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दर्द ए आरक्षण (सुनील शर्मा)

लोकतंत्र में राजतंत्र का ही पलड़ा भारी है!कोई भी हो सत्ताधारी वोटों का व्यापारी है!!रोजगार के चक्कर में सड़कों पर युवा भटकते हैं!जब भी हक की बात करो आंखों के बीच खटकते हैं!!पढ़ लिख कर जो ख्वाब थे देखें सारे चकनाचूर हुए!कुछ आरक्षण की चक्की में पीसने को मजबूर हुए!!राजतंत्र के आगे देखो लोकतंत्र ही…

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ग़ज़ल

इस नये साल पर दें तुम्हें क्या बधाइयाँ। हर सिम्त हैं चीखें-पुकार, ग़म- रुलाइयाँ। हम जायें किधर इधर कुंआ, उधर खाइयाँ गुमराह हो गयी हैं हमारी अगुआइयाँ। काबिज़ हैं ओहदों पर तंग़ज़हन ताक़तें, हथिया रहीं सम्मान सभी अब मक्कारियाँ। ईमानदारियों की पूछ- परख है कहाँ, मेहनत को भी हासिल नहीं हैं कामयाबियां। माँ,  बहन, बेटियों…

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राष्ट्र गौरव को द्विगुणित करता वैदिक और वैज्ञानिक शिक्षा का स्वरूप।

(राष्ट्र निर्माण में वैदिक शिक्षा ,ज्ञान की समीचीन भूमिका) भारत में प्रागैतिहासिक वैदिक तथा सनातनी शिक्षा तथा ज्ञान का स्वरूप बड़ा ही विस्तृत है। भारत को भारतवर्ष भी आदिकाल की सांस्कृतिक शिक्षा और विशाल ज्ञान के भरपूर स्रोतों के कारण ही कहा जाता रहा है। भारत के ऋषि, मुनि, गौतम और अनेक संस्कृत के शिक्षकों…

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युद्ध के विनाश से सहमा विश्व

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवइजराल-अमेरिका और ईरान का युद्ध अब विभीषिका बनता जा रहा है । लगभग एक माह से चल रहे इस युद्ध ने अब सम्पूर्ण विश्व पटल को सहमा दिया है । युद्ध क्यों हो रहा है इसे कोई सम ही नहीं पा रहा है पर इसके दुष्पिरिणामों से जनसमुदाय परेशान अवश्य है…

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सिसकती भारत माँ

तकनीकी व विज्ञानं अग्रसर करते भारत को नव वर्ष २०२३ की शुभ कामनायें (गंगा मैया के मेलेपन का निवारण करते शहीद का जो असमय ही छोड़ गया) सिसकती होगी भIरत माँ भी अपने शहीद ऐकला चलो भारतीय अन्वेषक पर जिसने अपना सारा जीवन त्याग दिया निस्वार्थ रूप तपस्वी बन उसकी सेवा कर खायी थी कसम…

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किंडरजॉय प्लेवे स्कूल, ने उत्साह व चाव से लोहरी का त्यौहार मनाया

जनकपुरी, लाजवंती, सागरपुर, नांगल राया तथा आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए खुशखबरी है कि अपने क्षेत्र में असीम पब्लिक स्कूल (डी-1 जनकपुरी में) पिछले 35 वर्षों से छोटे बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित, एवं संस्कारी अध्यापकों की देखरेख में स्कूल के बच्चों को पनपाकर आगे बढ़ने में मदद करते आ रहा है.  श्रीमती मंजु कत्याल जी…

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दीपावली

            ” माँ आज भी ज्यादा दीये नही बिके ।”ठेले को किनारे लगाते हुए अशोक उदास होकर बोला ।     माँ ने उसे सांत्वना देते हुए कहा,” अरे कल बिक जायेंगे,क्यों परेशान हो रहा है ? देख मेरे भी दीये ज्यादा नहीं बिके हैं।”माँ बेटे को समझा तो रही थी पर मन ही मन बुरे…

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धरा रुपी मां को बचाने के लिए लाल को आगे आना ही होगा- लाल बिहारी लाल

देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायी और इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया। और उनके समर्थन में जानेमाने फिल्म और…

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आज की आवाज

शोषित पीड़ित की ढाल था जो, अब समुदायों की ढाल बना। अल्पसंख्यक का हार बना, यह देश के हित जंजाल बना।। कानून को ढाल बनाकर के, तुम अपने निज़ हित साध रहे। स्वारथ में इतने डूब गए, कर देश को तुम बर्बाद रहे।। याद करो कुछ पिछली भी, हम क्या सह कर के आए हैं।…

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बाल मजदूरी

माँ शारदे को सादर नमन बिषय:-बाल मजदूरी विधा:-काव्य सृजन तुम्हें गमगीन कर देंगे, गरीबों के ये आशियाने। थामकर दिल वहाँ जाना, मिलेंगे त्रस्त दीवाने।॥ ना होंगे पात्र भंडारण, अभावों से भरा जीवन। जरूरतें भी नहीं ज्यादा, ख्वाबों से विमुख मन॥ बडा़ परिवार एक कारण, अशिक्षा से भरा दामन। व्यस्त रहते भरण पोषण, दीनता इनका आभूषण॥…

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