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इतिहास बदलते बदलते भूगोल बदल डाला,

इतिहास बदलते बदलते भूगोल बदल डाला, मोदी व शाह की जोड़ी ने माहौल बदल डाला। कुछ सिरफिरे आज भी हैं गद्दारी पे आमादा, साहस भरे कदम ने उन्हें बेनकाब कर डाला। आज देश की जीत हुयी है, राष्ट्रवादी विचारों नें काश्मीर फ़तह किया है, ये भारत मां की विजय हुयी है, आजादी के बाद से…

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मुंबई का ठाकरे और हिंदुत्व का शूटआउट !

मुंबई में शूटआउट शब्द बड़ा प्रसिद्ध है । ये शूटआउट शब्द निश्चित रूप से आपने बॉलीवुड फिल्मों में सुना होगा किन्तु जब बाला साहब ठाकरे नाम का दिग्गज मुंबई में राज करता था तब हिंदुत्व का ध्वज महाराष्ट्र के आसमान पर सबसे ऊंचाई पर लहराता था और शूटआउट शब्द केवल माहौल बिगाड़ने वाले के लिए…

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जेएनयू की साख बनी रहने दो!

जेएनयू को जनतांत्रिक शिक्षण संस्कृति के लिए जाना जाता है। जेएनयू की एक पूरी सांस्कृतिक विरासत है। जिसके निर्माण के पीछे एक विचार था देश में एक ऐसे शिक्षण संस्थान की स्थापना का जिसमें बौद्धिक खुलेपन, विकास-विवाद, सहमति-असहमति और स्वतंत्र जीवन शैली की पूरी गुंजाइश हो, जहाँ पैसे की तंगई प्रतिभाओं के आड़े न आएं।…

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श्रीराम जीवन काव्य

विधा:-दुर्मिल सवैया छंदसुत कौशलया जब राम जने,भइयों मिल चार हुये तब थे।अवधेश मिटे सब कष्ट मिले, नगरी घृत दीप जले अब थे।दरबार बॅंटे उपहार प्रजा, सचिवों नृप के मन भी खुश थे।बजती ध्वनि नूपुर गान सुना, हिजड़ों निकसे मुख आशिष थे॥ ॲंगना सब बालक खेल रहे, खुश माँ उनकीं यह देख सभी।मन चैन मिटे मुख…

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स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका एवं “हितोपदेश” का भव्य लोकार्पण

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 22 मई 2022 रविवार को हिन्दी भवन दिल्ली में स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका -आत्मा से अनंत तक” एवं “हितोपदेश” का भव्य विमोचन किया गया। स्व. करील जी बिहार (मिथिला) के एक जाने माने संत, कवि,लेखक ,शिक्षाविद एवं समाजसेवक रहे हैं। उनकी पूर्व रचना “करील कादम्बिनी”…

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डॉ कौशिक को एक और इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्डस घोषित

यूसीऐसकेएम स्कूल के प्राचार्य डॉ प्रभात कौशिक द्वारा लिखित व  हाल ही में प्रकाशित लीगली अपराइट : शिक्षा प्रबंधन  पर न्यायालयों के फैसलों के प्रभाव पुस्तक ने इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड के लिए एक और कीर्तिमान स्थापित किया है | इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स द्वारा इस पुस्तक का चयन 9 सितम्बर को दिल्ली में हुई…

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“कलबूत” – वंदना गर्ग

अरे वाह! आ गई आपवेलकम! वेलकम!कुशन की टेक लगाकर आराम से बैठीऐ (मनोवैज्ञानिक ने मुस्कुराते हुए आदर भाव से कहा)मैं चाय वाय का इंतजाम करती हूं, मौसम भी अच्छा हुआ है,सच्च पूछो तो मॉनसून की बात ही अलग होती है, है ना!क्या कहती हैं आप?हां बिलकुल , ठीक कहा!हर मौसम का लुत्फ ही अलग होता…

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Forty Second amendment in the Constitution of India and Biodiversity Conservation in the Perspective of 21ST CENTURY.

Dr. Jolly Garg, Associate Professor and Head, Department of Botany, D.A.K.P.G. College, Moradabad, U.P. India. mob. no. 9411683385. Email : drjollygarg@gmail.com The 20th century was marked by both the recognition and creation of array of environmental problems viz. deforestation, climate change, green house effect, Pollution, Sea acidification etc. Subsequently 21st century is bound to bear…

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गांठे अंतर्मन की

जब से रेनू के देवर का रिश्ता तय हुआ था, रेनू के व्यवहार में एकदम परिवर्तन आ गया। देवरानी के लिए हो रही तैयारियों को देखकर उसके मन में जलन उत्पन्न होती। हर वक्त अपने समय की तुलना करती। घर में कलेश तक काटने लगती। उसका पति शाम को थका हारा घर आता। रेनू उसे…

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हर गली में एक निर्भया है

कितना मुश्किल है इस दुनिया में औरत हो पाना कदम कदम पे परखे जाना जाना अपने आप को पवित्र दिखाना। यह परख, यह परीक्षा जो कभी खत्म नहीं होती।  क्यों एक बलात्कार में सिर्फ औरत ही है इज्जत खोती क्यों वजूद उसका इतना दबाया जाता है । लोग क्या कहेंगे कहकर चुप कराया जाता है…

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