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रक्तदान शिविर

रक्तदान शिविर लगाने की तैयारी चल रही थी। छुट भैया नेता जोर शोर से प्रचार प्रसार कर रहे थे। सभी से अपील की जा रही थी कि ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें जिससे अधिक से अधिक लोगों का जीवन बच सके। स्कूल के बच्चे पोस्टर बनाकर रैली निकालने की तैयारी कर रहे थे। नेताजी…

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तेरा क्या होगा कालिया…… ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

‘‘तेरा क्या होगा कालिया’’ कोई कह नहीं रहा है पर कहता हुआ सा दिखाई दे रहा है । चुनाव चल रहे हैं और चुनाव में ‘‘बोल वचन’’ भी चल रहे हैं और बोल वचनों का अंत ऐसी ही सोच के साथ होता है । आदमी बोलते समय सब कुछ भूल जाता है जो मन में…

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नवरात्रि विशेष : असुर मारि थापहिं सुरन्ह, राखहिं निज श्रुति सेतु

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर सनातन में चैत्र नवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस अवधि में पूजा-पाठ के साथ-साथ सुख-समृद्धि के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। पौराणिक कथा के मुताबिक वर्ष भर में पढ़ने वाले चारों नवरात्रि में देवी का आगमन पृथ्वी लोक पर होता है, चार…

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सही परवरिश

बृजेश जी और उनकी पत्नी अनिता जी दोनों मिलजुल कर अपनी गृहस्थी चला रहे हैं। बृजेश जी एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरार हैं। स्कूल में भी बच्चों को अच्छी तरीके से पढ़ाते हैं बृजेश जी और अपने बच्चों पर भी उनकी परवरिश पर दोनों पति-पत्नी ने पूरा ध्यान दिया है। आज इन्हीं दंपति की मेहनत…

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हिन्दुस्तान

देश हमारा जान से प्यारा, प्यारी मिट्टी हिन्दुस्तान की। आंच न आने देंगे इसपर, कसम है अपने जान की। देश -प्रेम से ओतप्रोत है , देश का मेरे हरइक वासी। करते हम सम्मान सभीका, पहचान है हिन्दुस्तान की ‌। आन पर आये बात अगर , फिर खैर नहीं शैतान की। भारतमां के चरणों में हम,…

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सिविल सेवा कविता

हर कोई देखे सिविल का ख्वाब बड़ी शानो-शौकत बड़ा है नाम बेहद चुनौतीभरा इसका सफर बहुत कठिन है इसका एक्जाम। कैसे बने हम आईएएस पीसीएस कैसे बने हम अफसर अधिकारी हर अभ्यर्थी की यही है चिन्ता कैसे करें हम सिविल की तैयारी। माजिद हुसैन की पढ़ो भूगोल लक्ष्मीकान्त की राजव्यवस्था बिपिन चंद्रा का पढ़ो इतिहास…

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Dialogues on Kashmir Shaiva Darshan

PART 1 They were three friends and despite having many differences in their opinions had immense faith in one another and   remained glued to eachother .They could chat and discuss anything and everything under the sun and their conversations continued for hours and sometimes the wholenight .It was difficult for a fourth one to enter…

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आज़ादी का दिन ( लघु कथा )

        सुबह लक्ष्मी काम पर जल्दी आ गई थी। वह बड़ी शीघ्रता से काम निपटा कर जाना चाहती थी। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उसके विकलांग पुत्र राहुल को जिलाध्यक्ष महोदय की ओर से उत्कृष्टता का पुरस्कार मिलने वाला था। इस वर्ष उसने राष्ट्रीय स्तर की निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाकर जिले का…

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रामजी तुमको आना पड़ेगा

राम मंदिर बनाया है मन को,राम जी तुमको आना पड़ेगा। मेरा दिल है अयोध्या तुम्हारी,मिथिला नगरी है धड़कन हमारी।मेरी सांसों की नगरी में आकर,उम्र भर तुमको रहना पड़ेगा। आखिरी शाम जीवन की आये,मेरे प्रभु आना तुम बिन बुलाए।मेरा सर रख के गोदी में अपनी,मेरे भगवन सुलाना पड़ेगा। चार कंधों का लेकर सहारा,कैसे ढूंढ़ूगा मैं घर…

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फिरी की घोषणायें ही बन चुकी हैं आधार

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव टनल में फंसे हैं मजदूर जिनको पन्द्रह दिनों की कवायद के बाद भी नहीं निकाला जा सका । हो सकता है कि जब तक यह आलेख छपे तब तक वे निकल जायें । ईष्वर ऐसा ही करे । पर टनल में मजदूरों के फंसने और एक लम्बी कवायद ने यह तो समझा ही…

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