Latest Updates

महात्मा गांधी और भारत की साझा राष्ट्रीय चेतना का विचार : मनजीत सिंह

महात्मा गांधी मूलतः एक जननेता थे—ऐसे नेता, जिन्होंने लोकतांत्रिक और क्रांतिकारी राजनीति को अमल में उतारकर दिखाया। उनका राजनीतिक जीवन किसी एक विचारधारा या सीमित दायरे में क़ैद नहीं था, बल्कि उसमें समग्रता, परस्पर-संबद्धता और रणनीतिक सूझ-बूझ साफ़ दिखाई देती है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उनके लिए केवल एक राजनीतिक संस्था नहीं, बल्कि क़ौम और वतन…

Read More

चिन्तन शिविर से  उपजे सवाल

राजनीतिक सफरनामा                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मई की तपती दुपहरी और राजस्थान की मरू भूमि पर कांग्रेस का चिन्तन शिविर आयोजित किया । कांग्रेस को वैसे भी चिन्ता और चिन्तन दोनों की आवश्यकता तो है । उनके अपने ही सदस्यों ने चिन्ता व्यक्त की और हाईकमान ने चिन्तन शिविर लगा दिया ‘‘आओ हम मिलकर चिन्तन करें’’…

Read More

मोदी सरकार के कुछ अनसुलझे कदम !

हाल ही मे एन आर सी एक ऐसा मुद्दा रहा जिस पर ओवैसी और बदरुद्दीन अजमल जैसे दंगापसन्द  लोगो को बोलने का मौका मिल गया । एन आर सी जैसे कदम वाकई उचित और देशहित मे है । ये हर राज्य मे लागू होना ही चाहिए । किन्तु ऐसे अन्य कई फैसले जो मोदी सरकार…

Read More

तन

मत कर तन का घमंडये तन तो नश्वर हैहंसखेल कर पूरी करले जीवन यात्राइस तन को एक दिन मिट्टी में मिल जाना है | मत भटक दर-दरमिलना और बिछुड़नासृष्टि का यही नियम है | आत्मा सुखमय तो सारा जग सुखमयसुख-दु:ख दिन रात का खेलसुख बाहर नहीं,छिपा बैठा है स्वयं के ही भीतर | इच्छाओं को…

Read More

मतदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न किए जाने हेतु अभियान

मतदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न किए जाने हेतु अभियान हरी नगर विधानसभा निर्वाचन 2025 अंतर्गत महिलाओं ,युवाओं व वरिष्ठ नागरिकों के प्रति जागरूकता उत्पन्न के किए जाने हैं हेतु सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम और डी एम ऑफिस की टीम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान (ट्रस्ट)के विद्यार्थियों ने…

Read More

यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं,

यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं, उसे अच्छा लगते रहने को बरक़रार रखने के लिए भी, बहुत सी चीजों का साथ चाहिए जैसे- मौसम का साथ,मिज़ाज का साथ,साथियों का साथ,माहौल , तालुक्कात,रवायत और दिल में ढेर सारा प्यार और जज़्बा……… आसान तो नहीं सब कुछ पा लेना आसान बनाना पड़ता है कभी अन्दाज़…

Read More

हंगामा करना बन गया है परिपाटी

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सांसदों और विधायकों का ससंद या विधानसभा के अंदर किया जाने वाला व्यवहार अब आम व्यक्तियों को भी अखरने लगा है । वित कुछ वर्षों से यह परिपाटी सी बनती जा रही है कि जब भी संसद का या विधानसभा का सत्र प्रारंभ होगा तब ही विपक्ष हंगामा करेगा ।…

Read More

अटल जी की चौथी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी में  “भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी” पर अनुसंधान कार्य पूर्ण करने वाली यूनिवर्सिटी की पहली शोधार्थी बनी लेखिका नीरू मोहन ’वागीश्वरी’ एक ध्रुवतारा अमर… प्रकाश था अलौकिक,छिप गया है बदलों की ओट में ।अटल था वाणी से, कर्तव्यों से न डिगा था ,कर्मयोगी था वह …कलम का पुजारी ।वरिष्ठ लेखिका, कवयित्री नीरू मोहन…

Read More

आखिर क्यों बदल रहे हैं मनोभाव और टूट रहे परिवार?

भौतिकवादी युग में एक-दूसरे की सुख-सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा ने मन के रिश्तों को झुलसा दिया है. कच्चे से पक्के होते घरों की ऊँची दीवारों ने आपसी वार्तालाप को लुप्त कर दिया है. पत्थर होते हर आंगन में फ़ूट-कलह का नंगा नाच हो रहा है. आपसी मतभेदों ने गहरे मन भेद कर दिए है. बड़े-बुजुर्गों की…

Read More

बजट

बजट के माध्यम से बढेगी गरीबों,मजदूरों, किसानो और महिलाओ की शक्ति सभी क्षेत्रों में योजनाओं से होगी वृद्धि राष्ट्र की बढेगी आर्थिक समृद्धि । अमीरो की हाय-हाय गरीबों का सौभाग्य अतिरिक्त टैक्स चार प्रतिशत गरीबों के लिए लाएगा अनेक वित्तीय उपहार। टेक्स स्लैब में बदलाव नहीं पाँच लाख आमदनी वालो को टैक्स देने का अधिकार…

Read More