सिसकते मानव अंश
शहर का सारा कूड़ा एक बड़े सुनसान इलाके में इकट्ठा किया जाता है। जहां कूड़े के पहाड़ बन गए हैं। उसी कूड़े में पड़े हुए कुछ मानव भ्रूण सिसक रहे हैं। एक दूसरे से बात करके अपना मन कुछ हल्का कर रहे हैं। एक कन्या भ्रूण दूसरी कन्या भ्रूण से बात करते हुए कहती है…
