओढ़कर सत्ता के रसगुल्ले खाने की लालच से ग्रसित कतिपय लोगों ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है । पश्चिम बंगाल में मुकुन्द राय ने टीएमसी के सत्ता पर काबिज होते ही पाला…

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पर्यटन ,दर्शनीय स्थलों पर जाकर सुकून महसूस करें

मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के धार जिले के विकासखंड बाग़ के समीप लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर 5 वी -7 वी सदी में निर्मित 12 बौद्ध गुफाएं है । इनकी बनावट अजंता -एलोरा ,श्रीलंका ,बौद्ध गुफा की लगभग एक समान है । गुफाओं में मूर्तियां ,लाइट रिफ्लेक्टिंग पेंटिंग आकर्षकता का केंद्र है ।यहाँ पर…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

आप सभी को 74वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !हम प्रत्येक वर्ष यह दिवस बड़ी धूमधाम से मनाते आ रहे हैं। इस बार कोरोना काल में बंदिशों तथा सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए मनाया गया। दिवस आता है और बीत जाता है। आज हमें 74ं वर्ष हो गये। प्रधानमंत्री जी ने…

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पुस्तक गोष्ठी मंडल, एमिटी विश्वविद्यालय तथा अनुराधा प्रकाशन, दिल्ली द्वारा काव्योत्सव का आयोजन

पुस्तक गोष्ठी मंडल, एमिटी विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा एवं अनुराधा प्रकाशन के सयुंक्त तत्त्वावधान में ‘प्रथम संस्करण: हिंदी पखवाड़ा काव्योत्सव 2022 (14 सितम्बरसे 6 अक्तूबर)’ का समापन समारोह दिनांक 7 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के प्रबंधन सभागार में आयोजित किया गया, साथ ही इसे ऑनलाइन ज़ूम, यूट्यूब, वफेसबुक पर प्रसारित किया गया। आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी…

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हर घर तिरंगा अभियान और देशभक्ति के मायने

नागरिकों के सुरक्षित और समृद्धशाली जीवन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है; उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और समृद्धि का होना। इसलिए क्या आपको हर घर तिरंगा फहराने के साथ-साथ हर घर रोजगार की आवश्यकता ज्यादा नहीं लग रही है ? आज  आजादी के 75 साल बाद भी देश के नौजवान बेरोजगारी के चलते आत्महत्या करने को…

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दादी का दर्द

हंसो दादी लगभग 70 वर्ष की थीं।वह अपने पोते के साथ शहर में एक छोटे से मकान में रहती थीं।जिसमें एक ही कमरा था।दादी के साथ उनका पोता निखिल रहता था। वह अपने बेटे बहू को खो चुकी थीं।दादी को कुछ पैसे पति की पेंशन से मिलते थे।दादी कीपैड मोबाइल चलाया करती थीं।निखिल की जिद…

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पहचान : शशि महाजन

आज मेरा पहला उपन्यास छप कर आया है , इसे मैंने पापा को समर्पित किया है , जो हूँ आज उन्हीं की वजह से हूँ। यूँ तो कुछ साल पहले तक मैं उनसे नफरत करता था , उन्हें पापा भी नहीं कहता था , कोशिश करता था कि उनसे बात ही न करनी पड़े ,…

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गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक

(13 जुलाई जयंती विशेष)  *गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक* सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के पुत्र गुरु दक्ष प्रजापति वेदों, यज्ञों और परिवार प्रणाली के आधार स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने अनुशासन और मर्यादा को समाज में स्थापित किया, किन्तु शिव-सती प्रसंग के माध्यम से यह भी दिखाया कि कठोरता से प्रेम मर…

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साहित्य वो कला है जो आत्मा से परमात्मा को मिलाती है तीरथ सिंह रावत

साहित्य कला भारतीय संस्कृति को समर्पित उत्तराखंड की जिया साहित्य कुटुंब संस्था की ओर से राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि देव भूमि मैं देश के अलग-अलग हिस्सों से कलम कारों को बुलाकर साहित्य और सम्मान समारोह आयोजित करना एक बड़ी बात है और देव भूमि की…

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